वाशिंगटन में इजरायल-लेबनान शांति वार्ता: अमेरिका की अध्यक्षता में सीजफायर मजबूत करने की कोशिश
सारांश
मुख्य बातें
वाशिंगटन में 23 जून 2026 को अमेरिका की मेजबानी में इजरायली और लेबनानी अधिकारियों के बीच उच्चस्तरीय बातचीत शुरू हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच लागू सीजफायर को और मजबूत करना तथा एक स्थायी शांति एवं सुरक्षा ढाँचे की दिशा में ठोस प्रगति सुनिश्चित करना है। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे मध्य-पूर्व में स्थिरता बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक प्रयास बताया है।
वार्ता का स्वरूप और नेतृत्व
अमेरिकी राज्य विभाग के अनुसार, इस बातचीत का नेतृत्व राज्य विभाग के काउंसलर डैन हॉलर और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के रक्षा सहायक सचिव डैन ज़िमरमैन कर रहे हैं। वार्ता की संरचना तीन चरणों में तय की गई है — पहले एक संयुक्त सैन्य-राजनीतिक सत्र, फिर एक विशेष सैन्य बैठक, और अंत में राजनीतिक मुद्दों पर केंद्रित एक अलग दौर।
राज्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा, 'काउंसलर हॉलर, ज़िमरमैन के साथ मिलकर बातचीत की शुरुआत कर रहे हैं — पहले एक संयुक्त सैन्य और राजनीतिक सत्र, फिर सैन्य सत्र, और आखिर में राजनीतिक मुद्दों का दौर।'
अमेरिका का साझा लक्ष्य
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस पहल का केंद्रीय उद्देश्य दोनों देशों के बीच हिंसा के चक्र को स्थायी रूप से समाप्त करना है। उन्होंने कहा, 'हमारा साझा लक्ष्य हिंसा के इस चक्र को हमेशा के लिए खत्म करना है। हम इजरायल और लेबनान को दो संप्रभु देशों के तौर पर बातचीत करने और शांति व सुरक्षा का रास्ता खोजने में मदद कर रहे हैं।'
यह ऐसे समय में आया है जब इजरायल-लेबनान सीमा पर तनाव फिर से बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी और पूर्व में हुए सीजफायर के प्रावधानों के कमज़ोर पड़ने की खबरें सामने आ रही थीं।
रुबियो की पूर्व-वार्ता कूटनीति
बातचीत से पहले शुक्रवार को अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन दोनों से अलग-अलग बात की। इन द्विपक्षीय वार्ताओं के बाद अमेरिका ने CENTCOM (सेंट्रल कमांड) के माध्यम से एक निगरानी तंत्र सक्रिय किया, ताकि नीति-निर्माताओं को लेबनान में जमीनी हालात की रियल-टाइम और सटीक जानकारी मिलती रहे।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने इन दोनों पड़ोसी देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई है, लेकिन CENTCOM-आधारित निगरानी तंत्र का उपयोग इस बार की वार्ता को पिछले प्रयासों से अलग बनाता है।
प्रतिनिधिमंडल कई दिनों तक रहेगा वाशिंगटन में
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इजरायली और लेबनानी प्रतिनिधि बातचीत जारी रहने तक वाशिंगटन में ही रहेंगे। यह बहु-दिवसीय कार्यक्रम इस बात का संकेत है कि अमेरिका इस वार्ता को जल्दबाजी में नहीं, बल्कि गहराई से आगे बढ़ाना चाहता है।
आगे क्या होगा
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच एक व्यापक शांति और सुरक्षा समझौते की रूपरेखा तैयार करने की कोशिश की जाएगी। ये वार्ताएँ इजरायल-लेबनान सीमा पर बड़े पैमाने पर शत्रुता की वापसी को रोकने और पहले से मौजूद सीजफायर व्यवस्था को संस्थागत रूप देने के अमेरिका के नए कूटनीतिक प्रयासों की कड़ी हैं। अगले कुछ दिनों में इस वार्ता के परिणामों पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।