मीनाक्षी मंदिर दर्शन से पहले CM विजय को आस्था घोषणा-पत्र पर करने पड़ सकते हैं हस्ताक्षर, 28 सितंबर को मदुरै दौरा
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय अपने पद ग्रहण के बाद 28 सितंबर 2026 को मदुरै की पहली आधिकारिक यात्रा पर जाएँगे, जिसमें वे मीनाक्षी अम्मन मंदिर में पूजा-अर्चना कर सकते हैं। मंदिर अधिकारियों के अनुसार, गर्भगृह में प्रवेश से पूर्व उन्हें हिंदू धर्म में आस्था की पुष्टि करते हुए एक घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा जा सकता है।
घोषणा-पत्र की आवश्यकता क्यों
मंदिर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि देवी मीनाक्षी और भगवान सुंदरेश्वर के गर्भगृह में केवल हिंदुओं को ही प्रवेश की अनुमति है। उन्होंने मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ के उस आदेश का हवाला दिया, जिसके अंतर्गत गैर-हिंदुओं को एक घोषणा-पत्र या आवेदन-पत्र पर हस्ताक्षर करने के बाद पूजा की अनुमति दी जाती है। मुख्यमंत्री विजय ईसाई धर्म के अनुयायी हैं; अतः अधिकारियों के अनुसार, यदि वे मंदिर जाते हैं तो उन्हें हिंदू धर्म में आस्था बताते हुए इस औपचारिकता से गुज़रना होगा।
दिन का कार्यक्रम
मुख्यमंत्री के सुबह 11 बजे निजी विमान से मदुरै पहुँचने की संभावना है। एयरपोर्ट रोड पर बैरिकेड लगाए गए हैं और वे खुली छत वाली गाड़ी से समर्थकों का अभिवादन कर सकते हैं। इसके बाद उनका काफिला रिंग रोड होते हुए सरकारी राजाजी अस्पताल जाएगा।
दोपहर 1 बजे, मुख्यमंत्री विजय ₹10.25 करोड़ की लागत से नवीनीकृत गांधी संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वे सर्किट हाउस में विश्राम करेंगे। शाम 4 बजे के बाद मंदिर जाने की संभावना है, हालाँकि पुलिस ने कहा है कि अभी तक आधिकारिक कार्यक्रम में केवल अस्पताल और संग्रहालय के कार्यक्रम ही शामिल हैं।
थाई मामन गोल्ड रिंग स्कीम का शुभारंभ
राजाजी अस्पताल में मुख्यमंत्री 'थाई मामन गोल्ड रिंग स्कीम' की शुरुआत करेंगे, जो सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं के लिए बनाई गई है। यह योजना उनकी सरकार की महत्त्वाकांक्षी कल्याण प्रतिबद्धताओं में से एक है।
सुरक्षा व्यवस्था और मंदिर की तैयारियाँ
पुलिस ने अस्पताल, संग्रहालय और मंदिर की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। खबरों के अनुसार, अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे किसी सरकारी कार्यालय में मुख्यमंत्री के अचानक रुकने की संभावना के लिए तैयार रहें।
यदि मंदिर दर्शन का कार्यक्रम तय होता है, तो मंदिर प्रशासन पारंपरिक 'पूर्ण कुंभम' से उनका स्वागत करने की तैयारी में है। दोपहर से लेकर उनके प्रस्थान तक सामान्य भक्तों के मंदिर-प्रवेश पर रोक लगाई जा सकती है। मुख्यमंत्री के शाम 5 बजे मदुरै से चेन्नई के लिए रवाना होने का कार्यक्रम है।
आगे की स्थिति
मंदिर दौरे सहित अंतिम कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब मुख्यमंत्री विजय की धार्मिक पृष्ठभूमि और मंदिर-प्रवेश से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएँ तेज़ हैं। उनका यह मदुरै दौरा न केवल प्रशासनिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।