इजरायल-लेबनान शांति वार्ता का छठा दौर रोम में, विदेश मंत्री गिदोन सार ने की पुष्टि
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को पुष्टि की कि इजरायल और लेबनान के बीच शांति वार्ता का छठा दौर अगले सप्ताह इटली की राजधानी रोम में आयोजित होने की उम्मीद है। अप्रैल से अब तक वॉशिंगटन में राजदूत स्तर की पाँच बैठकें हो चुकी हैं, और रोम में होने वाली यह बैठक दोनों देशों के बीच वार्ता की दिशा में एक नई भौगोलिक और कूटनीतिक पहल होगी।
वार्ता का पृष्ठभूमि और अब तक का सफर
अप्रैल 2026 से शुरू हुई इस राजनयिक प्रक्रिया में अब तक वॉशिंगटन में पाँच राजदूत-स्तरीय बैठकें हो चुकी हैं। जून के अंत में हुई पिछली बैठक एक प्रारंभिक समझौते के ढाँचे पर समाप्त हुई थी, जिसमें दक्षिणी लेबनान के दो क्षेत्रों से इजरायली सेना की वापसी का प्रस्ताव शामिल था। उल्लेखनीय है कि इन क्षेत्रों में इजरायली सेना अभी भी हिज़्बुल्लाह के विरुद्ध सक्रिय अभियान चला रही है।
सार का बयान और सुरक्षा की शर्त
येरुशलम में जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल के साथ हुई बैठक के दौरान गिदोन सार ने स्पष्ट किया कि इजरायल अपने पड़ोसी देशों के साथ शांति का इच्छुक है, किंतु कोई भी समझौता 'सुरक्षा' को केंद्र में रखकर ही किया जाएगा। उन्होंने वार्ता की सटीक तिथि का खुलासा नहीं किया। हालाँकि, अमेरिका में इजरायल के राजदूत येचिएल लेटर के हवाले से कई इजरायली मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि बातचीत अगले मंगलवार से रोम में शुरू होने की संभावना है।
इटली की कूटनीतिक भूमिका
इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने रोम को इस वार्ता के लिए चुने जाने का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'रोम, शांति और बातचीत का केंद्र है। हम इस घोषणा का गर्मजोशी से स्वागत करते हैं कि इजरायल और लेबनान के बीच अमेरिका की मदद से होने वाली अगली बातचीत रोम में होगी।' ताजानी ने यह भी स्मरण कराया कि पिछले अप्रैल में उन्होंने स्वयं लेबनान और इजरायल की सरकारों को इटली की मेज़बानी की पेशकश की थी।
रोम की मेज़बानी का महत्व
ताजानी के अनुसार, रोम का चुनाव इटली सरकार की सुदृढ़ कूटनीतिक कोशिशों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी विश्वसनीय भूमिका का प्रमाण है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में शांति प्रक्रिया को लेकर वैश्विक समुदाय की नज़रें टिकी हैं और अमेरिका की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के बीच संवाद की गति धीरे-धीरे बढ़ रही है। गौरतलब है कि यह वार्ता पहली बार वॉशिंगटन से बाहर किसी तीसरे देश में आयोजित हो रही है, जो इस राजनयिक प्रक्रिया के विस्तार का संकेत देती है।
आगे क्या होगा
अगले सप्ताह रोम में होने वाली बैठक में दक्षिणी लेबनान से इजरायली सेना की वापसी की शर्तों और समयसीमा पर विस्तृत चर्चा अपेक्षित है। यदि यह दौर सफल रहा, तो यह दोनों देशों के बीच एक औपचारिक समझौते की दिशा में निर्णायक कदम साबित हो सकता है।