ट्रंप का कॉलेज स्पोर्ट्स के लिए महत्वपूर्ण कार्यकारी आदेश
सारांश
Key Takeaways
- ट्रंप का आदेश कॉलेज स्पोर्ट्स में व्यवस्था और निष्पक्षता लाने के लिए है।
- खिलाड़ियों की पात्रता और ट्रांसफर के नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा।
- संघीय अनुदान से अयोग्यता का खतरा विश्वविद्यालयों के लिए बढ़ सकता है।
- आर्थिक दबाव को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
- कॉलेज खेलों का सामाजिक और आर्थिक महत्व है।
वाशिंगटन, 4 अप्रैल (राष्ट्रीय प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कॉलेज स्पोर्ट्स में “व्यवस्था, निष्पक्षता और स्थिरता” लाने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि बढ़ते आर्थिक और कानूनी दबाव इस व्यवस्था के भविष्य के लिए खतरा बन रहे हैं।
इस आदेश में संघीय एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे खिलाड़ियों के ट्रांसफर, पात्रता (योग्यता) और भुगतान से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि क्या नियमों का उल्लंघन करने पर विश्वविद्यालयों को संघीय अनुदान और अनुबंधों के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है।
आदेश में पूरे देश के लिए नए और स्पष्ट मानक स्थापित करने का उल्लेख है, ताकि व्यवस्था स्थिर बनी रहे। इसमें खिलाड़ियों की पात्रता के स्पष्ट और समान नियम, ट्रांसफर के निश्चित मानदंड और छात्र-खिलाड़ियों के लिए पांच साल तक खेलने की सीमा शामिल है।
प्रशासन ऐसे उपायों पर जोर दे रहा है जिनसे “छात्र-एथलीटों के लिए चिकित्सा देखभाल” सुनिश्चित हो सके, राजस्व बंटवारे को विनियमित किया जा सके, और “अनुचित वित्तीय व्यवस्थाओं पर प्रतिबंध”
इसके अलावा, इस आदेश में जनरल सर्विसेज एडमिनिस्ट्रेशन और शिक्षा विभाग को कॉलेज स्पोर्ट्स से जुड़ा अधिक डेटा जुटाने का निर्देश दिया गया है, ताकि नियमों का पालन बेहतर तरीके से किया जा सके। वहीं, फेडरल ट्रेड कमीशन और अटॉर्नी जनरल को जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की ज़िम्मेदारी दी गई है।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब वॉशिंगटन में कॉलेज स्पोर्ट्स में बढ़ती “पैसों की दौड़” को लेकर चिंता बढ़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि मुकदमों और विभिन्न राज्यों के नियमों के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो रही है।
व्हाइट हाउस ने कहा कि कॉलेज खेल बिना स्पष्ट और निश्चित नियमों के नहीं चल सकते। अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा व्यवस्था में पैसा ज्यादा कमाने वाले खेल जैसे फुटबॉल और बास्केटबॉल को अधिक लाभ मिल रहा है, जबकि छोटे खेल, विशेषकर महिलाओं और ओलंपिक खेलों से जुड़ी गतिविधियां कमजोर हो रही हैं।
आदेश में कहा गया है कि इस अव्यवस्था के कारण आर्थिक दबाव बढ़ रहा है, जिससे फुटबॉल और बास्केटबॉल को छोड़कर अन्य खेलों और कई विश्वविद्यालयों के संसाधनों के समाप्त होने का खतरा है। इसमें कॉलेज खेलों के बड़े आर्थिक और सामाजिक महत्व का भी उल्लेख किया गया है। ये खेल 5 लाख से अधिक छात्र-खिलाड़ियों को समर्थन करते हैं और हर साल करीब 4 अरब डॉलर की छात्रवृत्ति प्रदान करते हैं।
व्हाइट हाउस ने कहा कि कॉलेज स्पोर्ट्स अमेरिका की एक विशेष पहचान हैं, जो अच्छे खिलाड़ी और नेता तैयार करते हैं, ओलंपिक में देश को मजबूत बनाते हैं और समाज और संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इस निर्देश में कांग्रेस से जल्द कदम उठाने की अपील की गई है। कहा गया है कि अब और देरी नहीं की जा सकती, क्योंकि देशभर के विश्वविद्यालय इस समय अस्थिरता और समस्याओं का सामना कर रहे हैं।