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राजा भोज और रानी कमलापति पर डाक टिकट जारी, सिंधिया बोले — 'विरासत को नया सम्मान'

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राजा भोज और रानी कमलापति पर डाक टिकट जारी, सिंधिया बोले — 'विरासत को नया सम्मान'

सारांश

डाक विभाग ने राजा भोज और रानी कमलापति के सम्मान में विशेष टिकट जारी किए — केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने इसे 'विकास भी, विरासत भी' की नीति का विस्तार बताया। साथ ही शिवपुरी में BJP प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल से संगठन मजबूती पर घंटेभर की बैठक हुई।

मुख्य बातें

डाक विभाग ने राजा भोज और रानी कमलापति के सम्मान में विशेष डाक टिकट जारी किए।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे मध्य प्रदेश और भोपाल की ऐतिहासिक अस्मिता का सम्मान बताया।
सिंधिया ने कहा कि यह पहल 'विकास भी, विरासत भी' के मंत्र और PM मोदी की सांस्कृतिक नीति के अनुरूप है।
शिवपुरी के नक्षत्र गार्डन में सिंधिया और BJP प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच लगभग एक घंटे की बैठक हुई।
बैठक में बूथ स्तर तक कार्यकर्ता सशक्तिकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुँच पर चर्चा हुई।

केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 25 मई 2026 को डाक विभाग द्वारा राजा भोज और रानी कमलापति के सम्मान में जारी किए गए विशेष डाक टिकटों को मध्य प्रदेश और भोपाल की ऐतिहासिक अस्मिता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल 'विकास भी, विरासत भी' के मंत्र को साकार करती है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में आगे बढ़ाया जा रहा है।

विरासत को मिला नया सम्मान

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि राजा भोज और रानी कमलापति केवल इतिहास के पात्र नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और सभ्यता के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने इस अवसर पर डाक विभाग को बधाई देते हुए कहा कि भारतीय इतिहास और सांस्कृतिक धरोहरों को सम्मानित करने की यह शृंखला देश के सांस्कृतिक आत्मविश्वास को और मजबूत करेगी।

सिंधिया के अनुसार, डाक टिकट देश की सांस्कृतिक स्मृतियों को संजोने का सशक्त माध्यम हैं और यह पहल भारत की समृद्ध परंपराओं को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य करेगी।

आने वाली पीढ़ियों से जुड़ाव का प्रयास

सिंधिया ने कहा कि इन महान ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के नाम पर डाक टिकट जारी करना केवल औपचारिक सम्मान नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को उनकी ऐतिहासिक जड़ों, संस्कृति और विरासत से जोड़ने का सशक्त प्रयास है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हाल के वर्षों में कई ऐतिहासिक स्थलों और व्यक्तित्वों को पुनः राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में कदम उठाए हैं।

शिवपुरी में सिंधिया-खंडेलवाल की मुलाकात

इससे पहले, केंद्रीय मंत्री सिंधिया अपने संसदीय क्षेत्र गुना के प्रवास पर थे, जहाँ शिवपुरी के नक्षत्र गार्डन में उनकी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से शिष्टाचार मुलाकात हुई। खंडेलवाल शिवपुरी में आयोजित एक प्रशिक्षण वर्ग में भाग लेने पहुँचे थे।

दोनों नेताओं के बीच लगभग एक घंटे तक संगठन, जनसेवा, कार्यकर्ता सशक्तिकरण और मध्य प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

संगठन और सरकार के समन्वय पर जोर

बैठक में बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी, जनता के बीच संवाद को प्रभावी बनाने और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने पर चर्चा हुई। सिंधिया ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) एक विचार-आधारित संगठन है और इसकी वास्तविक शक्ति उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि संगठन और सरकार के बेहतर समन्वय से ही विकास की गति को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

यह बैठक ऐसे समय में हुई जब मध्य प्रदेश में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर BJP की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं और पार्टी जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे केंद्र सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में तेज किया है — चाहे वह रेलवे स्टेशनों का नामकरण हो या ऐतिहासिक स्थलों का पुनर्निर्माण। सवाल यह है कि प्रतीकात्मक सम्मान के साथ-साथ इन व्यक्तित्वों के योगदान पर शोध, शिक्षा और पाठ्यक्रम में कितनी ठोस पहल हो रही है। शिवपुरी में सिंधिया-खंडेलवाल की बैठक संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि मध्य प्रदेश में BJP को जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ बनाए रखने की चुनौती बनी हुई है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजा भोज और रानी कमलापति पर डाक टिकट क्यों जारी किए गए?
डाक विभाग ने मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने के उद्देश्य से राजा भोज और रानी कमलापति के नाम पर विशेष डाक टिकट जारी किए। केंद्रीय मंत्री सिंधिया के अनुसार, यह पहल 'विकास भी, विरासत भी' की नीति के तहत भारत की सांस्कृतिक स्मृतियों को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इन डाक टिकटों को लेकर क्या कहा?
सिंधिया ने कहा कि राजा भोज और रानी कमलापति हमारी सांस्कृतिक चेतना और सभ्यता के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने इसे आने वाली पीढ़ियों को ऐतिहासिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त प्रयास बताया।
सिंधिया और हेमंत खंडेलवाल की शिवपुरी बैठक में क्या हुआ?
शिवपुरी के नक्षत्र गार्डन में हुई इस बैठक में दोनों नेताओं ने लगभग एक घंटे तक संगठन मजबूती, बूथ स्तर पर कार्यकर्ता भागीदारी और जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुँच पर चर्चा की। BJP प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल शिवपुरी में एक प्रशिक्षण वर्ग में भाग लेने पहुँचे थे।
'विकास भी, विरासत भी' का मंत्र क्या है?
यह PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की उस नीतिगत सोच को दर्शाता है, जिसमें आर्थिक विकास के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को पुनः सम्मान और पहचान दिलाना शामिल है। इसके तहत ऐतिहासिक स्थलों, व्यक्तित्वों और परंपराओं को राष्ट्रीय पटल पर उजागर किया जा रहा है।
रानी कमलापति कौन थीं?
रानी कमलापति भोपाल की अंतिम हिंदू रानी थीं, जिन्हें मध्य प्रदेश में विशेष ऐतिहासिक महत्व प्राप्त है। भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम भी उनके सम्मान में 'रानी कमलापति रेलवे स्टेशन' रखा जा चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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