यूपी मतदाता सूची पुनरीक्षण 2027: चुनाव आयोग ने RWA, श्रमिक संगठनों व IMA को अभियान से जोड़ा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने 6 नवंबर 2026 को बताया कि विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 के अंतर्गत प्रदेश में शत-प्रतिशत पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए व्यापक जनसहभागिता अभियान की रणनीति तैयार की गई है। इस अभियान में सरकारी विभागों के साथ-साथ निजी कंपनियों, आवासीय सोसाइटियों, अधिवक्ता संगठनों, श्रमिक एवं व्यापारिक संगठनों और चिकित्सा संस्थानों को भी भागीदार बनाया जाएगा। लखनऊ से जारी निर्देशों के अनुसार सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं।
अभियान का दायरा और संगठन
जिला स्तर पर सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों, निजी औद्योगिक संस्थानों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), जिला एवं तहसील बार एसोसिएशन, नागरिक सुरक्षा संगठनों, श्रमिक संगठनों, व्यापारिक संगठनों और चिकित्सा संघों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। इन संगठनों की सहायता से उनके कार्यक्षेत्र और परिसरों में रहने वाले पात्र नागरिकों की पहचान कर उन्हें मतदाता सूची में शामिल कराया जाएगा। सार्वजनिक उपक्रमों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों के लिए कार्यस्थलों पर विशेष पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे।
आवासीय क्षेत्रों और मलिन बस्तियों पर विशेष ध्यान
आवासीय सोसाइटियों, बहुमंजिला अपार्टमेंट और कॉलोनियों में RWA के सहयोग से नए निवासियों, पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं और अब तक पंजीकरण से वंचित पात्र नागरिकों को चिह्नित किया जाएगा। नागरिक सुरक्षा संगठनों के स्वयंसेवक नगरीय क्षेत्रों, घनी आबादी वाले मोहल्लों और मलिन बस्तियों में छूटे हुए मतदाताओं की पहचान करेंगे। श्रमिक संगठनों के माध्यम से कारखानों, औद्योगिक क्षेत्रों और निर्माण स्थलों पर काम करने वाले संगठित एवं असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों के साथ-साथ संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।
चिकित्सा और व्यापारिक संगठनों की भूमिका
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और अन्य चिकित्सा संस्थानों के सहयोग से उनके परिसरों में पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे। व्यापारिक संगठनों के साथ बैठकें आयोजित कर उन्हें मतदाता जागरूकता और पंजीकरण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इन संगठनों की मदद से मलिन बस्तियों और दूरस्थ क्षेत्रों में भी जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की भागीदारी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि वर्तमान एवं पूर्व ग्राम प्रधानों और पार्षदों की स्थानीय जानकारी का उपयोग कर मतदाता सूची से छूटे पात्र नागरिकों की पहचान की जाएगी। इसके अतिरिक्त समाजसेवियों और वरिष्ठ प्रतिष्ठित नागरिकों का सहयोग लेकर ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा। गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियाँ प्रारंभिक चरण में हैं।
आगे की राह
सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को संबंधित संगठनों के पदाधिकारियों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करने और विशेष अभियान दिवसों सहित अन्य उपयुक्त अवसरों पर पंजीकरण शिविर आयोजित कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह पहल सुनिश्चित करने का प्रयास है कि राज्य के हर कोने में — चाहे वह कारखाना हो, अस्पताल परिसर हो या दूरस्थ गाँव — कोई भी पात्र नागरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया से बाहर न रहे।