26 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

टीएमसी विधायक कुणाल घोष की गाड़ी पर हमला, सेरामपुर में भाजपा समर्थकों पर आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
टीएमसी विधायक कुणाल घोष की गाड़ी पर हमला, सेरामपुर में भाजपा समर्थकों पर आरोप

सारांश

सेरामपुर में ममता बनर्जी की जनसभा से पहले टीएमसी विधायक कुणाल घोष की गाड़ी पर उत्तरपाड़ा में पथराव और लोहे की रॉड से हमला हुआ। घोष के शरीर में कांच के टुकड़े घुसे; उन्होंने भाजपा समर्थकों पर आरोप लगाया। भाजपा ने खंडन करते हुए इसे तृणमूल की आंतरिक गुटबाजी बताया।

मुख्य बातें

टीएमसी विधायक कुणाल घोष की गाड़ी पर 26 सितंबर 2026 को हुगली जिले के उत्तरपाड़ा में हमला हुआ।
हमलावरों ने पत्थर, अंडे और लोहे की रॉड से गाड़ी को क्षतिग्रस्त किया; घोष के शरीर में कांच के टुकड़े लगे।
घटना सेरामपुर में ममता बनर्जी की जनसभा में जाते वक्त हुई; हमलावरों ने घोष को सभा में न जाने की धमकी दी।
ममता बनर्जी ने हमले की निंदा की और 'भाजपा के गुंडों' को जिम्मेदार ठहराया।
भाजपा के राज्यसभा सांसद राहुल सिन्हा ने आरोपों को खारिज कर इसे टीएमसी की आंतरिक गुटबाजी बताया।
कुणाल घोष ने मामला भवानी भवन (पश्चिम बंगाल पुलिस मुख्यालय) तक ले जाने की घोषणा की।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक कुणाल घोष ने शनिवार, 26 सितंबर 2026 को आरोप लगाया कि हुगली जिले के उत्तरपाड़ा इलाके में उनकी गाड़ी पर भाजपा समर्थित बदमाशों ने हमला किया और तोड़फोड़ की। यह घटना सेरामपुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जनसभा में शामिल होने जाते वक्त हुई। घोष के मुताबिक, हमलावरों ने पथराव और अंडे फेंकने के साथ-साथ लोहे की रॉड से गाड़ी की खिड़कियाँ तोड़ दीं।

घटनाक्रम: क्या हुआ उत्तरपाड़ा में

कुणाल घोष के अनुसार, उत्तरपाड़ा इलाके में कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी को रोका और पत्थर व अंडे फेंके। इसके बाद हमलावरों ने लोहे की रॉड से गाड़ी की खिड़कियों पर वार किया, जिससे गाड़ी का पिछला शीशा पूरी तरह टूट गया।

घोष ने कहा, 'मैं ड्राइवर के बगल में बैठा था। मुझ पर पत्थर फेंके गए। मेरे शरीर में कांच के टुकड़े घुस गए।' उन्होंने यह भी बताया कि हमलावर उन्हें बार-बार वापस लौटने और ममता बनर्जी की सभा में न जाने की धमकी दे रहे थे।

ममता बनर्जी की कड़ी निंदा

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सेरामपुर सभा के लिए रवाना होने से पहले इस हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने दावा किया कि इस घटना के पीछे 'भाजपा के गुंडे' जिम्मेदार हैं और इसे लोकतंत्र के लिए अस्वीकार्य करार दिया।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा की घटनाएँ चुनावों से पहले और जनसभाओं के दौरान बढ़ जाती हैं, और यह घटना उसी पैटर्न की कड़ी बताई जा रही है।

भाजपा का खंडन

भाजपा के राज्यसभा सांसद राहुल सिन्हा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा का इस घटना से कोई संबंध नहीं है और इसे तृणमूल कांग्रेस के भीतरी गुटबाजी का नतीजा बताया।

यह ऐसे समय में आया है जब भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव चरम पर है और दोनों दल एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने के आरोप लगाते रहे हैं।

पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप

कुणाल घोष ने स्थानीय पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे इस मामले को भवानी भवन — कोलकाता स्थित पश्चिम बंगाल पुलिस मुख्यालय — में उठाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावर खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस के हस्तक्षेप के बिना आगे बढ़ना मुश्किल हो गया है।

घोष ने स्पष्ट किया कि इस तरह के हमले तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को हतोत्साहित नहीं कर सकते।

आगे क्या होगा

घटना की प्राथमिकी दर्ज होने और पुलिस जाँच शुरू होने की प्रतीक्षा है। सेरामपुर में ममता बनर्जी की जनसभा यथावत हुई, और इस हमले का सियासी असर आने वाले दिनों में भाजपा-तृणमूल की बयानबाज़ी में और गहरा हो सकता है। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा की जाँच की माँग विपक्षी खेमों से पहले भी उठती रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुणाल घोष की गाड़ी पर हमला कहाँ और कब हुआ?
यह हमला 26 सितंबर 2026 को हुगली जिले के उत्तरपाड़ा इलाके में हुआ, जब तृणमूल कांग्रेस विधायक कुणाल घोष सेरामपुर में ममता बनर्जी की जनसभा में शामिल होने जा रहे थे।
हमले में कुणाल घोष को चोट आई क्या?
घोष के अनुसार गाड़ी का शीशा टूटने से उनके शरीर में कांच के टुकड़े घुस गए। उन्होंने बताया कि वे ड्राइवर के बगल में बैठे थे और पत्थर सीधे उनकी तरफ फेंके गए।
टीएमसी ने हमले के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया?
कुणाल घोष और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दोनों ने भाजपा समर्थित बदमाशों पर आरोप लगाया। ममता ने इसे 'भाजपा के गुंडों' की करतूत बताया और लोकतंत्र के लिए अस्वीकार्य कहा।
भाजपा ने इन आरोपों पर क्या कहा?
भाजपा के राज्यसभा सांसद राहुल सिन्हा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने दावा किया कि यह घटना तृणमूल कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी का परिणाम है और भाजपा का इससे कोई लेना-देना नहीं।
घटना के बाद कुणाल घोष ने क्या कदम उठाने की बात कही?
घोष ने स्थानीय पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि वे मामले को कोलकाता स्थित पश्चिम बंगाल पुलिस मुख्यालय भवानी भवन में ले जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे हमले तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का मनोबल नहीं तोड़ सकते।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले