'तृणमूल कांग्रेस ने हिंदू विरोधी रुख अपनाया, मुस्लिम वोटों का किया उपयोग': अग्निमित्रा पॉल
सारांश
Key Takeaways
- तृणमूल कांग्रेस पर हिंदू विरोधी होने का आरोप
- मुस्लिम समुदाय का वोट बैंक के रूप में उपयोग
- राम नवमी के आयोजनों में भेदभाव का मुद्दा
- पश्चिम बंगाल पुलिस की स्वतंत्रता पर सवाल
- राज्य में बदलाव की मांग बढ़ी
कोलकाता, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति में आरोपों का खेल तेज हो गया है। आसनसोल दक्षिण के भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस पर सीधा निशाना साधते हुए उसे 'हिंदू विरोधी'
यह टिप्पणी तब आई जब भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में राम नवमी की तैयारियों में कथित पुलिस हस्तक्षेप के खिलाफ देर रात एक विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसका नेतृत्व पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने किया।
गौरतलब है कि इस बार भवानीपुर सीट पर सुवेंदु अधिकारी भाजपा के उम्मीदवार हैं और उनका मुकाबला मुख्यमंत्री तथा तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी से है।
अग्निमित्रा पॉल ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "तृणमूल कांग्रेस हिंदू विरोधी है और पिछले 15 वर्षों में हिंदुओं पर अत्याचार किए गए हैं, ताकि एक विशेष समुदाय को संदेश दिया जा सके। यह सभी को पता है कि मैं किस समुदाय की बात कर रही हूँ।"
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस मुस्लिम समुदाय को एक वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल कर रही है। अब मुस्लिम समाज भी समझ चुका है कि सीएम ममता बनर्जी ने उन्हें केवल वोट के लिए उपयोग किया है और उनके लिए ठोस काम नहीं किया।
राम नवमी के विषय पर भी भाजपा विधायक ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य में धार्मिक आयोजनों में भेदभाव किया जा रहा है।
अग्निमित्रा पॉल ने यह भी आरोप लगाया कि हिंदुओं को दुर्गा पूजा और राम नवमी की रैली के लिए अनुमति लेनी पड़ती है। सीएम ममता बनर्जी जानबूझकर ऐसे निर्णय लेती हैं जो हिंदू भावनाओं को आहत करते हैं और मुस्लिम समाज को खुश करते हैं। यह राजनीति बहुत ही गंदी है।
उन्होंने कहा कि अगर तृणमूल कांग्रेस ने धर्म से ऊपर उठकर काम किया होता, तो आज पार्टी की स्थिति बेहतर होती।
अग्निमित्रा पॉल ने पश्चिम बंगाल पुलिस पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "यहाँ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वतंत्र रूप से निर्णय नहीं लेते हैं और केवल मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हैं। हालांकि, जूनियर अधिकारी बदलाव की चाह रखते हैं।"
उन्होंने दावा किया कि राज्य के लोग, चाहे किसी भी धर्म के हों, अब बदलाव चाहते हैं। लोगों को लग रहा है कि यहाँ केवल धर्म की राजनीति हो रही है, इसलिए अब परिवर्तन की मांग उठ रही है।