3 अगस्त 2026
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जी7 शिखर सम्मेलन में देर से पहुंचे ट्रंप बोले 'आई एम द बॉस', मोदी-ट्रंप द्विपक्षीय बैठक आज

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जी7 शिखर सम्मेलन में देर से पहुंचे ट्रंप बोले 'आई एम द बॉस', मोदी-ट्रंप द्विपक्षीय बैठक आज

सारांश

एवियन में जी7 के वर्किंग सेशन में देर से दाखिल हुए ट्रंप का 'आई एम द बॉस' वाला अंदाज़ वायरल हो गया — लेकिन असली दांव बुधवार की मोदी-ट्रंप द्विपक्षीय बैठक है, जो फरवरी 2025 के बाद दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने मुलाकात होगी और व्यापार-तकनीक एजेंडे को नई दिशा दे सकती है।

मुख्य बातें

डोनाल्ड ट्रंप 17 जून को एवियन (फ्रांस) में 52वें जी7 शिखर सम्मेलन के वर्किंग सेशन में देर से पहुंचे और मजाकिया लहजे में 'आई एम द बॉस' कहा।
कमरे में मौजूद सभी नेता हंसे, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों शामिल थे।
मोदी-ट्रंप द्विपक्षीय बैठक बुधवार को प्रस्तावित; यह फरवरी 2025 के बाद दोनों की पहली आमने-सामने मुलाकात होगी।
एजेंडे में व्यापार, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सप्लाई चेन और वैश्विक सुरक्षा शामिल हैं।
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई के अनुसार, क्रिटिकल मिनरल्स समझौते के बाद यह बैठक सहयोग को और गहरा करने की कड़ी है।

फ्रांस के एवियन में आयोजित 52वें जी7 शिखर सम्मेलन के वर्किंग सेशन में बुधवार, 17 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप देरी से पहुंचे। जैसे ही उन्होंने कॉन्फ्रेंस रूम में प्रवेश किया, सभी नेताओं की निगाहें उन पर टिक गईं — और ट्रंप ने मजाकिया लहजे में कहा, 'आई एम द बॉस'। इस पर कमरे में मौजूद सभी नेता हंस पड़े, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल थे।

मैक्रों से मुलाकात और हल्का माहौल

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मुस्कुराते हुए ट्रंप का स्वागत किया और पूछा, 'आप कैसे हैं?' जिस पर ट्रंप ने जवाब दिया, 'ठीक, धन्यवाद।' यह संक्षिप्त पल सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया। गौरतलब है कि जी7 मंच पर ट्रंप का यह अंदाज़ उनकी परंपरागत 'अमेरिका फर्स्ट' छवि के अनुरूप ही रहा, जो अक्सर बहुपक्षीय बैठकों में उनके आत्मविश्वास को उजागर करता है।

मोदी-ट्रंप द्विपक्षीय बैठक: एजेंडा और महत्व

सम्मेलन के अंतिम दिन बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। व्हाइट हाउस के अनुसार, इस बैठक में भारत-अमेरिका संबंधों को 'नए स्तर' पर ले जाने पर जोर रहेगा। एजेंडे में व्यापार, तकनीक, निवेश, सप्लाई चेन और वैश्विक सुरक्षा प्रमुख मुद्दे हैं।

यह बैठक फरवरी 2025 के बाद दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की मुलाकात होगी। यह ऐसे समय में हो रही है जब भारत-अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते और पश्चिम एशिया संकट को लेकर कूटनीतिक प्रयास तेज़ हो रहे हैं।

व्हाइट हाउस प्रवक्ता का बयान

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच मजबूत व्यक्तिगत संबंध हैं और दोनों देश अपने सहयोग को और गहरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की भारत यात्रा ने दोनों देशों के बीच सहयोग को और मज़बूत किया है — विशेष रूप से क्रिटिकल मिनरल्स पर हुए एक समझौते के बाद।

मंगलवार को भी हुई थी संक्षिप्त मुलाकात

इससे पहले मंगलवार को जी7 आउटरीच सत्र के दौरान ट्रंप और मोदी ने एक-दूसरे का अभिवादन किया और संक्षिप्त बातचीत की थी। यह सत्र जी7 देशों, साझेदार राष्ट्रों, विश्व बैंक और अफ्रीकी विकास बैंक की भागीदारी के साथ आयोजित किया गया था।

विशेषज्ञों की राय और आगे की दिशा

विशेषज्ञों का मानना है कि इस द्विपक्षीय बैठक से दोनों देशों के बीच आर्थिक विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, निवेश साझेदारी और वैश्विक सुरक्षा पर ठोस नतीजों के साथ-साथ एक मज़बूत राजनीतिक संदेश भी मिलने की उम्मीद है। यह बैठक भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की अगली कड़ी तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कूटनीतिक परीक्षा मोदी के साथ होने वाली द्विपक्षीय बैठक है — जो व्यापार टैरिफ तनाव और क्रिटिकल मिनरल्स समझौते की पृष्ठभूमि में हो रही है। यह बैठक यह तय करेगी कि 'नए स्तर' का दावा महज़ कूटनीतिक शब्दावली है या उसके पीछे कोई ठोस ढाँचा है। पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक सप्लाई चेन पुनर्गठन के बीच भारत-अमेरिका साझेदारी की दिशा इस मुलाकात के नतीजों से तय होगी — और इसीलिए एवियन का यह दिन महज़ एक फोटो-ऑप से कहीं अधिक है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जी7 शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने 'आई एम द बॉस' क्यों कहा?
फ्रांस के एवियन में 52वें जी7 शिखर सम्मेलन के वर्किंग सेशन में देर से पहुंचने पर जब सभी नेताओं की निगाहें ट्रंप पर टिकीं, तो उन्होंने मजाकिया लहजे में 'आई एम द बॉस' कहा। इस पर कमरे में मौजूद सभी नेता हंस पड़े और यह पल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
मोदी-ट्रंप द्विपक्षीय बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
व्हाइट हाउस के अनुसार, बैठक में व्यापार, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, निवेश साझेदारी, सप्लाई चेन और वैश्विक सुरक्षा पर चर्चा होगी। दोनों देशों के बीच भारत-अमेरिका संबंधों को 'नए स्तर' पर ले जाने पर ज़ोर रहेगा।
मोदी और ट्रंप की यह बैठक पिछली बार कब हुई थी?
एवियन में होने वाली यह द्विपक्षीय बैठक फरवरी 2025 के बाद दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने मुलाकात होगी। इससे पहले मंगलवार को जी7 आउटरीच सत्र के दौरान दोनों ने संक्षिप्त अभिवादन और बातचीत की थी।
क्रिटिकल मिनरल्स समझौते का इस बैठक से क्या संबंध है?
व्हाइट हाउस प्रवक्ता कुश देसाई के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की हालिया भारत यात्रा के दौरान क्रिटिकल मिनरल्स पर एक ऐतिहासिक समझौता हुआ था। एवियन में मोदी-ट्रंप बैठक उसी सहयोग को आगे बढ़ाने की कड़ी मानी जा रही है।
52वाँ जी7 शिखर सम्मेलन कहाँ और कब हो रहा है?
52वाँ जी7 शिखर सम्मेलन फ्रांस के एवियन में आयोजित हो रहा है। बुधवार, 17 जून को सम्मेलन का अंतिम दिन है, जिसमें वर्किंग सेशन के साथ-साथ कई द्विपक्षीय बैठकें भी प्रस्तावित हैं।
राष्ट्र प्रेस
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