17 जुलाई 2026
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त्रिपुरा CM माणिक साहा ने जेल आधुनिकीकरण बैठक की अध्यक्षता की, कैदियों के पुनर्वास और मानसिक स्वास्थ्य पर बल

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त्रिपुरा CM माणिक साहा ने जेल आधुनिकीकरण बैठक की अध्यक्षता की, कैदियों के पुनर्वास और मानसिक स्वास्थ्य पर बल

सारांश

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने जेल आधुनिकीकरण बैठक में साफ़ संदेश दिया — सलाखों के पीछे सिर्फ सज़ा नहीं, बल्कि सुधार भी होना चाहिए। कौशल विकास, खेल गतिविधियों और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं पर ज़ोर देकर राज्य सरकार ने जेल व्यवस्था को पुनर्वास केंद्र के रूप में देखने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री माणिक साहा ने 16 जुलाई 2026 को अगरतला में त्रिपुरा की जेलों और सुधार गृहों के आधुनिकीकरण पर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
कैदियों को व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण देने पर जोर, ताकि रिहाई के बाद वे आजीविका कमा सकें।
जेलों में खेल, मनोरंजक गतिविधियों और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का निर्देश।
जेल सचिव बृजेश पांडे ने केंद्रीय सुधार गृह के कामकाज पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
मंत्री संताना चकमा ने गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के तहत सुरक्षा बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने और प्रौद्योगिकी एकीकरण की प्रतिबद्धता जताई।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने 16 जुलाई 2026 को अगरतला में राज्य के सुधार गृहों और जेलों के आधुनिकीकरण पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि जेल सुधारों का दायरा केवल सुरक्षा और बुनियादी ढाँचे तक सीमित नहीं रहना चाहिए — कैदियों की मानसिक सेहत, कौशल विकास और समाज में उनकी सफल वापसी को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री के निर्देश

मुख्यमंत्री साहा ने बैठक में कहा, "अगर कैदियों को सजा काटते समय कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाए तो वे रिहाई के बाद विभिन्न व्यवसायों में भाग लेकर जीविका कमा सकेंगे। सजा पूरी करने के बाद सामाजिक मुख्यधारा में लौटने वालों की निगरानी और सहायता भी की जानी चाहिए, ताकि वे सफलतापूर्वक अपना जीवन पुनः स्थापित कर सकें।" उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कैदियों के लिए पर्याप्त पोषण, उचित चिकित्सा उपचार और समग्र कल्याण सुनिश्चित किया जाए।

साहा ने सुधार गृहों के भीतर खेल और मनोरंजक गतिविधियों के विस्तार पर भी ज़ोर दिया। उनके अनुसार ऐसी पहलें कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और उनके पुनर्वास में सहायक सिद्ध होंगी।

बैठक में क्या हुआ समीक्षा

जेल सचिव बृजेश पांडे ने केंद्रीय सुधार गृह और राज्य भर की अन्य जेलों के कामकाज पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने मुख्यमंत्री को विभिन्न सुधार गृहों में बंद कैदियों की संख्या, उन्हें प्रदान किए जाने वाले भोजन, स्वास्थ्य सेवा, पठन सामग्री, खेल सुविधाओं और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की जानकारी दी।

बैठक में बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने, पुनर्वास कार्यक्रमों को बेहतर बनाने और कौशल विकास पहलों को विस्तार देने पर विशेष चर्चा हुई।

मंत्री संताना चकमा की प्रतिक्रिया

त्रिपुरा के मंत्री संताना चकमा, जिन्होंने भी इस समीक्षा बैठक में भाग लिया, ने सोशल मीडिया पर कहा, "भारत सरकार के गृह मंत्रालय के हालिया निर्देशों पर हम अधिक सुरक्षित और कुशल सुधार प्रणाली के लिए प्रणालीगत सुधारों को आगे बढ़ाने, सुरक्षा बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने और प्रौद्योगिकी को एकीकृत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी

बैठक में मुख्य सचिव जेके सिन्हा, पुलिस महानिदेशक अनुराग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अभिषेक सिंह, महानिरीक्षक (जेल) आशीष साहा और विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आगे की राह

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हाल ही में देशभर की जेलों में सुधार और आधुनिकीकरण के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। त्रिपुरा सरकार का यह कदम राज्य की सुधारात्मक व्यवस्था को समकालीन मानकों के अनुरूप ढालने की दिशा में एक ठोस प्रयास माना जा रहा है। आने वाले महीनों में कौशल विकास और पुनर्वास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर सरकार की गंभीरता परखी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी। भारत की अधिकांश जेलें क्षमता से अधिक भरी हैं और कौशल विकास कार्यक्रम कागज़ों पर तो दिखते हैं, पर ज़मीन पर उनकी पहुँच सीमित रही है। गृह मंत्रालय के हालिया निर्देशों का हवाला देकर राज्य ने केंद्र के साथ तालमेल का संकेत दिया है — यह राजनीतिक रूप से समझदारी है, लेकिन पुनर्वास की सफलता मापने के लिए कोई स्पष्ट मानक अभी सामने नहीं आया। रिहाई के बाद की निगरानी और सहायता का ढाँचा कैसा होगा, यह प्रश्न अनुत्तरित है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

त्रिपुरा में जेल आधुनिकीकरण बैठक में क्या निर्णय लिए गए?
16 जुलाई 2026 को अगरतला में हुई उच्च स्तरीय बैठक में कैदियों के कौशल विकास, मानसिक स्वास्थ्य, खेल गतिविधियों और पुनर्वास पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए गए। बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने और प्रौद्योगिकी के एकीकरण पर भी चर्चा हुई।
CM माणिक साहा ने कैदियों के पुनर्वास पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री साहा ने कहा कि सजा के दौरान दिए गए कौशल प्रशिक्षण से कैदी रिहाई के बाद आजीविका कमा सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में लौटने वाले पूर्व कैदियों की निगरानी और सहायता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
त्रिपुरा की जेलों में कैदियों को कौन-सी सुविधाएँ मिलती हैं?
जेल सचिव बृजेश पांडे की प्रस्तुति के अनुसार कैदियों को भोजन, स्वास्थ्य सेवा, पठन सामग्री (पुस्तकें और समाचार पत्र), खेल सुविधाएँ और अन्य सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं। बैठक में इन्हें और बेहतर बनाने पर चर्चा हुई।
गृह मंत्रालय के निर्देशों का त्रिपुरा की जेलों पर क्या असर होगा?
केंद्रीय गृह मंत्रालय के हालिया निर्देशों के तहत त्रिपुरा सरकार ने सुरक्षा बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने और प्रौद्योगिकी को एकीकृत करने की प्रतिबद्धता जताई है। इससे राज्य की सुधारात्मक व्यवस्था को समकालीन राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढालने में मदद मिलेगी।
त्रिपुरा जेल सुधार बैठक में कौन-कौन शामिल हुए?
बैठक में मुख्य सचिव जेके सिन्हा, पुलिस महानिदेशक अनुराग, जेल सचिव बृजेश पांडे, महानिरीक्षक (जेल) आशीष साहा, मंत्री संताना चकमा और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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