यूपी के 1.62 लाख स्कूलों ने SHVR 2026-27 में भागीदारी पूरी, कानपुर देहात 83.17% के साथ शीर्ष पर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के 2,66,408 सरकारी विद्यालयों में से 1,62,054 स्कूलों ने स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (SHVR) 2026-27 में अपनी भागीदारी 5 अक्टूबर 2026 तक पूर्ण कर ली है, जो प्रदेश का 60.83 प्रतिशत अंतिम पूर्णता प्रतिशत दर्शाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चलाई जा रही यह पहल विद्यालयों में स्वच्छता, हरित परिवेश और पर्यावरणीय जागरूकता को संस्थागत रूप देने की दिशा में राज्य का एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है।
मुख्य आँकड़े और प्रक्रिया की स्थिति
प्रदेश के कुल 2,66,408 विद्यालयों में से 1,86,196 में SHVR की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। इनमें से 1,79,793 विद्यालयों ने औपचारिक पंजीकरण कराया, और 1,62,054 विद्यालयों ने भागीदारी पूर्ण की। यह आँकड़ा प्रदेश के सभी 75 जनपदों में SHVR के प्रति सक्रिय रुचि का संकेत देता है।
SHVR के अंतर्गत विद्यालयों को स्वच्छता, जल संरक्षण, वृक्षारोपण, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरणीय शिक्षा जैसे निर्धारित मानकों पर मूल्यांकित किया जाता है। यह रेटिंग प्रणाली विद्यालयों को इन क्षेत्रों में व्यावहारिक सुधार की दिशा में प्रेरित करती है।
जनपदवार शीर्ष-10 प्रदर्शन
कानपुर देहात 83.17 प्रतिशत अंतिम पूर्णता प्रतिशत के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर है — जनपद के कुल 2,876 विद्यालयों में से 2,392 ने भागीदारी पूरी की। मुजफ्फरनगर 82.24 प्रतिशत के साथ दूसरे और भदोही 77.62 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर है।
शीर्ष-10 में क्रमशः कौशांबी (75.22%), ललितपुर (73.78%), बाराबंकी (73.52%), रामपुर (71.90%), मऊ (71.50%), बुलंदशहर (70.25%) और सहारनपुर (68.90%) शामिल हैं। गौरतलब है कि इस सूची में पश्चिमी, मध्य और पूर्वांचल के जनपद एक साथ दिखाई देते हैं, जो प्रदेशव्यापी भागीदारी का प्रमाण है।
क्षेत्रीय भागीदारी का विस्तार
पूर्वांचल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक भागीदारी का फैलाव उल्लेखनीय है। वाराणसी में 67.58 प्रतिशत, मिर्जापुर में 68.29 प्रतिशत और सोनभद्र में 68.51 प्रतिशत पूर्णता दर्ज की गई। गोरखपुर में यह आँकड़ा 60.83 प्रतिशत रहा, जो प्रदेश के औसत के बराबर है।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं और गुणवत्ता सुधार पर एकाग्र है। SHVR की यह व्यापक भागीदारी उस व्यापक ढाँचे का हिस्सा है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा, 'स्वच्छ एवं हरित विद्यालय स्वस्थ और जागरूक पीढ़ी की आधारशिला हैं। SHVR के माध्यम से विद्यालयों में स्वच्छता, हरित परिवेश और पर्यावरणीय चेतना को और मजबूत किया जा रहा है।'
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा, 'SHVR विद्यालयों को स्वच्छता और पर्यावरणीय मानकों के प्रति सक्रिय बनाने का प्रभावी माध्यम है। व्यापक सहभागिता से स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों की दिशा में सकारात्मक बदलाव को गति मिलेगी।'
आगे की राह
प्रदेश के शेष विद्यालयों को भी SHVR में शामिल करने के लिए जनपद स्तर पर प्रयास जारी हैं। रेटिंग में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को प्रोत्साहन और संसाधन सहायता मिलने की संभावना है, जो दीर्घकालिक पर्यावरणीय चेतना की नींव तैयार कर सकती है।