हैदराबाद पुलिस ने खाद्य मिलावट पर नकेल कसने के लिए एच-फास्ट नामक विशेष यूनिट बनाई
सारांश
Key Takeaways
- एच-फास्ट यूनिट का गठन खाद्य सुरक्षा बढ़ाने के लिए किया गया है।
- यह टीम मिलावटखोरी के मामलों पर निगरानी रखेगी।
- सार्वजनिक शिकायतों के लिए टोल-फ्री नंबर 8712661212 जारी किया गया है।
- दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- हालिया मामलों में मिलावटी उत्पाद बेचने वालों को गिरफ्तार किया गया।
हैदराबाद, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। खाद्य मिलावट पर सख्त कार्रवाई करते हुए हैदराबाद पुलिस ने एक विशेष निगरानी टीम का गठन किया है। इस टीम का नाम ‘हैदराबाद फूड एडल्टरेशन सर्विलांस टीम’ (एच-फास्ट) रखा गया है, जो खाद्य सुरक्षा और नियंत्रण उपायों को और अधिक प्रभावी बनाएगी।
यह टीम पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार के मार्गदर्शन में बनाई गई है और यह खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के साथ मिलकर काम करेगी। डीसीपी (टास्क फोर्स) गायकवाड़ वैभव रघुनाथ ने इस यूनिट का उद्घाटन गुरुवार को किया।
एच-फास्ट में कुल 28 कर्मी शामिल हैं, जिनमें इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। यह टीम असुरक्षित खाद्य पदार्थों से संबंधित मामलों की निगरानी, जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर ध्यान केंद्रित करेगी।
पुलिस आयुक्त कार्यालय के अनुसार, यह टीम खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के साथ मिलकर छापे मारेगी, ताकि मिलावटखोरी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
सार्वजनिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए एक टोल-फ्री नंबर 8712661212 भी जारी किया गया है, जिस पर लोग मिलावटी या असुरक्षित खाद्य पदार्थों की शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा, एच-फास्ट के सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से भी शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं।
अधिकारियों ने कहा कि खाद्य मिलावट एक गंभीर अपराध है, जो जन स्वास्थ्य के लिए खतरा है। ऐसे मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह यूनिट हाल ही में हुई दो बड़ी कार्रवाइयों के बाद बनाई गई है। एक मामले में, सेकंदराबाद के गंज बाजार क्षेत्र में छह दुकानों पर छापेमारी कर मिलावटी पनीर और डेयरी उत्पाद बेचने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया।
दूसरे मामले में कुलसुमपुरा पुलिस ने जियागुड़ा में एक अवैध और अस्वच्छ अचार बनाने वाली यूनिट का भंडाफोड़ किया, जहां बिना लाइसेंस के मिलावटी अचार का उत्पादन किया जा रहा था।