भगवंत मान ने यूपीएससी 2025 टॉपर्स को किया सम्मानित, कृतिका चौधरी (312वीं), दीपांशु जिंदल (38वीं) रैंक पर चमके
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार, 15 जून 2026 को चंडीगढ़ में एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित कर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा 2025 के सफल अभ्यर्थियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस समारोह में पंजाब के विभिन्न जिलों से आए टॉपर्स ने शिरकत की, जिनमें से कई ने व्यक्तिगत संघर्षों को पार कर यह मुकाम हासिल किया है।
मुख्य अभ्यर्थी और उनकी उपलब्धियाँ
शहीद भगत सिंह नगर की कृतिका चौधरी ने यूपीएससी 2025 में 312वीं रैंक हासिल की। उन्होंने बताया कि 6 मार्च को यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद 7 मार्च को मुख्यमंत्री ने लुधियाना में पहले सम्मान समारोह का आयोजन किया था। सोमवार का समारोह उनके लिए दूसरी बार सम्मान का अवसर था।
पटियाला की अनुषा जैन ने यूपीएससी में 251वीं रैंक हासिल की। एक विवाहित महिला के रूप में पढ़ाई और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती का सामना करते हुए उन्होंने यह सफलता अर्जित की। वहीं, पटियाला के ही दीपांशु जिंदल ने 38वीं रैंक प्राप्त कर पंजाब का नाम रोशन किया।
अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया
कृतिका चौधरी ने कहा कि यह सम्मान समारोह केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि एक प्रेरणा का स्रोत है। उनके शब्दों में, 'इस समारोह के आयोजन से हमें सम्मान से ज़्यादा प्रोत्साहन मिलता है। इससे बाकी के अभ्यर्थियों को ऐसी ऊँचाइयों को छूने का मोटिवेशन मिलता है।' उन्होंने उम्मीद जताई कि आयोग उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) या भारतीय विदेश सेवा (IFS) आवंटित करेगा।
अनुषा जैन ने कहा, 'बहुत अच्छा लग रहा है, ऐसा लगता है जैसे आपकी सारी मेहनत आखिरकार रंग लाई।' उनके पति गौरव गर्ग ने समाज से अपील की कि वे अपनी बेटियों, बहनों और पत्नी को उनके सपने पूरे करने में सहयोग दें।
38वीं रैंक हासिल करने वाले दीपांशु जिंदल की कहानी विशेष रूप से मार्मिक है। उनके चचेरे भाई ने बताया कि कैंसर के कारण दीपांशु ने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया, फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और अथक परिश्रम से यह उपलब्धि अर्जित की। दीपांशु ने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि उनका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ रहेगा। मेरी पहली पसंद IAS थी और मुझे लगता है कि जो रैंक मुझे मिली है, उससे मुझे अपना पसंदीदा विभाग मिल जाएगा।'
परिवारों की खुशी और सामाजिक संदेश
कृतिका चौधरी की माँ दर्शना कुमारी ने कहा कि पहले लोग अपनी बेटियों की पढ़ाई पर ध्यान नहीं देते थे, लेकिन अब धीरे-धीरे सोच बदल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि समाज बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करेगा। यह समारोह ऐसे समय में आया है जब देशभर में महिला सशक्तिकरण और सिविल सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है।
आगे की राह
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इससे पहले भी 7 मार्च को लुधियाना में इन्हीं अभ्यर्थियों को सम्मानित किया था। यह दूसरा समारोह इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार प्रशासनिक सेवाओं में पंजाब के युवाओं की सफलता को सार्वजनिक रूप से रेखांकित करने के प्रति सजग है। सेवा आवंटन की प्रक्रिया आयोग के स्तर पर जारी है और अभ्यर्थियों को जल्द ही अपनी सेवा का पता चलने की उम्मीद है।