क्या हमने विरोध प्रदर्शन करने वाले सरकारी कर्मचारियों को कभी जेल नहीं भेजा?

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क्या हमने विरोध प्रदर्शन करने वाले सरकारी कर्मचारियों को कभी जेल नहीं भेजा?

सारांश

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सरकारी कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के प्रति अपने रुख का बचाव किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने कभी भी आंदोलनकारियों को जेल नहीं भेजा और एआईएडीएमके सरकार की कठोर नीतियों की आलोचना की। इस पर सरकारी कर्मचारियों ने उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

Key Takeaways

  • स्टालिन ने सरकारी कर्मचारियों के विरोध का समर्थन किया है।
  • एआईएडीएमके की नीति की आलोचना की गई है।
  • सरकारी कर्मचारियों की 23 साल पुरानी मांग को पूरा किया गया।

चेन्नई, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गुरुवार को सरकारी कर्मचारियों और उनके विरोध आंदोलनों के प्रति डीएमके सरकार के दृष्टिकोण का मजबूती से बचाव किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी आंदोलनकारी कर्मचारियों को जेल नहीं भेजा और न ही उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए हैं।

विधानसभा सत्र के तीसरे दिन की शुरुआत मंत्रियों द्वारा सदस्यों के प्रश्नों के उत्तर देने से हुई। इस दौरान स्टालिन ने एआईएडीएमके सदस्य द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में अपनी सरकार के दृष्टिकोण की व्याख्या की।

स्टालिन ने कहा कि उनकी सरकार ने विरोध प्रदर्शन कर रहे सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कभी भी कठोर कार्रवाई नहीं की।

उन्होंने कहा कि हमने विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले सरकारी कर्मचारियों को जेल नहीं भेजा। हमने उनके खिलाफ तमिलनाडु आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (टीईएसएमए) जैसे कठोर कानूनों का उपयोग नहीं किया।

पूर्व (एआईएडीएमके) शासन की तुलना में मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एआईएडीएमके सरकार के कार्यकाल में शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार कर रात भर हिरासत में रखा गया था।

बीती घटनाओं का हवाला देते हुए स्टालिन ने याद दिलाया कि एआईएडीएमके प्रशासन के दौरान कई सरकारी कर्मचारियों को विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने के लिए गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

उन्होंने एआईएडीएमके महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी की भी आलोचना की और कहा कि सरकारी कर्मचारियों के वेतन के बारे में उनकी अपमानजनक टिप्पणियां आज भी लोगों को याद हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों ने सुनिश्चित पेंशन योजना की घोषणा का स्वागत किया है और इसे एक लंबे समय से चली आ रही मांग की पूर्ति बताया है।

उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों की यह 23 साल पुरानी मांग थी, और हमारी सरकार ने इसे पूरा किया। इसीलिए वे सचिवालय स्थित मेरे कार्यालय में आए और मिठाई भेंट की।

स्टालिन ने आगे आरोप लगाया कि कल्याणकारी उपायों के लागू होने के बाद सरकारी कर्मचारियों की खुशी से एआईएडीएमके असहज महसूस कर रही है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि स्टालिन का बयान सरकारी कर्मचारियों के प्रति सहानुभूति दर्शाता है, जो आज के राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण है। यह दर्शाता है कि सरकारें अपने कर्मचारियों के प्रति कितनी संवेदनशील हैं।
NationPress
22/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या स्टालिन ने सरकारी कर्मचारियों के विरोध को समर्थन दिया?
हाँ, स्टालिन ने कहा कि उनकी सरकार ने कभी भी आंदोलनकारी कर्मचारियों को जेल नहीं भेजा।
कौन सी योजना सरकारी कर्मचारियों ने स्वागत किया?
सरकारी कर्मचारियों ने सुनिश्चित पेंशन योजना की घोषणा का स्वागत किया।
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