मुंब्रा हत्याकांड: महिला ने पति-भाई संग दोस्त को मारकर ड्रम में छिपाया, नाले से बरामद हुआ शव

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मुंब्रा हत्याकांड: महिला ने पति-भाई संग दोस्त को मारकर ड्रम में छिपाया, नाले से बरामद हुआ शव

सारांश

ठाणे के मुंब्रा में महजबीन ने पति और भाई के साथ मिलकर दोस्त अरबाज का अपहरण किया, ₹1.5 लाख फिरौती माँगी और न मिलने पर मारपीट में उसकी जान ले ली। शव को हरे ड्रम में भरकर नाले में फेंका गया — पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड के सहारे सुलझाया मामला।

मुख्य बातें

मुंब्रा (ठाणे) में महजबीन , पति हसन सेख और भाई तारीख सेख ने मिलकर दोस्त अरबाज मकसूद अली खान की हत्या की।
पीड़ित की उम्र लगभग 28 वर्ष थी और वह पेशे से इंजीनियर था।
आरोपियों ने ₹1.5 लाख फिरौती माँगी; न मिलने पर मारपीट में 3 अप्रैल को हत्या की।
शव को दो दिन कमरे में छिपाने के बाद हरे ड्रम में भरकर नाले में फेंका गया।
पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड और बोईसर (पालघर) की लोकेशन के आधार पर मामला सुलझाया।
अब तक दो आरोपी गिरफ्तार ; दो अभी भी फरार , तलाश जारी।

ठाणे जिले के मुंब्रा इलाके में एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है, जिसमें महजबीन नामक महिला ने अपने पति हसन सेख और भाई तारीख सेख के साथ मिलकर अपने ही दोस्त अरबाज मकसूद अली खान (उम्र लगभग 28 वर्ष) की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने शव को एक हरे ड्रम में भरकर नाले में फेंक दिया, जहाँ से बाद में उसे बरामद किया गया। पेशे से इंजीनियर रहे अरबाज 3 अप्रैल को घर से निकले थे और फिर कभी नहीं लौटे।

घटनाक्रम: कैसे सामने आई वारदात

3 अप्रैल को अरबाज ने अपने परिजनों को दादर जाने की बात कहकर घर छोड़ा था। जब वह देर रात तक नहीं लौटा, तो उनके पिता ने मुंब्रा पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड के आधार पर जाँच शुरू की, जिसमें अरबाज और महजबीन की अंतिम लोकेशन पालघर जिले के बोईसर इलाके में मिली।

इस सुराग के आधार पर पुलिस ने महजबीन को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपने पति और भाई के साथ मिलकर अरबाज की हत्या करने की बात कबूल की। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अनिल शिंदे ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।

फिरौती विवाद बना हत्या की वजह

प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले अरबाज का अपहरण किया और उसे एक किराए के मकान में बंधक बनाकर रखा। आरोपियों ने उससे ₹1.5 लाख की फिरौती माँगी और पैसे न मिलने पर उसके साथ बुरी तरह मारपीट की। शाम तक रकम न आने पर अत्यधिक मारपीट के कारण अरबाज की उसी कमरे में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने शव को दो दिनों तक उसी कमरे में छिपाए रखा।

शव को ठिकाने लगाने की कोशिश

दो दिन बाद तारीख सेख ने अपने एक साथी की मदद से शव को हरे ड्रम में भरा और बाइक से ले जाकर नाले में फेंक दिया। पुलिस ने बाद में उसी नाले से ड्रम के अंदर से शव बरामद किया। जाँच में तारीख सेख का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है।

गिरफ्तारी और फरार आरोपी

अब तक पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और उनकी गिरफ्तारी जल्द होने की उम्मीद जताई जा रही है।

पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब उत्तर प्रदेश के मेरठ में भी ड्रम में शव छिपाने का एक मामला चर्चा में रहा है। गौरतलब है कि शव को इस तरह ड्रम में छिपाकर ठिकाने लगाने की कोशिश आपराधिक साजिश की पूर्वनियोजित प्रकृति को दर्शाती है। मुंब्रा पुलिस मामले की विस्तृत जाँच कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दो आरोपियों का अभी भी फरार होना निगरानी तंत्र की कमज़ोरी उजागर करता है। मुंब्रा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में किराए के मकानों की निगरानी और सत्यापन प्रणाली पर गंभीर पुनर्विचार ज़रूरी है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंब्रा हत्याकांड में क्या हुआ था?
ठाणे के मुंब्रा में महजबीन ने अपने पति हसन सेख और भाई तारीख सेख के साथ मिलकर दोस्त अरबाज मकसूद अली खान का अपहरण किया, उससे ₹1.5 लाख फिरौती माँगी और न मिलने पर मारपीट में उसकी हत्या कर दी। शव को हरे ड्रम में भरकर नाले में फेंक दिया गया, जहाँ से पुलिस ने बरामद किया।
पुलिस ने इस मामले का पर्दाफाश कैसे किया?
अरबाज के पिता ने 3 अप्रैल को मुंब्रा पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड की जाँच की, जिससे अरबाज और महजबीन की अंतिम लोकेशन पालघर जिले के बोईसर इलाके में मिली, जिसके बाद महजबीन को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
हत्या का मकसद क्या था?
पुलिस की प्रारंभिक जाँच के अनुसार, आरोपियों ने अरबाज से ₹1.5 लाख की फिरौती माँगी थी। शाम तक पैसे न मिलने पर उसके साथ अत्यधिक मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
इस मामले में कितने आरोपी हैं और उनकी स्थिति क्या है?
इस मामले में कुल चार आरोपी हैं — महजबीन, हसन सेख, तारीख सेख और तारीख का एक साथी। पुलिस ने अब तक दो को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
पीड़ित अरबाज कौन था?
अरबाज मकसूद अली खान मुंब्रा का निवासी था, उम्र लगभग 28 वर्ष थी और वह पेशे से इंजीनियर था। वह 3 अप्रैल को दादर जाने की बात कहकर घर से निकला था और लापता हो गया था।
राष्ट्र प्रेस
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