तेलंगाना: कृत्रिम मांजा बेचने वाली दुकानों के लाइसेंस रद्द होंगे, वन बल प्रमुख का सख्त निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के वन बल प्रमुख विनय कुमार ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद के अरण्य भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रतिबंधित कृत्रिम मांजा बेचने वाली दुकानों के लाइसेंस तत्काल रद्द किए जाएँ। यह बैठक विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बुलाई गई थी, जिसमें पुलिस, नगर निगम, स्कूल शिक्षा और पर्यटन विभाग सहित कई महकमों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
मुख्य निर्देश और कार्रवाई का दायरा
विनय कुमार ने बृहत्तर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) के अधिकारियों को निर्देशित किया कि दुकान मालिकों को कृत्रिम मांजा न बेचने की हिदायत दी जाए और नियम उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने राजस्थान और गुजरात से तेलंगाना में होने वाली कृत्रिम मांजे की आपूर्ति पर निगरानी तेज़ करने का भी आदेश दिया।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, वन बल प्रमुख ने पुलिस को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए चीनी मांजे की बिक्री रोकने के लिए विशेष निगरानी तंत्र स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर ऐसी बिक्री की पहचान के लिए संबंधित संगठनों से समन्वय की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।
जन जागरूकता और शिक्षा विभाग की भूमिका
विनय कुमार ने अधिकारियों को बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों, बाज़ारों और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाने का निर्देश दिया, ताकि कृत्रिम मांजे पर लागू प्रतिबंध के बारे में लोगों को जागरूक किया जा सके। उन्होंने विद्यालय शिक्षा विभाग को छात्रों और उनके अभिभावकों को चीनी मांजे से मनुष्यों और पक्षियों को होने वाले खतरों के बारे में शिक्षित करने का भी निर्देश दिया।
इसके अलावा, बस चालकों और कंडक्टरों को सलाह दी जाएगी कि यदि वे बसों में कृत्रिम मांजा या भारतीय रोलर पक्षियों के अवैध परिवहन का मामला देखें, तो वन विभाग की हेल्पलाइन को तुरंत सूचित करें।
पतंग महोत्सव और दुर्गा पंडालों पर विशेष निर्देश
बैठक के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित पतंग महोत्सव में कृत्रिम मांजे के उपयोग को लेकर स्वयंसेवी संगठनों ने शिकायतें दर्ज कराई थीं। वन बल प्रमुख ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष के महोत्सव में किसी भी परिस्थिति में कृत्रिम मांजे की अनुमति नहीं दी जाएगी, और पकड़े जाने पर उसे तत्काल ज़ब्त किया जाएगा।
उन्होंने दुर्गा पंडालों में भारतीय रोलर पक्षियों को पिंजरों में रखकर प्रदर्शित करने की प्रथा पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए। बंदोबस्ती विभाग के अधिकारियों को कहा गया कि इन निर्देशों का सभी मंदिरों में पालन सुनिश्चित किया जाए।
विभागीय समन्वय पर ज़ोर
बैठक में CCF प्रियंका वर्गीस और क्षितिज, CF प्रसाद तथा पुलिस, GHMC, HMDA, स्कूल शिक्षा, सिनेमाटोग्राफी, सूचना एवं जनसंपर्क, बिजली, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यटन विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। विनय कुमार ने इस बात पर बल दिया कि वन्यजीव संरक्षण के लिए सभी विभागों को एकजुट होकर काम करना होगा। गौरतलब है कि कृत्रिम मांजा पहले से ही देशभर में प्रतिबंधित है, लेकिन इसकी अवैध बिक्री और आपूर्ति जारी रहती है, जिससे पक्षियों और मनुष्यों दोनों को गंभीर खतरा बना रहता है।
आगामी त्योहारी सीज़न को देखते हुए यह बैठक विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, और अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे ज़मीनी स्तर पर प्रवर्तन को और अधिक प्रभावी बनाएँ।