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मालदा के समसी कॉलेज में विवेकानंद पोस्टर अपमान: टीएमसीपी के 2 कार्यकर्ता गिरफ्तार, तीसरा फरार

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मालदा के समसी कॉलेज में विवेकानंद पोस्टर अपमान: टीएमसीपी के 2 कार्यकर्ता गिरफ्तार, तीसरा फरार

सारांश

मालदा के समसी कॉलेज में स्वामी विवेकानंद की तस्वीर फाड़ने का वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकत में आई और टीएमसीपी के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। तीसरा आरोपी तारिक अनवर फरार है और सोशल मीडिया पर माफी माँग चुका है। यह घटना 2024 के चंचल कॉलेज-टैगोर विवाद की याद दिलाती है।

मुख्य बातें

22 अगस्त को मालदा के समसी कॉलेज में टीएमसीपी कार्यकर्ताओं ने स्वामी विवेकानंद की तस्वीर वाला एबीवीपी पोस्टर फाड़कर पैरों से रौंदा।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देबोजित साहा और अरिजीत रविदास को गिरफ्तार किया गया।
तीसरा आरोपी तारिक अनवर अभी भी फरार है; उसने सोशल मीडिया पर माफी माँगी है।
एबीवीपी ने 23 अगस्त को चंचल पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
2024 में भी चंचल कॉलेज में टीएमसीपी पर रवींद्रनाथ टैगोर की तस्वीर जलाने का आरोप लगा था, जिसके बाद तत्कालीन इकाई अध्यक्ष गिरफ्तार हुए थे।

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के समसी कॉलेज में 22 अगस्त को स्वामी विवेकानंद की तस्वीर वाला पोस्टर फाड़ने और उसे सार्वजनिक रूप से पैरों तले रौंदने के आरोप में तृणमूल कांग्रेस की छात्र शाखा तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चंचल पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए देबोजित साहा और अरिजीत रविदास को हिरासत में लिया, जबकि तीसरा आरोपी तारिक अनवर अभी भी फरार है।

घटनाक्रम: वायरल वीडियो से गिरफ्तारी तक

सोशल मीडिया पर सामने आई वीडियो क्लिप में टीएमसीपी के तीन कार्यकर्ताओं को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का पोस्टर — जिस पर स्वामी विवेकानंद की तस्वीर थी — फाड़ते और उसे पैरों से रौंदते देखा गया। कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर इस वीडियो को स्वयं सोशल मीडिया पर अपलोड किया था।

23 अगस्त को एबीवीपी ने चंचल पुलिस स्टेशन में तीनों आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जाँच शुरू करते हुए तीनों की पहचान की और जल्द ही देबोजित साहाअरिजीत रविदास को गिरफ्तार कर लिया।

फरार आरोपी की माफी और पुलिस की तलाश

गिरफ्तारी की आशंका के बीच मुख्य आरोपी तारिक अनवर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश पोस्ट कर अपनी हरकत के लिए सार्वजनिक माफी माँगी। हालाँकि पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी रखा है और वह अब तक फरार है।

एबीवीपी की प्रतिक्रिया और पुराने विवाद का संदर्भ

मालदा (उत्तर) में एबीवीपी के संगठन अध्यक्ष प्रसून चौधरी ने कहा, 'वे अभी भी ऐसी बुरी आदतों से बाज नहीं आए हैं। 22 अगस्त को उन्होंने स्वामी विवेकानंद की तस्वीर फाड़ दी। उन्होंने एबीवीपी का झंडा फाड़कर और उसे पैरों तले रौंदकर एक गलत संदेश देने की कोशिश की। उन्होंने गर्व के साथ इस वीडियो को सोशल मीडिया पर भी अपलोड किया। 23 अगस्त को हमने चंचल पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। दोनों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य आरोपी तारिक अभी भी फरार है।'

चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि 2024 में मालदा जिले के ही चंचल कॉलेज में टीएमसीपी कार्यकर्ताओं ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की तस्वीर जला दी थी। उस घटना के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिनका नेतृत्व तत्कालीन विपक्ष के नेता और वर्तमान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने किया था।

ऐतिहासिक संदर्भ: यह पहली बार नहीं

गौरतलब है कि 2024 की चंचल कॉलेज घटना के बाद व्यापक आलोचना के दबाव में पुलिस को टीएमसीपी की चंचल कॉलेज इकाई के तत्कालीन अध्यक्ष को गिरफ्तार करना पड़ा था। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में छात्र राजनीति और सांस्कृतिक प्रतीकों के अपमान को लेकर तनाव पहले से ही बना हुआ है। आलोचकों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएँ राज्य में राजनीतिक हिंसा और असहिष्णुता की एक व्यापक प्रवृत्ति की ओर इशारा करती हैं।

आगे क्या होगा

पुलिस फरार आरोपी तारिक अनवर की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी रखे हुए है। एबीवीपी ने तारिक की तत्काल गिरफ्तारी की माँग करते हुए स्पष्ट किया है कि स्वामी विवेकानंद जैसे राष्ट्रीय आदर्शों की तस्वीर का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जन आक्रोश, फिर गिरफ्तारी। सवाल यह है कि बार-बार होने वाली इन घटनाओं के बावजूद छात्र संगठनों में आंतरिक अनुशासन क्यों नहीं दिखता। टीएमसीपी की चुप्पी और पार्टी नेतृत्व की अनुपस्थित प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि जवाबदेही केवल सार्वजनिक दबाव में आती है, नीति के रूप में नहीं। राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान की राजनीति बंगाल में एक गहरे सांस्कृतिक विभाजन को उजागर करती है जिसे महज गिरफ्तारियों से नहीं सुलझाया जा सकता।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मालदा के समसी कॉलेज में क्या हुआ था?
22 अगस्त को मालदा के समसी कॉलेज में टीएमसीपी के तीन कार्यकर्ताओं ने एबीवीपी का पोस्टर — जिस पर स्वामी विवेकानंद की तस्वीर थी — फाड़कर पैरों से रौंदा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
इस मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
तीन आरोपियों में से दो — देबोजित साहा और अरिजीत रविदास — को गिरफ्तार किया गया है। तीसरा आरोपी तारिक अनवर अभी भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में तलाशी अभियान चला रही है।
फरार आरोपी तारिक अनवर ने क्या किया?
तारिक अनवर ने गिरफ्तारी से पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश पोस्ट कर अपनी हरकत के लिए सार्वजनिक माफी माँगी। हालाँकि पुलिस उसकी तलाश जारी रखे हुए है।
क्या पश्चिम बंगाल में टीएमसीपी पर इस तरह के आरोप पहले भी लगे हैं?
हाँ, 2024 में मालदा के ही चंचल कॉलेज में टीएमसीपी कार्यकर्ताओं पर गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की तस्वीर जलाने का आरोप लगा था। उस मामले में भी व्यापक विरोध के बाद टीएमसीपी की चंचल कॉलेज इकाई के तत्कालीन अध्यक्ष को गिरफ्तार किया गया था।
एबीवीपी ने इस मामले में क्या माँग की है?
एबीवीपी के मालदा (उत्तर) संगठन अध्यक्ष प्रसून चौधरी ने फरार आरोपी तारिक अनवर की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद देश के आदर्श हैं और उनकी तस्वीर का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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