इजरायल-लेबनान शांति वार्ता: 4-6 अगस्त को रोम में अगला दौर, सुरक्षा फ्रेमवर्क पर होगा फोकस
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राज्य विभाग ने पुष्टि की है कि इजरायल और लेबनान के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में चल रही शांति वार्ता का अगला दौर 4 से 6 अगस्त 2025 के बीच रोम में आयोजित होगा। इसमें दोनों देशों की तकनीकी टीमें एक व्यापक शांति एवं सुरक्षा समझौते का फ्रेमवर्क तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करेंगी। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दक्षिणी लेबनान में पहले पायलट जोन की प्रक्रिया अभी-अभी शुरू हुई है।
रोम वार्ता का एजेंडा
अमेरिकी राज्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, रोम में तकनीकी समूह तीन प्रमुख मुद्दों पर काम करेंगे — दक्षिणी लेबनान में पायलट जोन प्रक्रिया का विस्तार, शेष सीमा विवादों का समाधान, और पिछले महीने हस्ताक्षरित फ्रेमवर्क समझौते को पूर्ण रूप से लागू करना। अधिकारी ने कहा, "रोम में, तकनीकी समूह फ्रेमवर्क समझौते को पूरी तरह से लागू करने पर फोकस करेंगे — इसमें पायलट जोन प्रोसेस को बढ़ाना, सभी बाकी सीमा मामलों को सुलझाना और एक बड़े शांति और सुरक्षा समझौते पर काम करना शामिल है।"
पायलट जोन: क्या है और क्यों अहम है
दक्षिणी लेबनान में स्थापित पायलट जोन का मूल उद्देश्य उस क्षेत्र में लेबनानी सरकार की प्रशासनिक सत्ता को पुनर्स्थापित करना है। इसके साथ ही, क्षेत्र में सक्रिय आतंकवादी संगठनों के हथियारों का सत्यापन-योग्य तरीके से उन्मूलन भी इस प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा है। इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने पिछले सप्ताह दक्षिणी लेबनान के इस पायलट जोन से अपनी पहली वापसी पूरी की। हालाँकि, बेरूत ने तब से येरुशलम पर लेबनानी सशस्त्र बलों के वहाँ तैनाती के प्रयासों में अड़चन डालने का आरोप लगाया है।
अमेरिका की स्थिति और पृष्ठभूमि
अमेरिकी राज्य विभाग ने स्पष्ट किया कि अथॉरिटी का हस्तांतरण सफलतापूर्वक जारी है और पहले जोन को भविष्य की प्रक्रियाओं के लिए एक परीक्षण मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारी ने कहा, "पहला पायलट जोन जमीन पर असली तरक्की करने, आतंकवादी संगठनों के वेरिफाई किए जा सकने वाले हथियार खत्म करके लेबनानी सरकार की अथॉरिटी को फिर से कायम करने और अगले कदमों के लिए जरूरी भरोसा बनाने का एक ठोस मौका है।" गौरतलब है कि इस प्रक्रिया की पहली औपचारिक बैठक 3 जून को वाशिंगटन में राज्य विभाग में हुई थी, जिसमें अमेरिका में इजरायली राजदूत येचिएल लीटर, राज्य विभाग के चीफ ऑफ स्टाफ डेनियल हॉलर, लेबनान में अमेरिकी राजदूत मिशेल इस्सा और अमेरिका में लेबनानी राजदूत नाडा हमादेह शामिल थे।
राजनीतिक पेचीदगियाँ
रोम वार्ता ऐसे नाजुक समय में हो रही है जब इजरायल अक्टूबर में नेसेट चुनाव की तैयारी में है। विश्लेषकों ने चिंता जताई है कि आसन्न चुनाव इजरायली सेना की वापसी की गति को और धीमा कर सकते हैं, जबकि लेबनान दक्षिण में अपनी सेना के लिए अधिक परिचालन नियंत्रण की माँग कर रहा है। अमेरिकी अधिकारी ने इस ट्राइलेटरल फ्रेमवर्क को स्थायी शांति का एकमात्र मार्ग बताते हुए कहा, "ट्राइलेटरल फ्रेमवर्क ही स्थायी शांति का एकमात्र रास्ता है। इसे पूरी तरह से लागू करना दोनों देशों के साफ हित में है और ट्रंप सरकार इसकी सफलता के लिए प्रतिबद्ध है।" यह वार्ता उस पृष्ठभूमि में और महत्वपूर्ण हो जाती है जब लेबनानी राष्ट्रपति औन की पिछले सप्ताह राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई बैठक को सकारात्मक बताया गया था।
आगे की राह
रोम में होने वाली तीन दिवसीय बैठक के नतीजे तय करेंगे कि पायलट जोन मॉडल को सीमा के अन्य हिस्सों तक विस्तारित किया जा सकता है या नहीं। अमेरिका इसे इजरायल और लेबनान के बीच दशकों पुराने तनाव को एक टिकाऊ सुरक्षा व्यवस्था में बदलने के मुख्य मार्ग के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। रोम बैठक की सफलता या विफलता दोनों पक्षों की आगामी कूटनीतिक दिशा निर्धारित करेगी।