हैदराबाद में रसायनों से पकाए गए आमों की बिक्री पर पुलिस का कड़ा नियंत्रण
सारांश
Key Takeaways
- रसायनों से पकाए गए आमों से स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
- हैदराबाद पुलिस ने खाद्य मिलावट निगरानी टीम बनाई है।
- सामान्य रूप से पके आम का रंग समान नहीं होता।
- आमों की जांच करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए सख्त कार्रवाई की जा रही है।
हैदराबाद, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हैदराबाद पुलिस की खाद्य मिलावट निगरानी टीम बाजार में रसायनों से पकाए गए आमों की बिक्री पर सतर्कता बरत रही है।
पुलिस आयुक्त वी. सी. सज्जनार, जो एच-फास्ट (खाद्य मिलावट निगरानी टीम) के प्रमुख हैं, ने शुक्रवार को बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने आम उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे आम खरीदने से पहले उसकी पूर्ण जांच अवश्य करें। सज्जनार ने विशेष रूप से चेतावनी दी कि ऐसे आमों से सावधान रहें जिनका रंग असामान्य हो, रसायन जैसी गंध हो, अजीब स्वाद हो, या छिलके पर अनियमित धब्बे हों। यदि बेकिंग सोडा को पानी से धोने पर रंग बदलता है, तो यह संकेत है कि ये आम आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी को आमों में मिलावट की जानकारी हो, तो वे डायल 100 या एच-फास्ट हेल्पलाइन 8712661212 पर रिपोर्ट कर सकते हैं।
सज्जनार ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "फलों का राजा हमारे प्लेट पर वापस आ गया है, लेकिन लोगों को रसायनों से पकाए गए आमों से सावधान रहना चाहिए। ऑर्गेनिक लेबल वाले आमों की सच्चाई भी जांचें।"
पुलिस आयुक्त ने चेतावनी दी कि कुछ व्यापारी केवल मुनाफे के लिए आमों को प्राकृतिक रूप से पकने नहीं देते और उन्हें कैल्शियम कार्बाइड और अन्य खतरनाक रसायनों से पकाते हैं। सड़क किनारे चमकदार और सुनहरे दिखने वाले आम खरीदना आपके घर में बीमारी लाने के समान है।
सज्जनार ने बताया कि सामान्य रूप से पके आम का रंग समान नहीं होता, जबकि रासायनिक रूप से पकाए गए आम बाहर से चमकीले पीले होते हैं लेकिन अंदर से कच्चे और विषैले होते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे आम खाने से तुरंत गले में जलन, मतली, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। दीर्घकालिक प्रभाव में यह तंत्रिका तंत्र और श्वसन तंत्र को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि हैदराबाद पुलिस ऐसे व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है जो जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। खाद्य सुरक्षा और नियमों के पालन को मजबूत करने के लिए पुलिस ने हाल ही में यह निगरानी टीम भी बनाई है।