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क्या महज 9 वर्षों में वीजा को पीछे छोड़ यूपीआई बन गया दुनिया का टॉप रियल टाइम पेमेंट सिस्टम?

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क्या महज 9 वर्षों में वीजा को पीछे छोड़ यूपीआई बन गया दुनिया का टॉप रियल टाइम पेमेंट सिस्टम?

सारांश

भारत के संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यूपीआई की नई उपलब्धियों के बारे में बताया है। क्या वाकई यूपीआई ने वीजा को पीछे छोड़कर दुनिया का टॉप रियल टाइम पेमेंट सिस्टम बनने का गौरव हासिल कर लिया है? जानिए इस बारे में विस्तार से।

मुख्य बातें

यूपीआई अब दुनिया का टॉप रियल टाइम पेमेंट सिस्टम है।
यूपीआई ने वीजा को पीछे छोड़ दिया है।
यूपीआई का उपयोग 7 देशों में हो रहा है।
यूपीआई का दैनिक लेनदेन 650.26 मिलियन है।
यूपीआई की शुरुआत 2016 में हुई थी।

नई दिल्ली, 14 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। भारत के संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को बताया कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) अब विश्व का सबसे प्रमुख रियल टाइम पेमेंट सिस्टम बन चुका है।

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "भारत का डिजिटल पावरहाउस यूपीआई अब वैश्विक स्तर पर रियल टाइम पेमेंट सिस्टम में पहले स्थान पर पहुँच गया है, जो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।"

सिंधिया ने इस उपलब्धि को एक इंफोग्राफिक के माध्यम से साझा किया है। उनके द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, यूपीआई ने 650.26 मिलियन दैनिक लेनदेन के साथ वीजा को पीछे छोड़ दिया है, जबकि वीजा के लिए यह आंकड़ा 639 मिलियन है।

उन्होंने बताया कि यूपीआई का उपयोग वर्तमान में 7 देशों में हो रहा है, जिसमें सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), फ्रांस, भूटान, नेपाल, श्रीलंका और मॉरीशस शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अन्य देश भी यूपीआई को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।

इससे पहले, नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने यूपीआई की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है और इसने नागरिकों के जीवन को बदल दिया है।

हाल ही में, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के एक नोट में भी इस बात पर जोर दिया गया था कि यूपीआई आधारित डिजिटल पेमेंट को व्यापक रूप से अपनाने के कारण भारत अब किसी भी अन्य देश की तुलना में तेज भुगतान करता है।

यूपीआई की शुरुआत 2016 में भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा की गई थी, जिसके बाद से यूपीआई का विकास तेजी से हुआ है। 'ग्रॉइंग रिटेल डिजिटल पेमेंट्स: द वैल्यू ऑफ इंटरऑपरेबिलिटी' शीर्षक वाले नोट के अनुसार, यूपीआई अब प्रति माह 18 अरब से अधिक लेनदेन को प्रोसेस करता है और भारत में अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिटेल पेमेंट सिस्टम पर भी हावी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यूपीआई की उपलब्धि केवल एक तकनीकी विकास नहीं, बल्कि यह भारत की डिजिटल क्रांति का प्रतीक है। यह देश को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाता है और नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपीआई का उपयोग किन देशों में हो रहा है?
यूपीआई वर्तमान में सिंगापुर, यूएई, फ्रांस, भूटान, नेपाल, श्रीलंका और मॉरीशस में उपयोग किया जा रहा है।
यूपीआई की शुरुआत कब हुई थी?
यूपीआई की शुरुआत 2016 में भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम द्वारा की गई थी।
यूपीआई की दैनिक लेनदेन संख्या कितनी है?
यूपीआई की दैनिक लेनदेन संख्या 650.26 मिलियन है।
यूपीआई ने वीजा को कैसे पीछे छोड़ा?
यूपीआई ने 639 मिलियन लेनदेन के साथ वीजा को पीछे छोड़कर अपनी संख्या को बढ़ाया है।
राष्ट्र प्रेस
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