जी7 शिखर सम्मेलन में देर से पहुंचे ट्रंप बोले 'आई एम द बॉस', मोदी-ट्रंप द्विपक्षीय बैठक आज
सारांश
मुख्य बातें
फ्रांस के एवियन में आयोजित 52वें जी7 शिखर सम्मेलन के वर्किंग सेशन में बुधवार, 17 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप देरी से पहुंचे। जैसे ही उन्होंने कॉन्फ्रेंस रूम में प्रवेश किया, सभी नेताओं की निगाहें उन पर टिक गईं — और ट्रंप ने मजाकिया लहजे में कहा, 'आई एम द बॉस'। इस पर कमरे में मौजूद सभी नेता हंस पड़े, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल थे।
मैक्रों से मुलाकात और हल्का माहौल
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मुस्कुराते हुए ट्रंप का स्वागत किया और पूछा, 'आप कैसे हैं?' जिस पर ट्रंप ने जवाब दिया, 'ठीक, धन्यवाद।' यह संक्षिप्त पल सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया। गौरतलब है कि जी7 मंच पर ट्रंप का यह अंदाज़ उनकी परंपरागत 'अमेरिका फर्स्ट' छवि के अनुरूप ही रहा, जो अक्सर बहुपक्षीय बैठकों में उनके आत्मविश्वास को उजागर करता है।
मोदी-ट्रंप द्विपक्षीय बैठक: एजेंडा और महत्व
सम्मेलन के अंतिम दिन बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। व्हाइट हाउस के अनुसार, इस बैठक में भारत-अमेरिका संबंधों को 'नए स्तर' पर ले जाने पर जोर रहेगा। एजेंडे में व्यापार, तकनीक, निवेश, सप्लाई चेन और वैश्विक सुरक्षा प्रमुख मुद्दे हैं।
यह बैठक फरवरी 2025 के बाद दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की मुलाकात होगी। यह ऐसे समय में हो रही है जब भारत-अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते और पश्चिम एशिया संकट को लेकर कूटनीतिक प्रयास तेज़ हो रहे हैं।
व्हाइट हाउस प्रवक्ता का बयान
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच मजबूत व्यक्तिगत संबंध हैं और दोनों देश अपने सहयोग को और गहरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की भारत यात्रा ने दोनों देशों के बीच सहयोग को और मज़बूत किया है — विशेष रूप से क्रिटिकल मिनरल्स पर हुए एक समझौते के बाद।
मंगलवार को भी हुई थी संक्षिप्त मुलाकात
इससे पहले मंगलवार को जी7 आउटरीच सत्र के दौरान ट्रंप और मोदी ने एक-दूसरे का अभिवादन किया और संक्षिप्त बातचीत की थी। यह सत्र जी7 देशों, साझेदार राष्ट्रों, विश्व बैंक और अफ्रीकी विकास बैंक की भागीदारी के साथ आयोजित किया गया था।
विशेषज्ञों की राय और आगे की दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस द्विपक्षीय बैठक से दोनों देशों के बीच आर्थिक विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, निवेश साझेदारी और वैश्विक सुरक्षा पर ठोस नतीजों के साथ-साथ एक मज़बूत राजनीतिक संदेश भी मिलने की उम्मीद है। यह बैठक भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की अगली कड़ी तय करेगी।