कासगंज BDO संजीव कुमार पर FIR: 'पूरा एक दे जाना, नेतागिरी मत करना' — वायरल वीडियो में खुलेआम वसूली की मांग
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के पटियाली ब्लॉक में तैनात खंड विकास अधिकारी संजीव कुमार के खिलाफ 24 अक्टूबर को पटियाली कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की, जब उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हो गया। वीडियो में वह अपने ही कार्यालय में एक अधीनस्थ कर्मचारी को धमकाते, अभद्र भाषा का प्रयोग करते और कथित तौर पर अवैध वसूली की मांग करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
वायरल वीडियो में क्या दिखा
वीडियो में बीडीओ संजीव कुमार कुर्सी पर बैठे हुए अधीनस्थ कर्मचारी को हड़काते नजर आ रहे हैं। उनके मुँह से स्पष्ट रूप से यह कहते सुना जा सकता है — 'पूरा एक दे जाना, नोट कर लेना, नेतागिरी मत करना।' इसके अलावा वह गालियाँ देते हुए कर्मचारी को सीधे जेल भिजवाने की धमकी भी देते दिख रहे हैं। यह वीडियो सामने आते ही प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और FIR
जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) सुभाष चंद्र ने इस घटना को पदीय दायित्वों के विपरीत और भ्रष्टाचार का स्पष्ट प्रमाण करार दिया। उनकी तहरीर के आधार पर पटियाली कोतवाली पुलिस ने बीडीओ संजीव कुमार के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दावा करती रही है।
जाँच की जिम्मेदारी
एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रशासन ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जाँच की जिम्मेदारी क्षेत्राधिकारी पटियाली अमित कुमार को सौंपी है। जाँच में वीडियो की प्रामाणिकता, वसूली की प्रकृति और अन्य संबंधित पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
आम जनता और सरकारी तंत्र पर असर
गौरतलब है कि बीडीओ स्तर के अधिकारी ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं — मनरेगा भुगतान से लेकर पंचायत अनुदान तक। इस तरह की कथित वसूली सीधे उन लाभार्थियों को प्रभावित करती है जो सरकारी सेवाओं पर निर्भर हैं। पटियाली से कासगंज तक यही वीडियो फिलहाल चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है।
आगे क्या होगा
वायरल वीडियो और एफआईआर के बाद बीडीओ संजीव कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की भी संभावना है। जाँच रिपोर्ट आने के बाद उनके निलंबन या अन्य दंडात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। यह मामला उत्तर प्रदेश में जमीनी स्तर के प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर एक बार फिर सवाल खड़े करता है।