भवानीपुर याचिका पर BJP का पलटवार: 'टीएमसी अब इतिहास बन चुकी है' — अग्निमित्रा पॉल
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा भवानीपुर विधानसभा सीट के चुनाव परिणाम को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय में दायर याचिका पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 17 जून को तीखी प्रतिक्रिया दी। पश्चिम बंगाल सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने दावा किया कि TMC राजनीतिक रूप से इतनी कमज़ोर हो चुकी है कि वह अब 'इतिहास का हिस्सा' बनती जा रही है।
अग्निमित्रा पॉल का सीधा हमला
पॉल ने कहा, 'इससे क्या फर्क पड़ता है? पार्टी का कोई अस्तित्व नहीं है, पार्टी के दफ्तर नहीं हैं, सदस्य नहीं हैं। तो उनके जाने से क्या फर्क पड़ता है?' उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी को अदालत जाने का पूरा अधिकार है, लेकिन उनके अनुसार इसका कोई व्यावहारिक परिणाम नहीं निकलेगा।
पॉल ने विपक्ष पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा, 'जब विपक्ष चुनाव जीतता है तो सब कुछ ठीक माना जाता है, लेकिन जब BJP जीतती है तो EVM चोरी और वोट चोरी जैसे आरोप लगाए जाते हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि पश्चिम बंगाल की जनता का जनादेश स्पष्ट है और किसी अतिरिक्त प्रमाण की आवश्यकता नहीं।
मंगल पांडे की प्रतिक्रिया
पटना में BJP विधायक मंगल पांडे ने भी ममता बनर्जी के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा, 'पूरा चुनाव आयोग की निगरानी में संपन्न हुआ। मतदान के दिन मीडिया भी विभिन्न मतदान केंद्रों पर मौजूद था। कहीं भी किसी प्रकार की अनियमितता की शिकायत सामने नहीं आई।'
पांडे ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी राजनीतिक विवाद खड़ा करके सुर्खियों में बने रहने की कोशिश कर रही हैं। उनके अनुसार चुनाव परिणामों को चुनौती देने के इन प्रयासों का कोई ठोस आधार नहीं है।
भवानीपुर विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि भवानीपुर विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल की राजनीति में हमेशा से संवेदनशील रही है — यह ममता बनर्जी की परंपरागत सीट मानी जाती रही है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच राजनीतिक टकराव अपने चरम पर है। चुनाव परिणामों को अदालत में चुनौती देना भारतीय राजनीति में असामान्य नहीं है, लेकिन BJP ने इसे TMC की 'हताशा' का प्रमाण बताया है।
TMC की स्थिति पर BJP का दावा
BJP नेताओं के अनुसार TMC न केवल चुनावी मोर्चे पर कमज़ोर पड़ी है, बल्कि संगठनात्मक रूप से भी उसकी पकड़ ढीली हुई है। हालाँकि, TMC की ओर से इन दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आलोचकों का कहना है कि BJP के ये बयान राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में देखे जाने चाहिए।
आगे क्या होगा
अब सभी की नज़रें कलकत्ता उच्च न्यायालय पर टिकी हैं, जहाँ ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई होनी है। न्यायालय का फैसला पश्चिम बंगाल की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकता है और आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।