त्रिपुरा CM माणिक साहा ने जेल आधुनिकीकरण बैठक की अध्यक्षता की, कैदियों के पुनर्वास और मानसिक स्वास्थ्य पर बल
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने 16 जुलाई 2026 को अगरतला में राज्य के सुधार गृहों और जेलों के आधुनिकीकरण पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि जेल सुधारों का दायरा केवल सुरक्षा और बुनियादी ढाँचे तक सीमित नहीं रहना चाहिए — कैदियों की मानसिक सेहत, कौशल विकास और समाज में उनकी सफल वापसी को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश
मुख्यमंत्री साहा ने बैठक में कहा, "अगर कैदियों को सजा काटते समय कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाए तो वे रिहाई के बाद विभिन्न व्यवसायों में भाग लेकर जीविका कमा सकेंगे। सजा पूरी करने के बाद सामाजिक मुख्यधारा में लौटने वालों की निगरानी और सहायता भी की जानी चाहिए, ताकि वे सफलतापूर्वक अपना जीवन पुनः स्थापित कर सकें।" उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कैदियों के लिए पर्याप्त पोषण, उचित चिकित्सा उपचार और समग्र कल्याण सुनिश्चित किया जाए।
साहा ने सुधार गृहों के भीतर खेल और मनोरंजक गतिविधियों के विस्तार पर भी ज़ोर दिया। उनके अनुसार ऐसी पहलें कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और उनके पुनर्वास में सहायक सिद्ध होंगी।
बैठक में क्या हुआ समीक्षा
जेल सचिव बृजेश पांडे ने केंद्रीय सुधार गृह और राज्य भर की अन्य जेलों के कामकाज पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने मुख्यमंत्री को विभिन्न सुधार गृहों में बंद कैदियों की संख्या, उन्हें प्रदान किए जाने वाले भोजन, स्वास्थ्य सेवा, पठन सामग्री, खेल सुविधाओं और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की जानकारी दी।
बैठक में बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने, पुनर्वास कार्यक्रमों को बेहतर बनाने और कौशल विकास पहलों को विस्तार देने पर विशेष चर्चा हुई।
मंत्री संताना चकमा की प्रतिक्रिया
त्रिपुरा के मंत्री संताना चकमा, जिन्होंने भी इस समीक्षा बैठक में भाग लिया, ने सोशल मीडिया पर कहा, "भारत सरकार के गृह मंत्रालय के हालिया निर्देशों पर हम अधिक सुरक्षित और कुशल सुधार प्रणाली के लिए प्रणालीगत सुधारों को आगे बढ़ाने, सुरक्षा बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने और प्रौद्योगिकी को एकीकृत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी
बैठक में मुख्य सचिव जेके सिन्हा, पुलिस महानिदेशक अनुराग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अभिषेक सिंह, महानिरीक्षक (जेल) आशीष साहा और विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हाल ही में देशभर की जेलों में सुधार और आधुनिकीकरण के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। त्रिपुरा सरकार का यह कदम राज्य की सुधारात्मक व्यवस्था को समकालीन मानकों के अनुरूप ढालने की दिशा में एक ठोस प्रयास माना जा रहा है। आने वाले महीनों में कौशल विकास और पुनर्वास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर सरकार की गंभीरता परखी जाएगी।