कोलकाता में तीसरा नमस्ते दिवस: मंत्री वीरेंद्र कुमार करेंगे स्वच्छता कर्मचारियों को सम्मानित
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार मंगलवार, 15 जुलाई 2025 को कोलकाता में आयोजित एक विशेष समारोह में देशभर के स्वच्छता कर्मचारियों को सम्मानित करेंगे। यह अवसर तीसरे राष्ट्रीय यंत्रीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र (नमस्ते) दिवस के रूप में मनाया जाएगा, जो सीवर-सफाई कर्मियों, कचरा बीनने वालों और पूर्व मैनुअल स्कैवेंजर्स के योगदान को राष्ट्रीय मान्यता देने का प्रयास है।
मुख्य कार्यक्रम और स्थान
मुख्य समारोह पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित रवींद्र सदन में आयोजित होगा। इस दौरान दिव्य कला मेले का भी आयोजन किया जाएगा। एक अधिकारी के बयान के अनुसार, देशभर के शहरी स्थानीय निकायों (ULB) में भी समानांतर कार्यक्रम होंगे, जिससे यह आयोजन राष्ट्रव्यापी स्वरूप ग्रहण करेगा।
कार्यक्रम में कौन होगा शामिल
केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार के अलावा, कथित तौर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, केंद्र और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों तथा राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (NSKFDC) के प्रतिनिधियों की भागीदारी भी अपेक्षित है।
नमस्ते दिवस पर क्या होगा
देशभर के शहरी स्थानीय निकाय इस दिन स्वच्छता कर्मचारियों के लिए विविध कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इनमें कार्यस्थल सुरक्षा प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जाँच शिविर, सरकारी योजनाओं की जानकारी, मशीनीकृत सफाई उपकरणों और सुरक्षा किट का प्रदर्शन तथा स्वच्छता कर्मियों के योगदान का सार्वजनिक सम्मान शामिल होगा। गौरतलब है कि यह तीसरा अवसर है जब यह दिवस राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जा रहा है।
नमस्ते योजना क्या है
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने 2023-24 में नमस्ते योजना (राष्ट्रीय यंत्रीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र) शुरू की। इस योजना के तीन प्रमुख लक्ष्य हैं — स्वच्छता कार्यों में होने वाली मौतों को शून्य तक लाना, मानव मल से सीधे संपर्क को पूरी तरह समाप्त करना, और यह सुनिश्चित करना कि सभी सफाई कार्य सुरक्षा उपकरणों के साथ किए जाएं। इसके तहत आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयों (ERSU) को मजबूत किया जा रहा है और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
सरकार की प्रतिबद्धता और आगे की राह
मंत्रालय के बयान के अनुसार, यह आयोजन खतरनाक तरीके से होने वाली सफाई को खत्म करने, कौशल प्रशिक्षण और स्थायी रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। यह ऐसे समय में आया है जब मैनुअल स्कैवेंजिंग उन्मूलन को लेकर सर्वोच्च न्यायालय और मानवाधिकार संगठन लंबे समय से सरकार पर दबाव बनाए हुए हैं। नमस्ते दिवस इस दिशा में जागरूकता और जवाबदेही दोनों का मंच बनता जा रहा है।