आयुष्मान अस्पतालों का औचक निरीक्षण: यूपी में साचीज की 4 सदस्यीय टीम जाँचेगी सुविधाएँ
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अस्पतालों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी तंत्र को और मज़बूत कर दिया है। स्टेट हेल्थ एजेंसी (साचीज) द्वारा गठित चार सदस्यीय विशेष टीम ने लखनऊ में योजना से सम्बद्ध चिकित्सालयों का औचक निरीक्षण शुरू कर दिया है। तय मानकों का पालन न करने वाले अस्पतालों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है।
निरीक्षण का दायरा और प्रक्रिया
साचीज की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्चना वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह औचक निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। टीम चिकित्सालयों में उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर, मानव संसाधन, कर्मचारियों के व्यवहार, स्वच्छता व्यवस्था तथा बायोमेडिकल वेस्ट के उचित प्रबंधन एवं निस्तारण की स्थिति की जाँच कर रही है।
इसके अलावा, ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और आईसीयू में संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल का पालन हो रहा है या नहीं, यह भी टीम के निरीक्षण के दायरे में है। टीम यह भी देख रही है कि अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना से संबंधित सूचना सामग्री प्रदर्शित है या नहीं और मरीज़ों को योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं की सही जानकारी दी जा रही है या नहीं।
सरकार की प्राथमिकताएँ
अर्चना वर्मा के अनुसार, योगी सरकार आयुष्मान लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन की ज़िम्मेदारी है कि वह लाभार्थियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करे और उन्हें स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण प्रदान करे। योजना से जुड़े सभी अस्पतालों को इन नियमों का पूर्णतः पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई
साचीज की सीईओ ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान जिस भी अस्पताल में तय मानकों की अनदेखी पाई जाएगी, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अस्पतालों को विशेष रूप से साफ-सफाई, कर्मचारियों की उपलब्धता, बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण, ओटी-आईसीयू व्यवस्था और मरीज़ों को योजना की जानकारी देने पर ध्यान देने को कहा गया है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब आयुष्मान योजना से जुड़े निजी अस्पतालों में सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर देशभर में सवाल उठ रहे हैं।
आम मरीज़ों पर असर
उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत के लाखों कार्डधारक निजी और सरकारी अस्पतालों में मुफ़्त इलाज का लाभ उठाते हैं। यह औचक निरीक्षण अभियान सुनिश्चित करने का प्रयास है कि कार्डधारकों को वास्तव में योजना के तहत निर्धारित सुविधाएँ मिलें, न कि महज़ काग़ज़ी अनुपालन। गौरतलब है कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें अस्पतालों ने आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद मरीज़ों से अतिरिक्त शुल्क वसूला।
आने वाले हफ्तों में यह निरीक्षण टीम लखनऊ से आगे बढ़कर प्रदेश के अन्य ज़िलों के अस्पतालों की भी जाँच करेगी, जिससे पूरे उत्तर प्रदेश में योजना के क्रियान्वयन की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।