उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 19 IAS और 10 PCS अधिकारियों के तबादले, कई जिलों में नई कमान
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड सरकार ने 23 मई 2026 को एक बड़े प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत 19 आईएएस और 10 पीसीएस अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए। सरकार के अनुसार, प्रशासनिक तंत्र को अधिक सक्षम और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह व्यापक फेरबदल किया गया है। देहरादून से लेकर हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर तक कई ज़िलों में नई प्रशासनिक कमान स्थापित की गई है।
वरिष्ठ IAS अधिकारियों को मिले नए दायित्व
आईएएस अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम को मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड के पद के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य एवं दुग्ध विकास विभाग की जिम्मेदारी बरकरार रखते हुए अब उच्च शिक्षा विभाग का सचिव भी नियुक्त किया गया है। वहीं डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा से तकनीकी शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी हटाकर उन्हें केवल उच्च शिक्षा विभाग तक सीमित किया गया है।
आईएएस विनय शंकर पांडे को नागरिक उड्डयन, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें स्वास्थ्य आयुक्त और यूके हेल्थ सिस्टम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का प्रभार भी सौंपा गया है।
देहरादून में बदली कमान, सविन बंसल को अतिरिक्त प्रभार
देहरादून के जिलाधिकारी और स्मार्ट सिटी के सीईओ सविन बंसल को अब सचिव नियोजन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। उनके स्थान पर आईएएस आशीष चौहान को देहरादून का जिलाधिकारी और स्मार्ट सिटी सीईओ की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आईएएस अपूर्वा पांडे को बागेश्वर का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि आकांक्षा कोंडे को विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक की जिम्मेदारी दी गई है।
अन्य प्रमुख नियुक्तियाँ
संजय कुमार को हल्द्वानी में समाज कल्याण निदेशक नियुक्त किया गया है। आईएएस नमामि बंसल को विद्यालयी शिक्षा विभाग में अपर सचिव की जिम्मेदारी मिली है। संदीप तिवारी को मिशन NHM निदेशक और MD GMVN बनाया गया है, जबकि दीप्ति सिंह को अल्पसंख्यक कल्याण और खेल विभाग का प्रभार सौंपा गया है।
PCS अधिकारियों में भी व्यापक बदलाव
पीसीएस अधिकारियों में भी बड़े स्तर पर फेरबदल हुआ है। गिरधारी सिंह रावत को सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में अपर सचिव नियुक्त किया गया है। इलागिरि को दुग्ध और महिला डेयरी विकास निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है। हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत सहित कई ज़िलों में डिप्टी कलेक्टर और एडीएम स्तर पर भी तबादले किए गए हैं।
क्या होगा आगे
इस व्यापक प्रशासनिक पुनर्गठन को राज्य सरकार की आगामी योजनाओं और विकास कार्यों को गति देने की दिशा में एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि इस पैमाने का फेरबदल आमतौर पर बड़े नीतिगत कार्यक्रमों के क्रियान्वयन से पहले किया जाता है। नवनियुक्त अधिकारियों के कार्यभार ग्रहण करने के बाद ज़िला-स्तरीय प्रशासन की प्राथमिकताएँ स्पष्ट होंगी।