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ट्रंप का खुलासा: होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका ने गुप्त सैन्य अभियान चलाया, तेल बाज़ार को स्थिर रखा

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ट्रंप का खुलासा: होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका ने गुप्त सैन्य अभियान चलाया, तेल बाज़ार को स्थिर रखा

सारांश

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में खुलासा किया कि अमेरिका हफ्तों से होर्मुज स्ट्रेट में गुप्त सैन्य अभियान चला रहा था — ईरानी रडार और जहाज़ों को निशाना बनाकर। यही वजह रही कि तेल बाज़ार स्थिर रहा। अब ईरान के साथ समझौते पर हस्ताक्षर होते ही पाबंदियाँ हटने का संकेत।

मुख्य बातें

डोनाल्ड ट्रंप ने 12 जून को दावा किया कि अमेरिका पिछले कई हफ्तों से होर्मुज स्ट्रेट में गुप्त सैन्य अभियान चला रहा था।
अभियानों में ईरानी रडार सिस्टम और समुद्री संसाधनों को निशाना बनाया गया; पिछले एक महीने में कई बार ईरानी जहाज़ों पर कार्रवाई का दावा।
ट्रंप के अनुसार इन्हीं अभियानों की वजह से वैश्विक तेल बाज़ार खाड़ी तनाव के बावजूद स्थिर बना रहा।
ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते पर शनिवार या सोमवार तक हस्ताक्षर का संकेत; समझौते के बाद समुद्री पाबंदियाँ हटेंगी।
ट्रंप ने दावा किया कि समझौता सुनिश्चित करेगा कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा ।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 जून को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दावा किया कि अमेरिका पिछले कई हफ्तों से होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास गुप्त सैन्य अभियान चलाता रहा। ट्रंप के अनुसार, इन्हीं अभियानों की वजह से खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बावजूद वैश्विक तेल बाज़ार अपेक्षाकृत स्थिर बना रहा।

गुप्त अभियान का ब्यौरा

ट्रंप ने दावा किया कि ये अभियान रात के समय चलाए गए और इनमें ईरानी रडार सिस्टम तथा अन्य समुद्री संसाधनों को निशाना बनाया गया। उनके शब्दों में, "हमने उनके रडार और दूसरी चीज़ों पर बमबारी की ताकि उन्हें पता ही न चले कि क्या हो रहा है।" उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले एक महीने के दौरान अमेरिकी सेना ने कई बार ईरानी जहाज़ों के खिलाफ कार्रवाई की।

ट्रंप ने कहा, "यह होर्मुज स्ट्रेट पिछले कई महीनों से खुला हुआ है, बस आपको इसकी जानकारी नहीं थी। हमने बहुत सारे जहाज़ वहाँ से निकाले और करोड़ों-करोड़ों बैरल तेल भी इस रास्ते से गुज़ारा गया। कोई भी इसे रोक नहीं सकता था।"

होर्मुज स्ट्रेट का रणनीतिक महत्व

होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, इराक और कतर जैसे प्रमुख तेल व गैस उत्पादक देश अपने निर्यात के लिए इसी जलमार्ग पर निर्भर हैं। इस रास्ते के बाधित होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता था।

ईरान समझौते और नाकाबंदी हटाने का संकेत

ट्रंप ने संकेत दिया कि जैसे ही ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर होंगे — जो उनके अनुसार शनिवार या सोमवार तक हो सकता है — संघर्ष से जुड़ी समुद्री पाबंदियाँ हटा दी जाएंगी। जब उनसे पूछा गया कि क्या समझौते के तुरंत बाद नाकाबंदी हटेगी, तो उन्होंने कहा, "हाँ, यह सही है। यह समझौते का हिस्सा है।"

ट्रंप ने यह भी दावा किया, "हमारे पास ऐसा समझौता है जो यह सुनिश्चित करेगा कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।" उन्होंने इसे एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताया।

तेल बाज़ार पर असर

ट्रंप के अनुसार, गुप्त सैन्य अभियानों की वजह से वैश्विक तेल बाज़ार उस समय भी स्थिर बना रहा जब दुनिया को इस अहम जलमार्ग में रुकावट की आशंका थी। उन्होंने कहा, "बाज़ार समझ नहीं पा रहा था कि ऐसा कैसे हो रहा है।" यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की आशंका बनी हुई थी।

आगे क्या होगा

ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ प्रस्तावित समझौता क्षेत्र में अधिक स्थिरता लाएगा और समुद्री व्यापार को लेकर बनी अनिश्चितता को कम करेगा। गौरतलब है कि यदि यह समझौता अमल में आता है, तो यह अमेरिका-ईरान संबंधों में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों की नज़र अब समझौते की शर्तों और उसके क्रियान्वयन पर टिकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह भी तब जब समझौते की स्याही अभी सूखी नहीं। सवाल यह है कि क्या यह कूटनीतिक दबाव की रणनीति है या वास्तविक पारदर्शिता — और ईरान इसे किस रूप में लेगा। होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का लगभग पाँचवाँ हिस्सा तेल गुज़रता है, इसलिए वहाँ अघोषित सैन्य कार्रवाई के दावे वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों और क्षेत्रीय देशों के लिए गंभीर निहितार्थ रखते हैं। समझौते की शर्तें अभी सार्वजनिक नहीं हैं — बिना सत्यापन के ट्रंप के दावों को 'ऐतिहासिक उपलब्धि' मानना जल्दबाज़ी होगी।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी गुप्त सैन्य अभियान क्या था?
ट्रंप के दावे के अनुसार, अमेरिकी सेना पिछले कई हफ्तों से होर्मुज स्ट्रेट में रात के समय गुप्त अभियान चला रही थी, जिसमें ईरानी रडार सिस्टम और समुद्री संसाधनों को निशाना बनाया गया। इन अभियानों का उद्देश्य वैश्विक तेल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखना बताया गया है।
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए क्यों अहम है?
होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। सऊदी अरब, UAE, कुवैत, इराक और कतर जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देश अपने निर्यात के लिए इसी जलमार्ग पर निर्भर हैं।
ट्रंप ने ईरान के साथ किस समझौते का संकेत दिया?
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ एक समझौता तैयार है जो सुनिश्चित करेगा कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। उन्होंने कहा कि समझौते पर शनिवार या सोमवार तक हस्ताक्षर हो सकते हैं, जिसके बाद समुद्री पाबंदियाँ हटा दी जाएंगी।
क्या होर्मुज स्ट्रेट पर पाबंदी हटेगी?
ट्रंप के अनुसार, ईरान के साथ समझौते पर हस्ताक्षर होते ही संघर्ष से जुड़ी समुद्री पाबंदियाँ हटा दी जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि 'यह समझौते का हिस्सा है।' हालाँकि समझौते की औपचारिक शर्तें अभी सार्वजनिक नहीं हुई हैं।
इन गुप्त अभियानों का वैश्विक तेल बाज़ार पर क्या असर पड़ा?
ट्रंप के दावे के अनुसार, इन्हीं अभियानों की वजह से खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बावजूद वैश्विक तेल बाज़ार स्थिर बना रहा। उन्होंने कहा कि करोड़ों-करोड़ों बैरल तेल बिना किसी रुकावट के इस मार्ग से गुज़रा, जबकि बाज़ार को इसकी वजह समझ नहीं आ रही थी।
राष्ट्र प्रेस
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