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अग्निमित्रा पॉल का आरोप: टीएमसी सरकार ने वोट बैंक के लिए देश की सुरक्षा से किया समझौता

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अग्निमित्रा पॉल का आरोप: टीएमसी सरकार ने वोट बैंक के लिए देश की सुरक्षा से किया समझौता

सारांश

BJP मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने TMC पर सीधा हमला बोला — वोट बैंक के लिए अवैध घुसपैठियों को वर्षों तक संरक्षण दिया गया, देश के 140 करोड़ लोगों की सुरक्षा दाँव पर लगाई गई। अब नई सरकार सख्त रवैये के साथ डिटेंशन सेंटर और BSF के ज़रिए कार्रवाई करेगी।

मुख्य बातें

BJP नेता अग्निमित्रा पॉल ने 26 मई 2025 को कोलकाता में पूर्व TMC सरकार पर अवैध घुसपैठियों को प्रोत्साहित करने का आरोप लगाया।
सीमा पर डिपोर्टेशन केंद्र बनाने की अधिसूचना के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में असामान्य गतिविधि बढ़ी।
पॉल के अनुसार, घुसपैठियों ने भारत के अनाज, बिजली, पानी, लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग किया।
नई सरकार घुसपैठियों की पहचान कर BSF को सौंपेगी; ज़रूरत पड़ने पर डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा।
बांग्लादेश ने उचित दस्तावेज़ पर अपने नागरिकों को वापस लेने की तैयारी पहले जताई थी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता और मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने 26 मई 2025 को कोलकाता में पश्चिम बंगाल की पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने वोट बैंक की राजनीति के लिए देश की सुरक्षा से समझौता किया और अवैध घुसपैठियों को प्रोत्साहित किया। सीमा पर डिपोर्टेशन केंद्र बनाने की अधिसूचना जारी होने के बाद से सीमावर्ती क्षेत्रों में असामान्य गतिविधि देखी जा रही है।

मुख्य आरोप और बयान

पॉल ने कहा कि जब से सरकार ने सीमा पर ऐसे केंद्र स्थापित करने की अधिसूचना जारी की है जहाँ से लोगों को बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा, तब से उन क्षेत्रों में भारी हलचल बढ़ गई है। उनके अनुसार, वर्षों तक पिछली TMC सरकार ने इन घुसपैठियों को न केवल संरक्षण दिया बल्कि उन्हें भारत के संसाधन — अनाज, बिजली, पानी, लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढाँचा — इस्तेमाल करने का मौका दिया।

सुरक्षा पर सवाल

पॉल ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं, बल्कि देश के 140 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा को भी खतरे में डाला। उन्होंने कहा कि सिर्फ वोट बैंक बनाए रखने के लिए दूसरे देश के लोगों को घुसाया गया, जिससे देश की संपत्ति और सुरक्षा दोनों दाँव पर लग गईं।

नई सरकार का रुख

पॉल ने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें सीमा सुरक्षा बल (BSF) के हवाले करेगी। ज़रूरत पड़ने पर उन्हें डिटेंशन सेंटर में भी रखा जा सकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विपक्षी नेता सुवेंदु अधिकारी ने पहले यह कहा था कि ऐसे लोगों को पुलिस के हवाले नहीं किया जाएगा।

बांग्लादेश का रुख और आगे की राह

पॉल ने बताया कि बांग्लादेश ने पहले भी संकेत दिया था कि यदि उचित दस्तावेज़ प्रस्तुत किए जाएँ तो वह अपने नागरिकों को वापस लेने को तैयार है। उनके अनुसार, नई सरकार पश्चिम बंगाल को हर दिशा से सुरक्षित राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस मुद्दे पर सख्त रवैया अपनाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पहले से अधिक ठोस है। असली परीक्षा यह होगी कि पहचान और निर्वासन की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी और कानूनी रूप से मज़बूत होगी — क्योंकि अतीत में ऐसी कार्रवाइयाँ नागरिकता विवादों में उलझती रही हैं। TMC की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक खंडन सामने नहीं आया है, जो इस बहस को एकतरफा बनाता है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अग्निमित्रा पॉल ने TMC पर क्या आरोप लगाए हैं?
पॉल ने आरोप लगाया कि पूर्व TMC सरकार ने वोट बैंक की राजनीति के लिए अवैध घुसपैठियों को वर्षों तक संरक्षण दिया और देश के 140 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डाला। उनके अनुसार, इन घुसपैठियों ने भारत के सार्वजनिक संसाधनों का दुरुपयोग किया।
सीमा पर डिपोर्टेशन केंद्र की अधिसूचना क्या है?
केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल की सीमा पर ऐसे केंद्र स्थापित करने की अधिसूचना जारी की है जहाँ से अवैध घुसपैठियों को बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा। इस अधिसूचना के बाद से सीमावर्ती क्षेत्रों में असामान्य गतिविधि देखी जा रही है।
नई सरकार अवैध घुसपैठियों के खिलाफ क्या कदम उठाएगी?
पॉल के अनुसार, वर्तमान सरकार घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें सीमा सुरक्षा बल (BSF) के हवाले करेगी और ज़रूरत पड़ने पर डिटेंशन सेंटर में रखेगी। सरकार का रुख इस मुद्दे पर सख्त बताया जा रहा है।
बांग्लादेश का इस मामले में क्या रुख है?
पॉल ने बताया कि बांग्लादेश ने पहले यह संकेत दिया था कि यदि उचित दस्तावेज़ प्रस्तुत किए जाएँ तो वह अपने नागरिकों को वापस लेने को तैयार है। इसी आधार पर निर्वासन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
यह मुद्दा पश्चिम बंगाल की राजनीति को कैसे प्रभावित करता है?
अवैध घुसपैठ का मुद्दा पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच लंबे समय से टकराव का केंद्र रहा है। डिपोर्टेशन केंद्र की अधिसूचना के बाद यह विवाद नई तीव्रता के साथ सामने आया है और राज्य की सीमा सुरक्षा नीति पर बहस छिड़ गई है।
राष्ट्र प्रेस
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