मध्य प्रदेश के स्कूलों में 1 से 3 सितंबर तक तीन दिवसीय कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव, शिक्षा विभाग का आदेश जारी
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 1 सितंबर से 3 सितंबर 2025 तक तीन दिवसीय श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव आयोजित किया जाएगा। लोक शिक्षण संचालनालय के अपर संचालक रविंद्र कुमार सिंह ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया है। यह निर्देश राज्य के संस्कृति विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप दिए गए हैं।
आयोजन की रूपरेखा
शिक्षा विभाग द्वारा तय कार्यक्रम के अंतर्गत इन तीन दिनों में विविध सांस्कृतिक गतिविधियाँ और प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएंगी। भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का मंचन होगा तथा उनकी शिक्षाओं, गीता ज्ञान और विभिन्न प्रसंगों पर आधारित नाट्य एवं नृत्य प्रस्तुतियाँ भी होंगी। इसके अतिरिक्त भगवान श्री कृष्ण से जुड़े भ्रामक मिथकों को तोड़ने के उद्देश्य से विशेष व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे।
सांदीपनि विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम
प्रदेश के सांदीपनि विद्यालयों में इस उत्सव के दौरान विशेष आयोजन होंगे। इनमें सांदीपनि गुरु से जुड़े प्रसंगों और गुरु-शिष्य परंपरा पर परिचर्चा एवं नाट्य मंचन शामिल हैं। विभाग के अनुसार इस पूरे आयोजन का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, परंपराओं, नैतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता के प्रति जागरूकता व समझ विकसित करना है।
भाजपा की प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने इस निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'स्कूलों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के आयोजन का मध्यप्रदेश सरकार का निर्णय हमारी सनातन संस्कृति, संस्कारों और श्रीकृष्ण के जीवन मूल्यों से नई पीढ़ी को जोड़ने वाला सराहनीय कदम है।' यादव ने यह भी कहा कि 'भगवान श्रीकृष्ण किसी एक वर्ग की आस्था नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और हमारी गौरवशाली परंपरा के प्रतीक हैं।'
आगे क्या
यह आयोजन 24 अगस्त 2025 को जारी आदेश के बाद प्रदेशभर के स्कूलों में लागू होगा। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब मध्य प्रदेश सरकार शिक्षा में सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के समावेश पर जोर दे रही है। आने वाले दिनों में जिला स्तर पर तैयारियाँ शुरू होने की उम्मीद है।