20 अगस्त 2026
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चिनाब ब्रिज पर 100 किमी/घंटा वंदे भारत: उत्तर रेलवे ने मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया

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चिनाब ब्रिज पर 100 किमी/घंटा वंदे भारत: उत्तर रेलवे ने मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया

सारांश

उत्तर रेलवे ने साफ किया — चिनाब ब्रिज पर 100 किमी/घंटा की मंजूरी मिली है, पर वंदे भारत अभी उस रफ्तार से नहीं चली। मीडिया में फैली खबर को रेलवे ने 'सूचना में कमी' बताया। मंजूरी मिलने के बाद यह ऐतिहासिक पल अब बस कुछ ही कदम दूर है।

मुख्य बातें

उत्तर रेलवे ने 20 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि चिनाब ब्रिज पर 100 किमी/घंटा की रफ्तार से वंदे भारत का परिचालन अभी तक नहीं हुआ है।
बनिहाल–कटरा सेक्शन पर 100 किमी/घंटा की गति की मंजूरी रेलवे मंत्रालय से मिल चुकी है।
मौजूदा गति सीमा — कटरा–संगलदान : 85 किमी/घंटा ; संगलदान–बनिहाल : 75 किमी/घंटा ।
रेलवे ने माना कि मीडिया को 'मंजूरी' और 'वास्तविक परिचालन' के बीच का अंतर स्पष्ट नहीं किया गया था।
सभी सुरक्षा शर्तें पूरी होने के बाद ही बढ़ी हुई रफ्तार पर ट्रेन चलाई जाएगी।

उत्तर रेलवे ने 20 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि वंदे भारत ट्रेन को बनिहाल–श्री माता वैष्णो देवी कटरा रेल सेक्शन पर 100 किमी/घंटा की रफ्तार से चलाने की मंजूरी तो मिल चुकी है, लेकिन चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊँचे रेलवे पुल पर अभी तक इस रफ्तार से कोई ट्रेन नहीं चलाई गई है। रेलवे ने यह खंडन उन मीडिया रिपोर्टों के बाद जारी किया जिनमें दावा किया गया था कि वंदे भारत चिनाब या अंजी ब्रिज पर 100 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ चुकी है।

क्या हुई चूक

उत्तर रेलवे के अधिकारियों ने मीडिया को दिए बयान में माना कि सूचना देने में कमी रह गई। अधिकारियों के अनुसार, पत्रकारों को यह बताया गया था कि वंदे भारत के संचालन की मंजूरी मिल गई है, जबकि वास्तव में उस रफ्तार पर अभी तक ट्रेन का परिचालन शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, 'बनिहाल से श्री माता वैष्णो देवी कटरा रेल सेक्शन पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाकर 100 किमी/घंटा करने की मंजूरी दे दी गई है। अभी तक किसी भी ट्रेन को इस रफ्तार से नहीं चलाया गया है।'

गौरतलब है कि इससे पहले उत्तर रेलवे के कुछ अधिकारियों ने ही कहा था कि वंदे भारत चिनाब रेलवे ब्रिज पर 100 किमी/घंटा की रफ्तार से चली है — जो बाद में असत्य साबित हुआ।

मौजूदा गति सीमाएँ

फिलहाल कटरा–संगलदान सेक्शन पर अधिकतम अनुमत गति 85 किमी/घंटा और संगलदान–बनिहाल सेक्शन पर 75 किमी/घंटा निर्धारित है। रेलवे मंत्रालय से कटरा–बनिहाल सेक्शन पर अधिकतम अनुमत गति बढ़ाने की मंजूरी मिलने के बाद वंदे भारत पहली बार इस ऐतिहासिक पुल पर लगभग 100 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेगी।

सुरक्षा मानक और मंजूरी

उत्तर रेलवे ने स्पष्ट किया है कि गति सीमा में यह बदलाव सभी जरूरी सुरक्षा शर्तों का पालन सुनिश्चित करने के बाद ही स्वीकृत किया गया है। जम्मू के वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि रफ्तार बढ़ने से यात्रा का समय कम होगा और जम्मू-कश्मीर के बीच रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

सिंघल ने कहा, 'इस कदम से यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा, साथ ही इस इलाके में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।'

आम जनता पर असर

गति सीमा में बदलाव के बाद श्री माता वैष्णो देवी कटरा और बनिहाल के बीच यात्रा का समय और कम होने की उम्मीद है। यह बदलाव तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगा।

आगे क्या

अनुमोदन मिल चुका है और सभी सुरक्षा शर्तें पूरी होने की पुष्टि के बाद वंदे भारत को चिनाब ब्रिज पर 100 किमी/घंटा की रफ्तार से चलाया जाएगा। रेलवे ने इसके लिए कोई निश्चित तिथि अभी घोषित नहीं की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें अपुष्ट दावे तेजी से वायरल होते हैं। रेलवे के अपने अधिकारियों ने पहले जो कहा और बाद में जो खंडन आया — यह जवाबदेही का प्रश्न उठाता है। असली खबर यह है कि मंजूरी मिल चुकी है और परिचालन निकट है — लेकिन सटीक तथ्य-जाँच के बिना उत्साह सूचना को विकृत कर सकता है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या वंदे भारत चिनाब ब्रिज पर 100 किमी/घंटा की रफ्तार से चल चुकी है?
नहीं। उत्तर रेलवे ने 20 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि अभी तक किसी भी ट्रेन को चिनाब ब्रिज पर 100 किमी/घंटा की रफ्तार से नहीं चलाया गया है। मंजूरी मिली है, लेकिन वास्तविक परिचालन शुरू नहीं हुआ।
बनिहाल–कटरा सेक्शन पर 100 किमी/घंटा की मंजूरी कब मिली?
रेलवे मंत्रालय ने कटरा–बनिहाल रेल सेक्शन पर अधिकतम अनुमत गति बढ़ाकर 100 किमी/घंटा करने की मंजूरी दे दी है। हालाँकि, इस बढ़ी हुई रफ्तार पर ट्रेन चलाने की तिथि अभी घोषित नहीं की गई है।
फिलहाल चिनाब ब्रिज पर ट्रेनें किस रफ्तार से चलती हैं?
अभी कटरा–संगलदान सेक्शन पर अधिकतम गति 85 किमी/घंटा और संगलदान–बनिहाल सेक्शन पर 75 किमी/घंटा निर्धारित है। 100 किमी/घंटा की मंजूरी मिलने के बाद यह सीमा बढ़ेगी।
मीडिया में गलत खबर कैसे फैली?
उत्तर रेलवे के अधिकारियों ने माना कि पत्रकारों को 'मंजूरी मिलने' और 'वास्तविक परिचालन शुरू होने' के बीच का अंतर स्पष्ट नहीं किया गया, जिसके कारण कुछ रिपोर्टों में यह भ्रामक दावा किया गया कि ट्रेन 100 किमी/घंटा पर दौड़ चुकी है।
रफ्तार बढ़ने से यात्रियों को क्या फायदा होगा?
जम्मू के वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक उचित सिंघल के अनुसार, गति बढ़ने से श्री माता वैष्णो देवी कटरा और बनिहाल के बीच यात्रा का समय कम होगा और क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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