1 अक्टूबर 2026
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एनआरसी देश के लिए खतरनाक: सपा नेता एसटी हसन, राज्यसभा तीसरे प्रत्याशी पर भी बोले

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एनआरसी देश के लिए खतरनाक: सपा नेता एसटी हसन, राज्यसभा तीसरे प्रत्याशी पर भी बोले

सारांश

सपा नेता एसटी हसन ने एनआरसी को देश के लिए 'बहुत खतरनाक' बताया और इसकी तुलना एसआईआर के अनुभव से की। कोर कमेटी बैठक के बाद रविदास मेहरोत्रा ने आपातकाल की आलोचना की और राज्यसभा के तीसरे सपा प्रत्याशी के नाम का ऐलान बाकी बताया।

मुख्य बातें

एसटी हसन ने 1 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) एनआरसी के पूरी तरह खिलाफ है।
हसन के अनुसार एनआरसी के जरिए वही होगा जो एसआईआर में दिखा — इसे देश के लिए 'बहुत खतरनाक' बताया।
रविदास मेहरोत्रा ने 1975 के आपातकाल को 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया; 29 वर्षों के संघर्ष का उल्लेख किया।
राज्यसभा के तीसरे सपा प्रत्याशी के नाम का फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष पर छोड़ा गया; घोषणा बाकी।
मेहरोत्रा ने बताया कि सपा ने हाल ही में विधान परिषद में मुस्लिम नेता विपक्ष नियुक्त किया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता एसटी हसन ने 1 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में स्पष्ट कहा कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) इस देश के लिए अत्यंत खतरनाक साबित होगा। यह बयान सपा की कोर कमेटी की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान सामने आया।

एनआरसी पर सपा का कड़ा रुख

एसटी हसन ने कहा, 'समाजवादी पार्टी एनआरसी के खिलाफ है। एनआरसी के जरिए वही होगा, जो एसआईआर में दिखा।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'एनआरसी इस देश के लिए बहुत खतरनाक चीज होगी।' यह ऐसे समय में आया है जब एनआरसी और नागरिकता से जुड़े मुद्दे देशभर में राजनीतिक बहस के केंद्र में बने हुए हैं।

मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए हसन ने कहा कि उन्हें यह नहीं दिख रहा कि सपा ने एनडीए में सेंध लगाई है। उनका यह बयान एनडीए की एकजुटता को लेकर उठ रहे सवालों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रामदेव के बयान और मुसलमानों का मुद्दा

मुसलमानों को लेकर रामदेव के बयान पर एसटी हसन ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'मुझे समझ नहीं आता कि इस तरह के बयान बार-बार क्यों दिए जाते हैं?' गौरतलब है कि सपा लगातार अल्पसंख्यक समुदायों के हितों को लेकर मुखर रही है।

आपातकाल और लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान

स्वतंत्रता सेनानी रक्षक के सवाल पर एसटी हसन ने कहा, 'जो जेल गए थे, हम सभी उनका सम्मान करते हैं। उन लोगों का सम्मान करना परेशानी नहीं है। आपातकाल इस देश के लिए नासूर था।'

सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने 1975 के आपातकाल को लेकर कहा, 'वर्ष 1975 में देश में आपातकाल लगाया गया था। आपातकाल में लोकतंत्र की हत्या का काम किया गया था। इस दौरान जनता के मौलिक अधिकार छीन लिए गए थे। हम लोगों ने 29 वर्ष संघर्ष किया।' उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार में संविधान और लोकतंत्र की हत्या कर दी गई है — एक गंभीर आरोप जो सत्तारूढ़ दल ने अब तक स्वीकार नहीं किया है।

मेहरोत्रा ने यह भी बताया कि 1 अक्टूबर 2026 को सपा कार्यालय में लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

राज्यसभा तीसरे प्रत्याशी पर क्या बोले नेता

राज्यसभा चुनाव के लिए सपा के तीसरे प्रत्याशी के नाम को लेकर एसटी हसन ने कहा, 'तीसरे उम्मीदवार को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष जो फैसला लेंगे, वही मान्य होगा। इसके बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता।' रविदास मेहरोत्रा ने स्पष्ट किया कि तीसरे प्रत्याशी के नाम की घोषणा अभी बाकी है।

मेहरोत्रा ने कहा, 'सपा लगातार पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के लोगों को उनका हक, अधिकार, न्याय और सम्मान दिलाने के लिए संघर्ष का काम कर रही है। अभी सपा ने विधान परिषद में मुस्लिम को नेता विपक्ष बनाया है।' यह कदम सपा की सामाजिक प्रतिनिधित्व नीति को रेखांकित करता है।

आगे की राह

कोर कमेटी की बैठक के बाद इन बयानों से स्पष्ट है कि सपा राज्यसभा चुनाव, एनआरसी और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर अपनी स्थिति को और धारदार बनाने की तैयारी में है। तीसरे प्रत्याशी के नाम की घोषणा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के विवेक पर निर्भर है, और आने वाले दिनों में इस पर औपचारिक ऐलान संभव है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा नेता एसटी हसन ने एनआरसी को खतरनाक क्यों कहा?
एसटी हसन ने कहा कि एनआरसी के जरिए वही होगा जो एसआईआर में देखने को मिला, और इसे देश के लिए 'बहुत खतरनाक' बताया। समाजवादी पार्टी एनआरसी के खिलाफ अपना विरोध पहले से दर्ज करा चुकी है।
सपा के राज्यसभा तीसरे प्रत्याशी का नाम कब घोषित होगा?
रविदास मेहरोत्रा के अनुसार तीसरे प्रत्याशी के नाम की घोषणा अभी बाकी है। एसटी हसन ने स्पष्ट किया कि यह फैसला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लेंगे।
रविदास मेहरोत्रा ने आपातकाल पर क्या कहा?
मेहरोत्रा ने कहा कि 1975 में लगाए गए आपातकाल में लोकतंत्र की हत्या हुई और जनता के मौलिक अधिकार छीने गए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के लिए 29 वर्षों तक संघर्ष किया गया।
सपा ने कोर कमेटी बैठक के बाद कौन से प्रमुख मुद्दे उठाए?
एनआरसी का विरोध, आपातकाल सेनानियों का सम्मान, रामदेव के मुसलमानों पर बयान की आलोचना, और राज्यसभा तीसरे प्रत्याशी का मुद्दा — ये सभी सपा नेताओं ने 1 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में उठाए।
सपा ने विधान परिषद में किसे नेता विपक्ष बनाया?
रविदास मेहरोत्रा के अनुसार, समाजवादी पार्टी ने विधान परिषद में एक मुस्लिम नेता को नेता विपक्ष नियुक्त किया है। पार्टी ने इसे पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के प्रतिनिधित्व की नीति का हिस्सा बताया।
राष्ट्र प्रेस
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