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क्या वोटर लिस्ट से जुड़े तेजस्वी यादव के दावे को भाजपा ने 'फर्जी' बताया?

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क्या वोटर लिस्ट से जुड़े तेजस्वी यादव के दावे को भाजपा ने 'फर्जी' बताया?

सारांश

बिहार में जारी मतदाता सूची पर सियासत गर्म है। तेजस्वी यादव के नाम गायब होने का दावा भाजपा ने फर्जी बताया। जानिए इस मसले पर क्या है सच।

मुख्य बातें

तेजस्वी यादव का नाम वोटर लिस्ट में क्रमांक 416 पर है।
भाजपा ने तेजस्वी के दावे को फर्जी बताया है।
मतदाता सूची में 65 लाख लोगों के नाम हटाने का मुद्दा उठाया गया है।
चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर सवाल उठाए गए हैं।
बिहार की राजनीति में मतदाता सूची का मुद्दा महत्वपूर्ण बन गया है।

नई दिल्ली, 2 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में एक अगस्त को जारी हुई मतदाता सूची के मसौदे (ड्राफ्ट) को लेकर सियासत में तेजी आ गई है। विपक्ष ने इसे लेकर कई सवाल उठाए हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दावा किया कि वोटर लिस्ट में उनका नाम नहीं है। तेजस्वी के इस बयान पर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने टिप्पणी की है। उन्होंने तेजस्वी के दावे को फर्जी और भ्रामक करार दिया।

अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "फर्जी खबर की खुली पोल। तेजस्वी यादव का यह दावा कि विशेष संवीक्षा (विशेष गहन पुनरीक्षण) के बाद उनका नाम मतदाता सूची से गायब है- पूरी तरह गलत है। उनका नाम क्रमांक 416 पर दर्ज है। कृपया तथ्य जांचें, फिर जानकारी साझा करें। जानबूझकर मतदाताओं को गुमराह करने की कोशिशों को बेनकाब करना जरूरी है।"

अमित मालवीय ने इस पोस्ट के साथ मतदाता सूची का स्क्रीनशॉट भी साझा किया है, जिसमें तेजस्वी यादव का नाम क्रमांक 416 पर दर्ज है।

मतदाता सूची में तेजस्वी यादव का नाम मतदान केंद्र संख्या 204, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का पुस्तकालय भवन, क्रम संख्या 416 पर अंकित है। इससे पहले, उनका नाम बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का पुस्तकालय भवन, मतदान केन्द्र संख्या 171, क्रम संख्या 481 पर दर्ज था।

बता दें कि बिहार में मतदाता सूची को लेकर एसआईआर की प्रक्रिया के बाद 1 अगस्त को नया ड्राफ्ट जारी किया गया। इस पर विपक्ष ने आरोप लगाए कि कई लोगों के नाम जानबूझकर हटाए गए हैं। तेजस्वी यादव ने खुद का नाम गायब होने की बात कहकर इस मसले को और गंभीर बना दिया। उन्होंने एसआईआर में 65 लाख लोगों के नाम काटे जाने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो सूची सामने आई है उसमें कुछ भी नहीं बताया गया। इसे लेकर कोई पारदर्शिता नहीं बरती गई है।

उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि चुनाव आयोग का यह अद्भुत कार्य है। हर विधानसभा क्षेत्र से लगभग 20 से 30 हजार नाम हटाए गए हैं, कुल लगभग 65 लाख, यानी करीब 8.5 फीसदी मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि सत्ताधारी पक्ष इसे फर्जी बता रहा है। इस स्थिति में आवश्यक है कि चुनाव आयोग स्पष्टता दे और जनता के विश्वास को बनाए रखे।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेजस्वी यादव का वोटर लिस्ट में नाम क्यों गायब बताया गया?
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि उनका नाम वोटर लिस्ट में से गायब है, जिसे भाजपा ने फर्जी बताया।
भाजपा ने तेजस्वी के दावे पर क्या प्रतिक्रिया दी?
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने तेजस्वी के दावे को भ्रामक करार दिया और कहा कि उनका नाम क्रमांक 416 पर दर्ज है।
क्या बिहार में मतदाता सूची में नाम काटने की प्रक्रिया सही है?
विपक्ष ने आरोप लगाया है कि 65 लाख लोगों के नाम जानबूझकर हटाए गए हैं, जो पारदर्शिता का मुद्दा उठाता है।
राष्ट्र प्रेस
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