श्रीलंका में टीबी के नए मामलों की बढ़ती संख्या: हर साल 9,500 तक

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श्रीलंका में टीबी के नए मामलों की बढ़ती संख्या: हर साल 9,500 तक

सारांश

श्रीलंका में टीबी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, जहाँ हर साल 8,500 से 9,500 नए मामले सामने आते हैं। स्वास्थ्य अधिकारी इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं।

मुख्य बातें

श्रीलंका में हर साल 8,500 से 9,500 टीबी के मामले सामने आते हैं।
लगभग 75 प्रतिशत मरीजों को फेफड़ों की टीबी है।
टीबी एक संक्रामक बीमारी है।
टीबी का इलाज एंटीबायोटिक्स से होता है।
बच्चों को बीसीजी वैक्सीन दी जाती है।

कोलंबो, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नेशनल प्रोग्राम फॉर ट्यूबरकुलोसिस कंट्रोल एंड चेस्ट डिजीज (एनपीटीसीसीडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि श्रीलंका में हर साल 8,500 से 9,500 नए टीबी के मामले सामने आते हैं।

वर्ष 2025 में देश में 8,726 टीबी मरीजों की पहचान की गई। एनपीटीसीसीडी की चिकित्सक ने कहा कि लगभग 75 प्रतिशत मरीजों को फेफड़ों की टीबी थी, जबकि लगभग 5,500 मरीजों में ऐसे बैक्टीरिया पाए गए जो दूसरों के लिए संक्रमण फैलाने वाले थे।

उन्होंने बताया कि लगभग 45 प्रतिशत टीबी के मामले देश के पश्चिमी क्षेत्र से रिपोर्ट किए जाते हैं। कोलंबो जिले के अनेक घनी बस्तियों में टीबी के मामले अधिक हैं, जैसे मोडारा, मट्टाकुलिया, बोरेला, वनाथमुल्ला और ग्रैंडपास।

सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, चिकित्सक ने कहा कि अगले वर्ष लगभग 500 मामलों में कमी की उम्मीद की जा रही है।

टीबी एक संक्रामक बीमारी है जो बैक्टीरिया के कारण होती है और यह मुख्यतः फेफड़ों को प्रभावित करती है। यह तब फैलती है जब टीबी से पीड़ित व्यक्ति खांसता, छींकता या थूकता है।

टीबी को रोका जा सकता है और इसका उपचार संभव है।

अनुमान है कि दुनिया की लगभग एक चौथाई जनसंख्या टीबी बैक्टीरिया से संक्रमित है। सामान्यतः, टीबी से संक्रमित लोग बीमार महसूस नहीं करते और वे छूत की बीमारी नहीं फैलाते। टीबी से संक्रमित लगभग 5–10 प्रतिशत व्यक्तियों में लक्षण तब प्रकट होते हैं जब वे टीबी की गिरफ्त में आ जाते हैं। यदि बच्चे संक्रमित होते हैं, तो उन्हें बीमार होने का जोखिम अधिक होता है।

बीमारियों का उपचार आमतौर पर एंटीबायोटिक्स से किया जाता है और यदि इलाज न किया जाए तो यह जानलेवा हो सकती है।

कुछ देशों में, टीबी से बचाव के लिए बच्चों को बैसिल कैलमेट-गुएरिन (बीसीजी) वैक्सीन दी जाती है। यह वैक्सीन टीबी से होने वाली मौतों को रोकती है और बच्चों को टीबी के गंभीर रूपों से बचाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीबी का इलाज कैसे किया जाता है?
टीबी का उपचार आमतौर पर एंटीबायोटिक्स से किया जाता है।
क्या टीबी से बचाव संभव है?
हाँ, टीबी से बचाव के लिए बच्चों को बीसीजी वैक्सीन दी जाती है।
टीबी के लक्षण क्या हैं?
टीबी के लक्षणों में खांसी, बुखार, और वजन में कमी शामिल हो सकते हैं।
क्या टीबी जानलेवा हो सकती है?
हां, अगर टीबी का इलाज न किया जाए तो यह जानलेवा हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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