क्या तमिलनाडु में निपाह वायरस का खौफ बढ़ रहा है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या तमिलनाडु में निपाह वायरस का खौफ बढ़ रहा है?

सारांश

तमिलनाडु ने निपाह वायरस के दो मामलों की पुष्टि के बाद अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। राज्य में स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बुखार वाले रोगियों की निगरानी करें और संक्रमण की संभावनाओं का तुरंत पता लगाएं। जानें, क्या हैं सरकार के नए कदम।

मुख्य बातें

निपाह वायरस के मामलों की पुष्टि हुई है।
राज्य में निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।
बुखार वाले मरीजों की बारीकी से निगरानी की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने एहतियाती कदम जन जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया गया है।

चेन्नई, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में निपाह वायरस के दो मामलों की पुष्टि होने के बाद, तमिलनाडु ने रोग निगरानी (डिजीज सर्विलांस) और अस्पतालों की तैयारियों को तेज कर दिया है।

भारत सरकार की सलाह पर कार्रवाई करते हुए, तमिलनाडु डायरेक्टरेट ऑफ पब्लिक हेल्थ (डीपीएच) ने सभी जिला, शहर और नगरपालिका स्वास्थ्य अधिकारियों को राज्य में तीव्र एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) की निगरानी को मजबूत करने का निर्देश दिया है।

स्वास्थ्य विभाग ने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि बुखार वाले सभी रोगियों की बारीकी से निगरानी की जाए। विशेष ध्यान उन व्यक्तियों पर दिया जाए जिनका हाल ही में पश्चिम बंगाल की यात्रा का इतिहास रहा हो या जो प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के संपर्क में आए हों।

अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में निपाह वायरस संक्रमण की संभावना के लिए तुरंत जांच की जानी चाहिए।

स्वास्थ्य मंत्री एम. सुब्रमणियन ने सोमवार को कहा कि व्यापक दिशानिर्देश और एहतियाती उपाय पहले ही सभी जिलों में वितरित किए जा चुके हैं।

जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को निगरानी तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल स्तर पर ब्लॉक चिकित्सा अधिकारियों और सभी सरकारी अस्पतालों के प्रमुखों को सतर्क रहने और संदिग्ध मामलों पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।

जन स्वास्थ्य निदेशक ए. सोमासुंदरम ने जमीनी स्तर पर तैयारियों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों और आम जनता को रोकथाम और नियंत्रण उपायों के प्रति जागरूक करने के लिए गहन जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि निगरानी को मजबूत करना, शीघ्र पता लगाना, नैदानिक प्रबंधन में सुधार करना और सभी स्वास्थ्य केंद्रों में संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण प्रथाओं का सख्ती से पालन करना आवश्यक है।

अधिकारियों ने बताया कि किसी भी संभावित प्रसार को रोकने के लिए समय पर रिपोर्टिंग महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, निपाह वायरस संक्रमित व्यक्तियों, फल चमगादड़ों या सूअरों के निकट संपर्क से मनुष्यों में फैल सकता है।

चमगादड़ के स्राव से दूषित फलों को छूने या खाने, फलों के पेड़ों पर चढ़ने, या कच्चे खजूर के रस, ताड़ी, या ताड़ी का सेवन करने से संक्रमण का खतरा हो सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निपाह वायरस क्या है?
निपाह वायरस एक संक्रामक वायरस है जो संक्रमित व्यक्तियों, चमगादड़ों या सूअरों से फैल सकता है।
इस वायरस के लक्षण क्या हैं?
इसके लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और सांस लेने में कठिनाई शामिल हो सकते हैं।
क्या निपाह वायरस का कोई इलाज है?
वर्तमान में, निपाह वायरस के लिए कोई विशेष उपचार नहीं है, लेकिन लक्षणों का उपचार किया जा सकता है।
क्या निपाह वायरस से बचाव के उपाय हैं?
हाथ धोना, संक्रमित फल या जानवरों के संपर्क से बचना और स्वास्थ्य अधिकारियों की सलाह पर अमल करना महत्वपूर्ण है।
क्या सरकार ने कोई कदम उठाए हैं?
हाँ, तमिलनाडु सरकार ने निगरानी को बढ़ाने और स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले