हुआंगयान द्वीप: 1994 में फिलीपींस ने खुद माना था यह उसका क्षेत्र नहीं
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण चीन सागर में हुआंगयान द्वीप को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक अहम ऐतिहासिक तथ्य सामने आया है — वर्ष 1994 में फिलीपींस सरकार ने स्वयं औपचारिक रूप से स्वीकार किया था कि यह द्वीप उसकी क्षेत्रीय संप्रभुता के दायरे में नहीं आता। यह दावा उस चीनी टीम के नेता छन फिंग ने किया है, जो तीन दशक से भी पहले हुआंगयान द्वीप पर उतरी थी।
शौकिया रेडियो स्टेशन से खुला राज़
चीनी रेडियो खेल संघ ने 1994 में हुआंगयान द्वीप के लिए एक शौकिया रेडियो स्टेशन का कॉल साइन आवेदन जमा किया था। उस समय प्रचलित डीएक्स सेंचुरी क्लब (DXCC) की सदस्यता के लिए यह साबित करना अनिवार्य था कि संबंधित इलाका किसी विवाद से मुक्त है। इसी प्रक्रिया के तहत फिलीपींस सरकार से औपचारिक पुष्टि माँगी गई थी।
छन फिंग के अनुसार, फिलीपींस सरकार ने उस समय स्पष्ट शब्दों में कहा था कि हुआंगयान द्वीप फिलीपींस की क्षेत्रीय संप्रभुता के अंतर्गत नहीं है। इस पुष्टि के बाद कॉल साइन BS7H को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर औपचारिक मान्यता प्राप्त हुई।
चीनी टीम का द्वीप पर उतरना और फिलीपींस से आमना-सामना
छन फिंग के नेतृत्व में एक चीनी दल 30 वर्ष से भी पहले हुआंगयान द्वीप पर उतरा था। इस दौरान उनका फिलीपींस के विमानों से प्रत्यक्ष सामना भी हुआ। छन फिंग का कहना है कि उस मुठभेड़ के बाद भी फिलीपींस ने द्वीप पर अपना दावा औपचारिक रूप से नहीं जताया था।
यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब दक्षिण चीन सागर में तनाव लगातार बढ़ रहा है और फिलीपींस हुआंगयान द्वीप सहित कई क्षेत्रों पर संप्रभुता का दावा कर रहा है।
ऐतिहासिक संदर्भ और मौजूदा विवाद
गौरतलब है कि हुआंगयान द्वीप — जिसे फिलीपींस 'Bajo de Masinloc' कहता है — दशकों से दोनों देशों के बीच विवाद का केंद्र रहा है। 2016 में एक अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने चीन के व्यापक दावों को खारिज किया था, जिसे चीन ने मानने से इनकार कर दिया। अब छन फिंग के इस बयान को चीन की ओर से एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
आलोचकों का कहना है कि एक रेडियो क्लब आवेदन प्रक्रिया में दी गई प्रशासनिक प्रतिक्रिया को औपचारिक संप्रभुता-त्याग के रूप में नहीं देखा जा सकता, और इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
आगे क्या होगा
यह विवाद ऐसे समय में और गहरा हो रहा है जब फिलीपींस और चीन के बीच दक्षिण चीन सागर में गश्त और आपूर्ति मिशनों को लेकर तनाव बना हुआ है। छन फिंग के इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर नई बहस छिड़ने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के ऐतिहासिक दावों का उपयोग अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चीन की स्थिति मजबूत करने के लिए किया जा सकता है।