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क्या वेदांता के शेयरों में गिरावट का कारण अमेरिकी शॉर्ट-सेलर फर्म के आरोप हैं?

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क्या वेदांता के शेयरों में गिरावट का कारण अमेरिकी शॉर्ट-सेलर फर्म के आरोप हैं?

सारांश

कमोडिटी कंपनी वेदांता के शेयरों में गिरावट के पीछे अमेरिकी शॉर्ट-सेलर फर्म वायसराय रिसर्च की रिपोर्ट है, जिसमें इसे पोंजी योजना के समान बताया गया। कंपनी ने आरोपों को खारिज किया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके संभावित प्रभाव।

मुख्य बातें

वेदांता के शेयरों में गिरावट का कारण वायसराय रिसर्च की रिपोर्ट है।
कंपनी ने आरोपों को खारिज किया है।
रिपोर्ट ने वेदांता को पोंजी योजना जैसा बताया है।
बाजार में अस्थिरता का प्रभाव कंपनियों पर पड़ता है।

मुंबई, 9 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। कमोडिटी कंपनी वेदांता के शेयरों में बुधवार को इंट्र-डे में जबरदस्त गिरावट देखी गई। इसका कारण अमेरिकी शॉर्ट-सेलर फर्म वायसराय रिसर्च की रिपोर्ट है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि यह समूह एक "पोंजी" योजना की तरह है। हालांकि, अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली कंपनी ने इस दावे का खंडन किया है।

रिपोर्ट में कहा गया है, "समूह की संपूर्ण संरचना वित्तीय रूप से अस्थिर है, और यह लेंडर्स के लिए गंभीर लो वैल्यूएशन रिस्क उत्पन्न कर सकता है।"

अमेरिकी शॉर्ट सेलर फर्म के अनुसार, वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड एक होल्डिंग कंपनी है, जो अपने ऋणों का भुगतान करने के लिए वेदांता लिमिटेड से प्राप्त राशि पर निर्भर है, क्योंकि इसका कोई बड़ा व्यवसाय नहीं है।

रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि इससे वेदांता को अधिक कर्ज लेने और अपने रिजर्व समाप्त करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, वेदांता में प्रमोटर्स की होल्डिंग मार्च 2025 तक 56.38 प्रतिशत थी।

वायसराय ने कहा, "वेदांता रिसोर्सेज द्वारा अपने अल्पकालिक दायित्वों को पूरा करने के लिए उठाए गए कदम सीधे तौर पर उसके ऋणदाताओं की मूलधन वसूलने की दीर्घकालिक क्षमता को नुकसान पहुंचाते हैं।" रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि यह स्थिति एक "पोंजी" योजना जैसी है।

वायसराय ने आरोप लगाया कि सॉल्वेंसी बनाए रखने के लिए, समूह ने महत्वपूर्ण अघोषित देनदारियों को स्थगित किया था और नए ऋण और अकाउंटिंग परिवर्तनों पर निर्भर था। इसके अलावा, रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि समूह दिवालिया हो सकता है।

यह रिपोर्ट गुरुवार को वेदांता की आगामी वार्षिक आम बैठक (एजीएम) से पहले जारी की गई।

वेदांता समूह ने इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए इसे समूह को बदनाम करने के लिए जानबूझकर फैलाए गए गलत सूचनाओं और निराधार आरोपों का मिश्रण बताया।

कंपनी ने कहा कि रिपोर्ट वेदांता से प्रतिक्रिया लेने के किसी भी प्रयास के बिना जारी की गई थी और आरोप लगाया कि यह केवल बाजार में गलत धारणा को भड़काने के लिए बनाई गई है।

वेदांता समूह ने कहा कि रिपोर्ट में केवल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी का संकलन किया गया है, जिसे संदर्भ से बाहर निकालकर भ्रामक तरीके से प्रस्तुत किया गया है ताकि इसे लेकर बाजार में प्रतिक्रिया से लाभ उठाया जा सके।

वेदांता समूह के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, "रिपोर्ट का समय संदिग्ध है और यह आगामी कॉर्पोरेट पहलों को कमजोर करने के लिए हो सकता है। हमारे पक्षकार ऐसी चालों को समझते हैं।"

वेदांता के शेयर की शुरुआत तेजी के साथ हुई थी, लेकिन वायसराय रिसर्च की रिपोर्ट के बाद इसमें गिरावट आई। दोपहर 3:15 बजे शेयर 3.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 440.85 रुपए पर था।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सतर्क निवेशकों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। हम हमेशा अपने पाठकों को सटीक और निष्पक्ष जानकारी प्रदान करते हैं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वेदांता के शेयरों में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
अमेरिकी शॉर्ट-सेलर फर्म वायसराय रिसर्च की रिपोर्ट, जिसमें वेदांता को पोंजी योजना जैसा बताया गया है।
क्या वेदांता ने आरोपों का खंडन किया है?
हाँ, वेदांता ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे गलत और भ्रामक बताया है।
क्या वेदांता के शेयरों में और गिरावट होने की संभावना है?
बाजार की प्रतिक्रियाओं के आधार पर यह संभव है, लेकिन कंपनी ने अपने पक्ष को स्पष्ट किया है।
राष्ट्र प्रेस
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