तेलंगाना का एंटी हेट स्पीच बिल: टीआर श्रीनिवास का कांग्रेस पर गंभीर आरोप
सारांश
Key Takeaways
- एंटी-हेट स्पीच बिल का उद्देश्य सांप्रदायिक नफरत को रोकना है।
- भाजपा ने इसे कांग्रेस की वोट बैंक राजनीति का हिस्सा बताया।
- तेलंगाना में जीएचएमसी चुनावों को ध्यान में रखकर यह बिल लाया गया।
- कांग्रेस पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया गया है।
- बिल की तुलना यूपीए सरकार के कम्यूनल वायलेंस बिल से की गई।
हैदराबाद, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना में एंटी-हेट स्पीच बिल के मुद्दे पर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा के प्रवक्ता टीआर श्रीनिवास ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए इसे 'वोट बैंक की राजनीति' का परिणाम बताया।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में टीआर श्रीनिवास ने बताया, "जब वोट बैंक की राजनीति में तेजी आती है, तो तुष्टिकरण भी बढ़ता है। कर्नाटक में ऐसा ही हुआ था, जहां हेट स्पीच बिल पेश किया गया था, और अब वही स्थिति तेलंगाना में भी देखी जा रही है।"
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की मंशा '80-20 की राजनीति' करने की है। उनकी नजरें इस बात पर हैं कि किस प्रकार तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया जाए। श्रीनिवास ने यह भी बताया कि राज्य में जल्द ही ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) के चुनाव होने वाले हैं, और इसी संदर्भ में यह कदम उठाया गया है।
उन्होंने कहा, "तेलंगाना में जो 20 प्रतिशत का वोट बैंक है, उसकी आवश्यकता कांग्रेस को है। इसीलिए वे हेट स्पीच बिल लाकर उस वर्ग को साधना चाहती हैं।"
भाजपा प्रवक्ता ने इस बिल की तुलना यूपीए सरकार के समय लाए गए 'कम्यूनल वायलेंस बिल' से की। उन्होंने कहा, "मैं यही कहूंगा कि यूपीए के समय जो कम्यूनल वायलेंस बिल आया था, उसे अब वर्जन 2.0 के रूप में बैकडोर से लाने की कोशिश की जा रही है।"
श्रीनिवास ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस बिल के माध्यम से हिंदुओं को प्रताड़ित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह दिखाना चाहती है कि वह अपने वोट बैंक के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।
इस मुद्दे पर तेलंगाना की राजनीति अब गर्म हो गई है और आने वाले समय में इस पर और तीखी बहस होने की संभावना है।
ज्ञात हो कि तेलंगाना कैबिनेट ने 'तेलंगाना हेट स्पीच और हेट क्राइम रोकथाम विधेयक, २०२६' को मंजूरी दी है, जो सोशल मीडिया, भाषणों और कार्यों के माध्यम से सांप्रदायिक नफरत, दंगे या हिंसा को बढ़ावा देने वालों को रोकने के लिए एक सख्त कानून है।