यूपी पीईटी 2026: तीसरे दिन 22 केंद्रों पर 17 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) के तीसरे दिन, 1 नवंबर 2026 को, प्रदेश के 22 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में 17,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। इस बार परीक्षार्थियों में ताज़ा स्नातक युवाओं से लेकर 50 वर्षीय सेवानिवृत्त सैनिक तक शामिल रहे, जो इस परीक्षा की व्यापक पहुँच को दर्शाता है।
मुख्य घटनाक्रम
परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इस बार रिकॉर्ड संख्या में युवाओं की भागीदारी देखी जा रही है, जो समूह 'ग' की भर्तियों के प्रति प्रतिस्पर्धा का संकेत है।
गौरतलब है कि पीईटी में प्राप्त स्कोर के आधार पर ही अभ्यर्थी लेखपाल, क्लर्क, जूनियर असिस्टेंट और अन्य पदों की मुख्य परीक्षा के लिए पात्र होते हैं। यही कारण है कि यह परीक्षा लाखों सरकारी नौकरी के इच्छुक युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण द्वार मानी जाती है।
अभ्यर्थियों की आवाज़
इटावा से आई अभ्यर्थी खुशबू ने बताया, 'एक साल से मैं तैयारी कर रही हूँ। पहली बार मैं इस परीक्षा में शामिल हो रही हूँ। मैं बीएससी ग्रेजुएट हूँ।' पहली बार परीक्षा दे रहीं खुशबू की उत्साहभरी उपस्थिति उन लाखों युवाओं का प्रतिनिधित्व करती है जो सरकारी सेवा में अपना भविष्य तलाश रहे हैं।
अभ्यर्थी गुंजन सक्सेना ने कहा, 'मैं इस परीक्षा में पहली बार शामिल हो रही हूँ। मैंने ग्रेजुएशन की है और आगे लेखपाल और बैंकिंग सेक्टर में जाना है। पिछले साल से मैंने तैयारी शुरू की है।' वहीं, दूसरी बार परीक्षा दे रहे अभ्यर्थी सौरव ने कहा, 'पिछली बार का स्कोर मेरा 319 था, जो कि थोड़ा दुखद था।' इस बार वह बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद लेकर परीक्षा हॉल में पहुँचे।
पूर्व सैनिक की प्रेरणादायक कहानी
मुकेश पाल सिंह, जो भारतीय सेना में 28 साल की सेवा के बाद मानद सूबेदार मेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, ने बताया, 'एक-दो महीने से मैं तैयारी कर रहा था। मैं 50 साल का हूँ और ये रिटायरमेंट की उम्र नहीं है। 10-15 साल तो काम करना है।' उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जुलाई 1996 में लेखपाल पद के लिए उनका चयन हुआ था, परंतु उसके तुरंत बाद सेना से बुलावा आ गया और वे सेना में चले गए।
मुकेश पाल सिंह की यह कहानी यह स्पष्ट करती है कि पीईटी परीक्षा केवल युवाओं तक सीमित नहीं है — अनुभवी और सेवानिवृत्त व्यक्ति भी राज्य सरकार की नौकरियों में अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।
परीक्षा का महत्व और सुरक्षा व्यवस्था
UPSSSC द्वारा आयोजित यह परीक्षा समूह 'ग' भर्तियों के लिए अनिवार्य प्रवेश द्वार है। नकलविहीन और पारदर्शी परीक्षा के लिए केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, बायोमेट्रिक सत्यापन और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में पिछले वर्षों में परीक्षा पेपर लीक की घटनाओं के बाद सरकार पारदर्शी चयन प्रक्रिया को लेकर संवेदनशील है।
आगे की राह
पीईटी परीक्षा का आयोजन अभी जारी है और इसके परिणाम के बाद अभ्यर्थी संबंधित पदों की मुख्य परीक्षाओं के लिए पात्रता हासिल करेंगे। प्रशासन का कहना है कि पारदर्शी प्रक्रिया से योग्य उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित किया जाएगा।