नागरिकता धोखाधड़ी: पाकिस्तानी मूल के दोषी की अमेरिकी नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई शुरू
सारांश
Key Takeaways
- हसन शेरजिल खान, पाकिस्तान में जन्मे व्यक्ति की अमेरिकी नागरिकता रद्द करने के लिए न्याय विभाग ने सिविल शिकायत दर्ज की।
- खान को जनवरी 2016 में नाबालिग के यौन शोषण का अपराध कबूल करने के बाद 17 वर्ष की जेल की सजा सुनाई गई।
- पीड़िता से उसकी पहली ऑनलाइन मुलाकात 2007 में हुई थी, जब वह मात्र 11 वर्ष की थी।
- अप्रैल 2012 में खान ने इंग्लैंड जाकर 15 वर्षीय पीड़िता के साथ यौन संबंध बनाए।
- खान ने अगस्त 2012 में नागरिकता आवेदन में अपने सभी अपराध छिपाए और मई 2013 में नागरिकता प्राप्त की।
- न्याय विभाग का तर्क है कि शपथपूर्वक झूठ और तथ्य छिपाने के कारण यह नागरिकता संघीय कानून के तहत अवैध है।
वाशिंगटन, 25 अप्रैल — अमेरिकी न्याय विभाग ने पाकिस्तान में जन्मे हसन शेरजिल खान की अमेरिकी नागरिकता रद्द कराने के लिए एक औपचारिक सिविल शिकायत अदालत में दाखिल की है। खान को एक नाबालिग लड़की के यौन शोषण और उसे अनैतिक कृत्यों के लिए प्रेरित करने का दोषी पाया गया था। विभाग का स्पष्ट आरोप है कि उसने अपने आपराधिक इतिहास को छिपाकर और शपथपूर्वक झूठी जानकारी देकर अमेरिकी नागरिकता हासिल की।
कौन है हसन शेरजिल खान?
हसन शेरजिल खान को मई 2013 में अमेरिकी नागरिकता प्रदान की गई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, नागरिकता मिलने से कई वर्ष पूर्व से ही वह गंभीर आपराधिक गतिविधियों में लिप्त था। संघीय कानून के तहत न्याय विभाग का तर्क है कि यह नागरिकता अवैध तरीके से प्राप्त की गई थी, इसलिए इसे तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए।
अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार, खान की पीड़ित से पहली मुलाकात 2007 में ऑनलाइन माध्यम से हुई थी, जब पीड़िता मात्र 11 वर्ष की थी। उसने वर्षों तक इंटरनेट चैट और वीडियो कॉल के जरिए पीड़िता पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया, उससे अश्लील सामग्री मंगवाई और यौन गतिविधियों में भाग लेने के लिए मजबूर किया।
इंग्लैंड में किया गया यौन अपराध
अभियोजकों के मुताबिक, अप्रैल 2012 में हसन अमेरिका से इंग्लैंड गया, जहां पीड़िता निवास करती थी। उस समय पीड़िता की आयु 15 वर्ष थी और खान 24 वर्ष का था। वहां उसने पीड़िता के साथ यौन संबंध स्थापित किए — यह कृत्य दोनों देशों के कानून के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
सुनवाई के दौरान हसन ने स्वयं अपना अपराध स्वीकार किया। उसने अदालत में कहा, "मुझे पता था कि मेरा यह व्यवहार न केवल गैर-कानूनी था, बल्कि नैतिक रूप से भी पूरी तरह गलत था।" यह स्वीकारोक्ति उसके खिलाफ अभियोजन पक्ष के मामले को और मजबूत बनाती है।
झूठे दस्तावेज और नागरिकता की धोखाधड़ी
न्याय विभाग के अनुसार, हसन 2013 तक लगातार ऑनलाइन माध्यम से पीड़िता का शोषण करता रहा। इसी बीच उसने अगस्त 2012 में अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन किया। आवेदन पत्र और इंटरव्यू दोनों में उसने दावा किया कि उसने कभी कोई ऐसा अपराध नहीं किया जिसके लिए उसे गिरफ्तार किया गया हो — जबकि अभियोजन पक्ष के अनुसार यह दावा सरासर झूठ था।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी में नागरिकता के लिए अनिवार्य नैतिक चरित्र का अभाव था। उसने शपथ लेकर झूठ बोला और जानबूझकर महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया। यदि उसने सच्चाई बताई होती, तो उसे नागरिकता के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाता।
गिरफ्तारी, दोषसिद्धि और सजा
पीड़िता की शिकायत के बाद 2015 में हसन शेरजिल खान को गिरफ्तार किया गया। जनवरी 2016 में उसने नाबालिग को जबरदस्ती करने और बहकाने के अपराध को अदालत में स्वीकार किया। उसे 17 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई और वह अभी भी जेल में बंद है।
व्यापक संदर्भ: अमेरिका में नागरिकता धोखाधड़ी के खिलाफ बढ़ती सख्ती
यह मामला उस व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है जिसमें अमेरिकी प्रशासन उन लोगों की नागरिकता रद्द करने के लिए कानूनी कार्रवाई तेज कर रहा है जिन्होंने धोखाधड़ी से नागरिकता प्राप्त की। अमेरिकी न्याय विभाग के अंतर्गत डिनेचुरलाइजेशन सेक्शन ऐसे मामलों की पहचान कर अभियोजन चलाता है जहां नागरिकता प्राप्ति में जानबूझकर तथ्य छिपाए गए हों।
गौरतलब है कि अमेरिका में नागरिकता रद्द करना (Denaturalization) एक दुर्लभ लेकिन शक्तिशाली कानूनी प्रक्रिया है। इस मामले में खान का आपराधिक रिकॉर्ड, उसकी स्वयं की स्वीकारोक्ति और शपथपत्र में झूठ — तीनों मिलकर अभियोजन पक्ष के लिए ठोस आधार प्रस्तुत करते हैं।
आने वाले हफ्तों में अदालत इस सिविल शिकायत पर सुनवाई करेगी। यदि न्यायालय न्याय विभाग के पक्ष में फैसला देता है, तो हसन शेरजिल खान अमेरिकी नागरिकता से वंचित हो जाएगा — जो इस श्रेणी के मामलों में एक महत्वपूर्ण मिसाल बनेगी।