11 अगस्त 2026
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तेजस्वी यादव का बड़ा आरोप: बिहार का खजाना खाली, वेतन-पेंशन देने के भी पैसे नहीं

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तेजस्वी यादव का बड़ा आरोप: बिहार का खजाना खाली, वेतन-पेंशन देने के भी पैसे नहीं

सारांश

तेजस्वी यादव ने मंगलवार को बिहार सरकार पर सीधा हमला बोला — आरोप है कि खजाना खाली है, कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा और भ्रष्टाचार हर स्तर पर हावी है। मंत्री के 'एक-दो महीने में सुधार' वाले बयान को उन्होंने संकट की स्वीकृति करार दिया।

मुख्य बातें

तेजस्वी यादव ने 11 अगस्त को पटना में बिहार सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए।
उनके अनुसार बिहार का सरकारी खजाना पूरी तरह खाली है — ठेकेदारों के साथ-साथ कर्मचारियों को वेतन और पेंशन देने तक के पैसे नहीं।
तेजस्वी ने खुद पाँच-छह महीने तक वेतन न मिलने का उदाहरण देते हुए विधायकों-मंत्रियों की स्थिति का ज़िक्र किया।
मंत्री अशोक चौधरी के 'एक-दो महीने में सुधार' के बयान को उन्होंने संकट की स्वीकृति बताया और कहा कि सुधार में चार साल तक लग सकते हैं।
उन्होंने उर्दू-फारसी स्कूल कर्मचारियों के बकाए वेतन और राज्यव्यापी भ्रष्टाचार पर भी सवाल उठाए।

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मंगलवार, 11 अगस्त को पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान राज्य सरकार पर गंभीर वित्तीय कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बिहार का सरकारी खजाना पूरी तरह रिक्त हो चुका है और प्रशासन के पास ठेकेदारों के बकाए के साथ-साथ कर्मचारियों को वेतन और पेंशन देने तक की वित्तीय क्षमता नहीं बची है।

मुख्य आरोप और वित्तीय संकट

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल ने 'लूट मचाकर खजाना पूरी तरह खाली कर दिया है।' उन्होंने कहा कि उर्दू और फारसी स्कूलों के बड़ी संख्या में कर्मचारी ऐसे हैं जिन्हें अब तक वेतन नहीं मिला है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य की वित्तीय स्थिति पर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है।

विधायकों-मंत्रियों को भी नहीं मिला वेतन

तेजस्वी यादव ने स्वयं का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्हें भी पाँच-छह महीने तक वेतन नहीं मिला था। उनके अनुसार, जब विधायकों और मंत्रियों तक को वेतन न मिलने की स्थिति सामने आई, तब उन्होंने यह मुद्दा सार्वजनिक रूप से उठाना ज़रूरी समझा। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब तेजस्वी ने इस मुद्दे पर आवाज़ उठाई हो — उनके अनुसार वे कई बार सवाल उठा चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

मंत्री के बयान पर पलटवार

मंत्री अशोक चौधरी ने कहा था कि एक-दो महीने में स्थिति सामान्य हो जाएगी। तेजस्वी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मंत्री का यह बयान स्वयं वित्तीय संकट की स्वीकृति है। उन्होंने दावा किया कि यह समस्या इतनी गहरी है कि इसे सुधरने में चार साल तक का समय लग सकता है।

भ्रष्टाचार पर सीधा हमला

आलोचकों का कहना है कि बिहार में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हो चुकी हैं। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि राज्य में बिना घूस दिए छोटे से छोटा सरकारी काम भी नहीं हो पा रहा — चाहे मामला ज़मीनी स्तर का हो या विभागीय मुख्यालय का। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे बिहार में कोई सरकार ही नहीं है।

विपक्ष की माँग

तेजस्वी यादव ने सरकार से माँग की कि वह जनता के सामने राज्य की वास्तविक वित्तीय स्थिति स्पष्ट करे और कर्मचारियों, पेंशनभोगियों तथा अन्य बकायेदारों के भुगतान की तत्काल व्यवस्था करे। यह देखना होगा कि सत्तारूढ़ गठबंधन इन आरोपों का जवाब किस रूप में देता है और वित्तीय संकट को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दावे को व्यक्तिगत और सत्यापन-योग्य बनाता है। असली सवाल यह है कि मंत्री अशोक चौधरी ने 'एक-दो महीने में सुधार' की जो समयसीमा दी, वह किस वित्तीय आधार पर दी — क्योंकि बिना बजटीय पुनर्गठन के ऐसे दावे खोखले साबित हो सकते हैं। बिहार की राजकोषीय स्थिति पर केंद्र-राज्य वित्त के ढाँचे में गहरी पड़ताल की ज़रूरत है, जो मुख्यधारा की कवरेज अक्सर चूक जाती है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि बिहार का सरकारी खजाना पूरी तरह खाली हो चुका है और सरकार के पास कर्मचारियों को वेतन व पेंशन देने तक के पैसे नहीं हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार को इसका मुख्य कारण बताया।
क्या बिहार में कर्मचारियों को सच में वेतन नहीं मिल रहा?
तेजस्वी यादव के अनुसार उर्दू और फारसी स्कूलों के बड़ी संख्या में कर्मचारियों को अब तक वेतन नहीं मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें स्वयं पाँच-छह महीने तक वेतन नहीं मिला था। सरकार की ओर से इन आरोपों का आधिकारिक खंडन अभी तक सामने नहीं आया है।
मंत्री अशोक चौधरी ने वित्तीय स्थिति पर क्या कहा था?
मंत्री अशोक चौधरी ने कहा था कि एक-दो महीने में स्थिति सामान्य हो जाएगी। तेजस्वी यादव ने इसे वित्तीय संकट की अप्रत्यक्ष स्वीकृति बताया और दावा किया कि समस्या इतनी गंभीर है कि सुधार में चार साल तक लग सकते हैं।
तेजस्वी यादव ने भ्रष्टाचार को लेकर क्या कहा?
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार में बिना घूस दिए छोटे से छोटा सरकारी काम भी नहीं हो पा रहा — चाहे मामला ज़मीनी स्तर का हो या विभागीय मुख्यालय का। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसा लग रहा है जैसे कोई सरकार ही नहीं है।
विपक्ष ने सरकार से क्या माँग की है?
तेजस्वी यादव ने माँग की है कि सरकार जनता के सामने राज्य की वास्तविक वित्तीय स्थिति स्पष्ट करे और कर्मचारियों, पेंशनभोगियों तथा ठेकेदारों के बकाए भुगतान की तत्काल व्यवस्था करे।
राष्ट्र प्रेस
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