सुप्रिया श्रीनेत का BJP-RSS पर हमला: '53 साल तक तिरंगे का विरोध करने वालों से क्या उम्मीद'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने 16 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखे हमले बोले। उनका यह बयान सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) की 'लहरा दो तिरंगा' रैली के समर्थन में आया। श्रीनेत ने कहा कि तिरंगा फहराने से दिक्कत केवल राष्ट्रविरोधी सोच वाले लोगों को होती है।
तिरंगे पर श्रीनेत का सीधा हमला
सुप्रिया श्रीनेत ने CJP की 'लहरा दो तिरंगा' रैली का हवाला देते हुए कहा, 'यह कोई हैरानी की बात नहीं है कि जिन्होंने 53 साल तक RSS मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया और वहाँ तिरंगा फहराने की कोशिश करने वाले युवाओं को ही गिरफ्तार करवा दिया, वे अब तिरंगे का विरोध करेंगे। आज तक वही तिरंगा नागपुर के एक थाने में रखा हुआ है।' उन्होंने यह भी कहा कि इन लोगों ने दशकों तक तिरंगे को 'अशुभ' तक करार दिया था, इसलिए किसी और को तिरंगा फहराते देखना उनसे सहन नहीं होता।
जदयू विधायक के बयान पर न्यायिक संज्ञान की माँग
जनता दल (यूनाइटेड) विधायक अनंत सिंह के कथित तौर पर नौ हत्याओं में शामिल होने के बयान पर श्रीनेत ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय या किसी भी सक्षम अदालत को इस मामले का स्वतः संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ गठबंधन ऐसे नेताओं के सहारे टिका है जिन पर हत्या समेत गंभीर आपराधिक आरोप हैं और जो अपराध की बात सम्मान की तरह करते हैं।
पंजाब में नशे की समस्या पर AAP को घेरा
पंजाब में नशा-विरोधी कार्यकर्ताओं की हत्या के मसले पर श्रीनेत ने आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके नेता अरविंद केजरीवाल को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि सत्ता, संसाधन, संस्थाएँ और पंजाब पुलिस सहित तमाम नशा-विरोधी एजेंसियाँ AAP सरकार के पास थीं, फिर भी राज्य में नशे की समस्या बढ़ती रही। उनके अनुसार, दिल्ली में पुलिस न होने का बहाना पंजाब में नहीं चलता।
कांग्रेस सांसद का BJP पर 'गांधी-भय' का आरोप
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा कि BJP को 'गांधी' शब्द से डर लगता है और वह यह भी तय करना चाहती है कि किसी नागरिक का उपनाम क्या होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी को युवाओं और छात्रों से मिल रहे जनसमर्थन से BJP भयभीत है और इसीलिए वह इस तरह की हरकतें करती है। माथेर के अनुसार, यह सब सत्तारूढ़ दल की बेचैनी और डर का प्रकटीकरण है।
CJP की 'लहरा दो तिरंगा' रैली का संदेश
CJP की प्रवक्ता मेहर पसरीचा ने कहा कि रैली का मुख्य उद्देश्य यह स्थापित करना है कि राष्ट्रीय ध्वज कहाँ फहराना है, यह हर नागरिक का अधिकार है। उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर पर झंडा फहराने के कारण CJP के दो स्वयंसेवकों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया था। CJP संस्थापक अभिजीत दिपके की हिरासत पर पसरीचा ने कहा कि यह सरकार की उस आवाज़ से डर को दर्शाता है जो लोगों के सामने सच्चाई रखना चाहती है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देश में राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर राजनीतिक बहसें तेज़ हो रही हैं।