जन्माष्टमी पर तमिलनाडु CM विजय का संदेश: न्याय, कर्तव्य और प्रेम से बनेगी बेहतर दुनिया
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 4 सितंबर 2026 को जन्माष्टमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों और समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने श्री कृष्ण की शिक्षाओं को आधार बनाते हुए प्रेम, सद्गुण और नेक जीवन-सिद्धांतों पर टिकी एक बेहतर दुनिया बनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'इस कृष्ण जयंती के त्योहार पर, जब सभी घर और दिल खुशी से भरे हुए हैं, मैं सभी को दिल से शुभकामनाएं देता हूं। श्री कृष्ण की शिक्षाओं का पालन करते हुए कि अन्याय पर न्याय की जीत होगी, किसी भी परिस्थिति में व्यक्ति को निडर होकर अपना कर्तव्य निभाना चाहिए, और जीवन की यात्रा मानसिक दृढ़ता और धर्म के मार्ग पर विश्वास के साथ करनी चाहिए, हम एक अच्छी दुनिया बनाएंगे जहां जीवन के नेक सिद्धांतों के साथ-साथ प्रेम और सद्गुण भी फलेंगे-फूलेंगे।'
जन्माष्टमी का महत्व
कृष्ण जन्माष्टमी, जिसे गोकुलाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है, भगवान श्री कृष्ण के जन्म का उत्सव है। परंपरा के अनुसार उनका जन्म आधी रात को मथुरा में हुआ था। इस अवसर पर भक्त उपवास, प्रार्थना, भजन-कीर्तन, मंदिर दर्शन और आधी रात के विशेष उत्सव के माध्यम से अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं।
उत्सव की परंपराएं
यह पर्व विशेष रूप से मथुरा और वृंदावन से जुड़ा हुआ है, जहाँ उत्सव का उल्लास अद्वितीय होता है। देश भर के घरों और मंदिरों में भक्त कृष्ण की मूर्तियों को सजाते हैं, त्योहारी भोग तैयार करते हैं और जन्माष्टमी की पारंपरिक रस्मों में भाग लेते हैं। इस त्योहार के साथ जुड़ा दही हांडी उत्सव इस वर्ष 2026 में 5 सितंबर को मनाया जाएगा।
आम जनता पर असर
मुख्यमंत्री विजय का यह संदेश केवल धार्मिक शुभकामना तक सीमित नहीं है — इसमें सामाजिक एकता, नैतिक जिम्मेदारी और निर्भीक कर्तव्यपालन का स्पष्ट आह्वान है। गौरतलब है कि तमिलनाडु में जन्माष्टमी का उत्सव गोकुलाष्टमी के रूप में व्यापक रूप से मनाया जाता है, और मुख्यमंत्री का यह सार्वजनिक संदेश राज्य की सांस्कृतिक विविधता और समावेशी भावना को रेखांकित करता है।