क्या बिहार में सुपौल में गणतंत्र दिवस समारोह में 'जिन्ना समर्थित' नारे लगाने पर शिक्षक गिरफ्तार हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- गणतंत्र दिवस पर जिन्ना के समर्थन में नारे लगाना गंभीर अपराध है।
- शिक्षकों को बच्चों में राष्ट्रीयता की भावना विकसित करनी चाहिए।
- पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।
- सोशल मीडिया पर वायरल होने से घटना की गंभीरता बढ़ी।
- स्थानीय निवासियों में आक्रोश व्याप्त है।
पटना, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के सुपौल जिले में एक चिंताजनक घटना सामने आई है। गणतंत्र दिवस के ध्वजारोहण समारोह के दौरान पाकिस्तान के पहले गवर्नर जनरल मोहम्मद अली जिन्ना के समर्थन में नारे लगाने के आरोप में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को गिरफ्तार किया गया है।
यह घटना किशनगंज ब्लॉक के अभुवार हाई स्कूल में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान घटी।
आरोपी की पहचान स्कूल के शिक्षक मोहम्मद मंसूर आलम के रूप में हुई है।
सूत्रों के अनुसार, ध्वजारोहण समारोह के दौरान शिक्षक ने कथित तौर पर 'जिन्ना अमर रहें' के नारे लगाए।
इस घटना को मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड किया गया था और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया है।
समारोह में उपस्थित शिक्षकों, छात्रों और अन्य लोगों ने तुरंत नारों का विरोध किया। घटना के बाद, स्कूल के प्रधानाध्यापक ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
जांच के दौरान, कई छात्रों ने अपने बयान दर्ज कराए और पुष्टि की कि शिक्षक ने ही विवादित नारे लगाए थे।
छात्रों ने आरोप लगाया कि शिक्षक ने 'जन्नत पाकिस्तान में है' जैसे नारे लगाए और समारोह के दौरान बच्चों से 'जिन्ना जिंदाबाद' के नारे लगवाने का प्रयास किया।
छात्रों के अनुसार, शिक्षक द्वारा लगाए गए नारों में 'बापू जिंदाबाद, जिन्ना जिंदाबाद, भगत सिंह जिंदाबाद, और इंकलाब जिंदाबाद' शामिल थे।
शिकायत और उपलब्ध सबूतों के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए सुपौल के पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस ने कहा कि शिकायत और सबूतों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। राष्ट्रीय त्योहार के दौरान इस तरह की हरकतें बेहद गंभीर हैं। कानून के अनुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसपी ने आगे बताया कि गहन जांच जारी है और घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
इस घटना से स्कूल प्रशासन और स्थानीय निवासियों में व्यापक आक्रोश फैल गया है। कई लोगों ने इस कृत्य को गणतंत्र दिवस की राष्ट्रीय भावना का अपमान बताया है और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले को सख्ती से निपटा जाएगा और किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।