मंगलुरु रैगिंग कांड: श्रीनिवास यूनिवर्सिटी के 9 सीनियर छात्रों पर FIR, अपहरण और बेल्ट से पिटाई का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
मंगलुरु की श्रीनिवास यूनिवर्सिटी में रैगिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें मंगलुरु साउथ पुलिस ने 9 सीनियर छात्रों के खिलाफ 23 सितंबर 2026 को प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि इन छात्रों ने 19 अगस्त को बीबीए पोर्ट शिपिंग लॉजिस्टिक्स के फर्स्ट ईयर के दो छात्रों का अपहरण कर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की और जानलेवा हथियारों का इस्तेमाल किया। पीड़ित दोनों छात्र केरल के निवासी हैं और पांडेश्वर स्थित कॉलेज परिसर में पढ़ते हैं।
घटनाक्रम: कैसे हुई रैगिंग
शिकायत के अनुसार, यह घटना 19 अगस्त को दोपहर 3 बजकर 19 मिनट से शाम 6 बजे के बीच हुई। पीड़ित छात्र कॉलेज के बाहर घूम रहे थे, तभी आरोपी छात्रों ने उन्हें जबरदस्ती खींचा, मोटरसाइकिल पर बिठाया और एक आवासीय कमरे में ले गए।
कमरे में पहुँचते ही आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ितों को कपड़े उतारकर सिर्फ अंडरवियर में रहने पर मजबूर किया। जब पीड़ितों ने मदद के लिए शोर मचाया, तो आरोपियों ने कथित तौर पर उनके मुँह बंद कर दिए और मारपीट शुरू कर दी।
हिंसा का स्वरूप: बेल्ट, हैंगर और नकलबस्टर का इस्तेमाल
शिकायत में दर्ज विवरण के अनुसार, आरोपी नसीद अमीर ने कथित तौर पर बेल्ट से पीड़ितों की पिटाई की, जबकि आदिल एम ने कपड़ों के हैंगर से हमला किया। बाकी आरोपियों ने हाथों से मारपीट की।
सबसे गंभीर आरोप रेहान एम.पी. पर है, जिसने कथित तौर पर लोहे के नकलबस्टर से पीड़ितों पर हमला किया और अमीर अली के सिर व गर्दन पर वार करने की कोशिश की। जब दूसरे पीड़ित अल्फाज ने बचाव की कोशिश की, तो रेहान ने कथित तौर पर उसके माथे को निशाना बनाया। शिकायत में कहा गया है कि यदि ये वार सीधे लगते, तो जानलेवा चोटें आ सकती थीं। इस दौरान आरोपी अशराक ने कथित तौर पर पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड किया।
मारपीट के बाद जब पीड़ितों ने पानी माँगा, तो आरोपी रोहन रमेश कथित तौर पर गंदा पानी ले आया और मना करने पर वह पानी उन पर डाल दिया।
धमकियाँ और लगातार उत्पीड़न
शिकायत के अनुसार, आरोपी उवैस ने पीड़ितों को जान से मारने की धमकी दी और चेतावनी दी कि यदि उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी, तो उन्हें कॉलेज परिसर में ही चाकू से काट दिया जाएगा। घटना के बाद नसीद अमीर ने कथित तौर पर कॉलेज में पीड़ितों को परेशान करना जारी रखा और उन्हें बिना दाढ़ी व बिना जूते के कक्षा में आने का निर्देश दिया।
इन धमकियों के भय से पीड़ितों ने पुलिस से संपर्क करने में देरी की। बाद में उन्होंने परिजनों को सूचित किया और 23 सितंबर 2026 को मंगलुरु साउथ पुलिस से संपर्क किया।
आरोपियों की पहचान और कानूनी कार्रवाई
पीड़ित छात्र अमीर अली की शिकायत पर जिन नौ सीनियर छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है, उनकी पहचान नसीद अमीर, आदिल एम, अशराक, अनीश, उवैस, रोहन रमेश, आदिल वी.पी., रेहान एम.पी. और शिनास के रूप में हुई है।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज करते हुए जाँच शुरू कर दी है। यह मामला उस समय ध्यान में आया है जब कर्नाटक सहित देशभर में उच्च शिक्षा संस्थानों में रैगिंग-विरोधी नियमों के क्रियान्वयन पर सवाल उठते रहे हैं।
आगे की जाँच
मंगलुरु साउथ पुलिस ने पुष्टि की है कि आरोपियों की गिरफ्तारी और वीडियो साक्ष्य की बरामदगी समेत आगे की जाँच जारी है। गौरतलब है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के रैगिंग-विरोधी नियमों के तहत संस्थान पर भी जवाबदेही तय की जा सकती है। इस मामले का परिणाम कर्नाटक के निजी विश्वविद्यालयों में रैगिंग-रोधी तंत्र की प्रभावशीलता की बड़ी परीक्षा होगी।