जी-7 शिखर सम्मेलन में पहली बार शामिल होंगी जापान की पीएम ताकाइची, ऊर्जा सुरक्षा पर तीन अहम प्रस्ताव
सारांश
मुख्य बातें
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए फ्रांस रवाना हो गई हैं। यह उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद पहला जी-7 समिट है, जिसमें वे जापान की ओर से ऊर्जा सुरक्षा, आवश्यक खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े तीन प्रमुख प्रस्ताव रखेंगी। यूरोप रवानगी से पहले 11 जून को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने इस यात्रा की रूपरेखा साझा की।
यूरोप दौरे का कार्यक्रम
पीएम ताकाइची फ्रांस में जी-7 समिट के अलावा ब्रिटेन और इटली की भी यात्रा करेंगी। ब्रिटेन में वे प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और इटली में प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। इन बैठकों में पूर्वी एशिया, मध्य पूर्व और यूक्रेन की भू-राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होने की उम्मीद है।
दोनों देशों के साथ अलग-अलग बातचीत में सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, अर्धचालक और अपतटीय पवन ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग गहरा करने पर विस्तृत विचार-विमर्श होने की संभावना है।
एक्स पर पीएम ताकाइची का संदेश
यूरोप रवाना होने से पहले पीएम ताकाइची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "यह मेरा पहला जी-7 समिट होगा, लेकिन एवियन समिट में, मिडिल ईस्ट, यूक्रेन और हिंद-प्रशांत में भू-राजनीतिक संकटों को सुलझाने के अलावा मैं सभी नेताओं के साथ अन्य जरूरी मुद्दों पर भी खुलकर बातचीत करने की उम्मीद कर रही हूं।" उन्होंने यह भी कहा कि हिंद-प्रशांत के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए वे जापान की नीतियों और पहलों को सक्रिय रूप से वैश्विक मंच पर रखेंगी।
जापान के तीन प्रमुख प्रस्ताव
जी-7 शिखर सम्मेलन में जापान ऊर्जा सुरक्षा से संबंधित तीन प्रस्ताव पेश करेगा।
पहला — गलत निर्यात प्रतिबंधों का विरोध करने और उनसे निपटने के लिए जी-7 सदस्य देशों के साथ समन्वित कार्रवाई। दूसरा — एशिया जैसे क्षेत्रों में तेल भंडार को मज़बूत करना और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के साथ तालमेल बढ़ाना। तीसरा — जबरदस्ती की व्यापारिक कार्रवाइयों को बेअसर करने के लिए तेल उत्पादक और उपभोक्ता देशों के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करना।
पीएम ताकाइची के अनुसार, इन तीन प्रस्तावों के ज़रिए जापान अंतरराष्ट्रीय समुदाय में 'पावर एशिया' पहल का नेतृत्व करने के अपने दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगा।
आवश्यक खनिजों पर संयुक्त भंडारण ढाँचे का प्रस्ताव
ऊर्जा प्रस्तावों के अलावा जापान एक संयुक्त स्टॉकपाइलिंग सहयोग ढाँचे (Joint Stockpiling Cooperation Framework) का भी प्रस्ताव रखने की योजना बना रहा है। इस प्रस्ताव के तहत जापान जी-7 देशों में आवश्यक खनिजों के भंडारण प्रणाली स्थापित करने में मदद करेगा और उन प्रणालियों के बीच परस्पर संपर्क को बढ़ावा देगा। यह पहल मध्य पूर्व की अस्थिर परिस्थितियों को देखते हुए आपूर्ति श्रृंखला की मज़बूती सुनिश्चित करने के व्यापक उद्देश्य का हिस्सा है।
आगे की राह
जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम ताकाइची की यह पहली उपस्थिति जापान के लिए कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। मुक्त व्यापार, कानून के शासन पर आधारित ऊर्जा सुरक्षा और बाज़ार स्थिरीकरण के लिए सहयोग पर उनका ज़ोर यह संकेत देता है कि टोक्यो वैश्विक ऊर्जा व्यवस्था में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है।