तेजस्वी यादव का बिहार सरकार पर हमला: 'खजाना खाली, घोटालेबाजों की जेबें भरी'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 28 जून 2026 को पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिए राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार, वित्तीय कुप्रबंधन और सरकारी योजनाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार का सरकारी खजाना खाली हो चुका है, जबकि कथित घोटालेबाजों और भ्रष्ट तत्वों को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है।
मुख्य आरोप: वेतन से लेकर पेंशन तक संसाधनों की कमी
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि राज्य सरकार के पास कर्मचारियों को समय पर वेतन देने, छात्रों को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने, पेंशनधारियों को भुगतान करने और किसानों के बकाया चुकाने तक के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर आम जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है, वहीं दूसरी ओर कथित भ्रष्टाचारियों की जेबें लगातार भरती जा रही हैं।
रिशु श्री प्रकरण और जांच पर सवाल
यादव ने रिशु श्री प्रकरण का विशेष उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि एक कथित मामूली ठेकेदार कई सरकारी विभागों के टेंडर कैसे हासिल करता रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में कथित रूप से जिम्मेदार बड़े लोगों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना था कि बिहार में बड़े वित्तीय घोटालों की न तो राज्य की जांच एजेंसियाँ और न ही केंद्रीय एजेंसियाँ गंभीरता से जांच कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि निष्पक्ष जांच हो तो कई प्रभावशाली नाम सामने आ सकते हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें 'अदूरदर्शी, अपरिपक्व और बतोलेबाज' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने आकस्मिक (इमरजेंसी) निधि से धनराशि निकाले जाने का भी उल्लेख किया। यादव ने कहा कि सरकार राज्य हित के मुद्दों पर प्रभावी निर्णय लेने में विफल रही है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की जगह कथित दोषियों को संरक्षण देना उसकी प्राथमिकता बन गई है।
सरकारी जमीन और शवदाह गृह विवाद
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यादव ने सरकारी जमीन को कथित तौर पर कम दरों पर लंबी अवधि की लीज पर दिए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बांस घाट स्थित शवदाह गृह और उससे जुड़े कर-संबंधी मामलों का हवाला देते हुए सरकार से जवाब माँगा। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में पारदर्शी और जवाबदेह शासन के लिए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और तथ्य जनता के सामने रखे जाने चाहिए।
आगे क्या
तेजस्वी यादव ने रिशु श्री प्रकरण सहित विभिन्न कथित वित्तीय अनियमितताओं पर सरकार से विस्तृत स्पष्टीकरण की माँग की है। विपक्ष के इन आरोपों पर राज्य सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है, और आने वाले दिनों में यह मामला बिहार की राजनीति में और गर्म होने के आसार हैं।