दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने तमिलनाडु के 84 युवाओं से की मुलाकात, युवा संगम चरण-7 को बताया राष्ट्रीय एकता का प्रतीक
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को दिल्ली सचिवालय में तमिलनाडु से आए 84 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से संवाद किया। यह दल भारत सरकार की 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' पहल के अंतर्गत आयोजित 'युवा संगम' के सातवें चरण के तहत राजधानी के दौरे पर है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि तमिलनाडु के युवाओं की उपस्थिति भारत की युवा शक्ति, ऊर्जा और असीमित संभावनाओं की जीवंत अभिव्यक्ति है।
युवा संगम: क्या है यह पहल
केंद्र सरकार की 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' योजना के तहत संचालित युवा संगम कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपरा और विकास यात्रा से परिचित कराना है। इसके सातवें चरण में तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्रों और फैकल्टी समन्वयकों का यह 84 सदस्यीय दल 26 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक दिल्ली में प्रवास कर रहा है। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' विजन का व्यावहारिक विस्तार माना जाता है।
मुख्यमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संवाद के दौरान कहा कि युवा संगम जैसे कार्यक्रम सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के साथ-साथ आपसी विश्वास, सम्मान और राष्ट्रीय एकता की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, 'भारत की असली ताकत उसकी विविधता में है — अलग-अलग भाषाएँ, खान-पान, कला और जीवनशैली देश की पहचान को समृद्ध बनाती हैं।'
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब युवा एक राज्य से दूसरे राज्य की यात्रा करते हैं, तो वे केवल पर्यटन नहीं करते — बल्कि विचारों का आदान-प्रदान करते हैं और स्थायी मित्रता व सहयोग के नए द्वार खोलते हैं।
तमिलनाडु की विरासत की सराहना
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु की सभ्यतागत विरासत की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु ने साहित्य, कला, ज्ञान परंपरा के साथ-साथ शिक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उद्योग में अद्वितीय योगदान दिया है। उन्होंने इस प्रतिनिधिमंडल को उसी गौरवशाली परंपरा का प्रतिनिधि बताया।
दिल्ली के बुनियादी ढाँचे से परिचय का निमंत्रण
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली मेट्रो नेटवर्क, इलेक्ट्रिक बसों और नई ईवी नीति को समझने के साथ-साथ राजधानी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक स्थलों का भ्रमण करने का आग्रह किया। उन्होंने छात्रों से दिल्ली को आधुनिक, स्वच्छ और जन-अनुकूल बनाने हेतु सुझाव भी माँगे।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने युवाओं को 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय संकल्प में अपने ज्ञान, कौशल और नवाचार के माध्यम से योगदान देने का आह्वान किया। गौरतलब है कि यह पहल देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच परस्पर संबंध मजबूत करने की केंद्र सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
आगे का कार्यक्रम
यह 84 सदस्यीय दल 1 नवंबर 2026 तक दिल्ली में रहेगा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्य राजधानी की शासन प्रणाली, सामुदायिक जीवन और सांस्कृतिक विविधता को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव करेंगे। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अनुरोध किया कि वे इस अनुभव को अपने परिवार, मित्रों और समुदाय के साथ साझा करें, ताकि राज्यों के बीच के संबंध और अधिक प्रगाढ़ हों।