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क्या कलकत्ता हाई कोर्ट ने सुवेंदु अधिकारी को चंद्रकोना मामले में सुरक्षा दी?

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क्या कलकत्ता हाई कोर्ट ने सुवेंदु अधिकारी को चंद्रकोना मामले में सुरक्षा दी?

सारांश

क्या चंद्रकोना में हुए हमले के बाद कलकत्ता हाई कोर्ट ने सुवेंदु अधिकारी को सुरक्षा दी? जानिए इस मामले की सभी महत्वपूर्ण बातें।

मुख्य बातें

कलकत्ता हाई कोर्ट ने सुवेंदु अधिकारी को अंतरिम सुरक्षा दी।
चंद्रकोना में उनके काफिले पर हमला हुआ था।
पुलिस की शिकायत ने अधिकारी के खिलाफ तनाव फैलाने का आरोप लगाया।
जस्टिस सुव्रा घोष की बेंच ने सुनवाई की और सुरक्षा प्रदान की।
केंद्रीय गृह मंत्री ने मामले की गंभीरता को समझा।

कोलकाता, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कलकत्ता हाई कोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा के विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी को चंद्रकोना पुलिस स्टेशन (पश्चिम मिदनापुर) में उनके खिलाफ दर्ज मामले में पुलिस की जबरदस्ती कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की।

कलकत्ता हाई कोर्ट की सिंगल-जज बेंच ने अधिकारी को यह सुरक्षा 29 जनवरी तक दी है। ध्यान देने योग्य है कि इस महीने की शुरुआत में अधिकारी के काफिले पर चंद्रकोना में हमला हुआ था। इस हमले का आरोप सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर लगाया गया था, जब अधिकारी पुरुलिया से कोलकाता लौट रहे थे।

चौंकाने वाली बात यह है कि इस हमले के बावजूद चंद्रकोना पुलिस स्टेशन में अधिकारी के खिलाफ ही शिकायत दर्ज की गई, जिसमें उन पर इलाके में तनाव फैलाने का आरोप लगाया गया। अधिकारी ने पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ सुरक्षा के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट की सिंगल-जज बेंच, जस्टिस सुव्रा घोष के पास अपील की।

सिंगल-जज बेंच ने मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद अधिकारी को पुलिस की जबरदस्ती कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा दी और साथ ही पश्चिम बंगाल और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) अधिकारियों से 10 जनवरी को अधिकारी के काफिले पर हुए हमले की रिपोर्ट भी मांगी।

बुधवार को जब मामला सुनवाई के लिए आया, तो अधिकारी के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि उनके क्लाइंट को परेशान करने और अधिकारी के काफिले पर हुए हमले की मुख्य घटना से ध्यान भटकाने के लिए पुलिस शिकायत दर्ज की गई थी। जस्टिस सुव्रा घोष की बेंच ने यह दलील मान ली और विपक्ष के नेता को अंतरिम सुरक्षा दे दी।

पिछले हफ्ते, अधिकारी ने कलकत्ता हाई कोर्ट की सिंगल-जज बेंच में एक याचिका दायर की थी, जिसमें 10 जनवरी की रात चंद्रकोना में उनके काफिले पर हुए कथित हमले की सीबीआई जांच की मांग की गई थी। यह याचिका भी जस्टिस घोष की बेंच में ही दायर की गई थी।

अधिकारी के काफिले पर हुए हमले को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी गंभीरता से लिया और इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी।

अधिकारी के कार्यालय ने पहले ही हमले से जुड़े पांच वीडियो मंत्रालय को भेजे थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी व्यक्तिगत रूप से अधिकारी को फोन किया और उनके काफिले पर हुए हमले के बारे में जानकारी ली। गृह मंत्री शाह के साथ 15 मिनट की बातचीत में अधिकारी ने बताया कि चंद्रकोना में असल में क्या हुआ था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह न्यायपालिका की भूमिका और पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाता है। हमें इस मुद्दे को गहराई से समझने की आवश्यकता है ताकि हम सही दिशा में आगे बढ़ सकें।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुवेंदु अधिकारी को सुरक्षा क्यों दी गई?
उन्हें चंद्रकोना पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ दर्ज मामले में पुलिस की जबरदस्ती कार्रवाई से सुरक्षा दी गई।
चंद्रकोना में क्या हुआ था?
उनके काफिले पर हमला हुआ था, जिसे तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा अंजाम देने का आरोप लगाया गया।
अधिकारी ने कोर्ट में क्या मांग की थी?
उन्होंने 10 जनवरी के हमले की सीबीआई जांच की मांग की थी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले में क्या किया?
उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी।
राष्ट्र प्रेस
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