मालदा के समसी कॉलेज में विवेकानंद पोस्टर अपमान: टीएमसीपी के 2 कार्यकर्ता गिरफ्तार, तीसरा फरार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के समसी कॉलेज में 22 अगस्त को स्वामी विवेकानंद की तस्वीर वाला पोस्टर फाड़ने और उसे सार्वजनिक रूप से पैरों तले रौंदने के आरोप में तृणमूल कांग्रेस की छात्र शाखा तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चंचल पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए देबोजित साहा और अरिजीत रविदास को हिरासत में लिया, जबकि तीसरा आरोपी तारिक अनवर अभी भी फरार है।
घटनाक्रम: वायरल वीडियो से गिरफ्तारी तक
सोशल मीडिया पर सामने आई वीडियो क्लिप में टीएमसीपी के तीन कार्यकर्ताओं को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का पोस्टर — जिस पर स्वामी विवेकानंद की तस्वीर थी — फाड़ते और उसे पैरों से रौंदते देखा गया। कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर इस वीडियो को स्वयं सोशल मीडिया पर अपलोड किया था।
23 अगस्त को एबीवीपी ने चंचल पुलिस स्टेशन में तीनों आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जाँच शुरू करते हुए तीनों की पहचान की और जल्द ही देबोजित साहा व अरिजीत रविदास को गिरफ्तार कर लिया।
फरार आरोपी की माफी और पुलिस की तलाश
गिरफ्तारी की आशंका के बीच मुख्य आरोपी तारिक अनवर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश पोस्ट कर अपनी हरकत के लिए सार्वजनिक माफी माँगी। हालाँकि पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी रखा है और वह अब तक फरार है।
एबीवीपी की प्रतिक्रिया और पुराने विवाद का संदर्भ
मालदा (उत्तर) में एबीवीपी के संगठन अध्यक्ष प्रसून चौधरी ने कहा, 'वे अभी भी ऐसी बुरी आदतों से बाज नहीं आए हैं। 22 अगस्त को उन्होंने स्वामी विवेकानंद की तस्वीर फाड़ दी। उन्होंने एबीवीपी का झंडा फाड़कर और उसे पैरों तले रौंदकर एक गलत संदेश देने की कोशिश की। उन्होंने गर्व के साथ इस वीडियो को सोशल मीडिया पर भी अपलोड किया। 23 अगस्त को हमने चंचल पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। दोनों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य आरोपी तारिक अभी भी फरार है।'
चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि 2024 में मालदा जिले के ही चंचल कॉलेज में टीएमसीपी कार्यकर्ताओं ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की तस्वीर जला दी थी। उस घटना के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिनका नेतृत्व तत्कालीन विपक्ष के नेता और वर्तमान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने किया था।
ऐतिहासिक संदर्भ: यह पहली बार नहीं
गौरतलब है कि 2024 की चंचल कॉलेज घटना के बाद व्यापक आलोचना के दबाव में पुलिस को टीएमसीपी की चंचल कॉलेज इकाई के तत्कालीन अध्यक्ष को गिरफ्तार करना पड़ा था। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में छात्र राजनीति और सांस्कृतिक प्रतीकों के अपमान को लेकर तनाव पहले से ही बना हुआ है। आलोचकों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएँ राज्य में राजनीतिक हिंसा और असहिष्णुता की एक व्यापक प्रवृत्ति की ओर इशारा करती हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस फरार आरोपी तारिक अनवर की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी रखे हुए है। एबीवीपी ने तारिक की तत्काल गिरफ्तारी की माँग करते हुए स्पष्ट किया है कि स्वामी विवेकानंद जैसे राष्ट्रीय आदर्शों की तस्वीर का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।