पश्चिम गारो हिल्स में हिंसा की आशंकाओं के कारण कर्फ्यू बढ़ाया गया

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पश्चिम गारो हिल्स में हिंसा की आशंकाओं के कारण कर्फ्यू बढ़ाया गया

सारांश

मेघालय के पश्चिम गारो हिल्स जिले में हाल की हिंसा के चलते कर्फ्यू को बढ़ा दिया गया है। यह निर्णय स्थानीय प्रशासन ने तनाव की स्थिति को देखते हुए लिया है। जानें, क्या हैं इसके पीछे के कारण और प्रशासन की क्या हैं तैयारियाँ।

Key Takeaways

  • कर्फ्यू का समय: 19 मार्च शाम 6 बजे से 20 मार्च सुबह 6 बजे तक।
  • छूट अवधि: सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक 12 घंटे की छूट।
  • सुरक्षा उपाय: अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती।
  • हिंसा के कारण: गैर-आदिवासी व्यक्तियों पर प्रतिबंध के खिलाफ प्रदर्शन।
  • कानूनी कार्रवाई: कर्फ्यू के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई।

शिलांग, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मेघालय के प्राधिकरणों ने हाल की हिंसा के बाद उत्पन्न तनाव की संभावनाओं को देखते हुए पश्चिम गारो हिल्स जिले में रात्रि कर्फ्यू को एक और दिन बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह जानकारी बुधवार को अधिकारियों द्वारा दी गई।

जिला मजिस्ट्रेट और उपायुक्त द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार, कर्फ्यू 19 मार्च को शाम 6 बजे से 20 मार्च को सुबह 6 बजे तक लागू रहेगा।

हालांकि, निवासियों को आवश्यक और नियमित गतिविधियों को पूरा करने की अनुमति देने के लिए सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक 12 घंटे की छूट दी गई है।

छूट अवधि में, स्कूल, कॉलेज, सरकारी और निजी कार्यालय, बैंक और अन्य प्रतिष्ठान खुले रहेंगे, लेकिन अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

जिले के कुछ हिस्सों में हुई हिंसा की घटनाओं के बाद सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के अंतर्गत 17 मार्च को पहली बार कर्फ्यू लगाया गया था।

यह हिंसा मुख्यतः उस अधिसूचना के खिलाफ प्रदर्शनों के कारण भड़की थी, जिसमें गैर-आदिवासी व्यक्तियों को आदिवासी परिषद चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने से प्रतिबंधित किया गया था।

तुरा और आसपास के क्षेत्रों में ये प्रदर्शन हिंसक झड़पों में बदल गए, जिससे तोड़फोड़ और संपत्ति को नुकसान पहुँचा।

अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस हिंसा में कम से कम दो लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

इसके बाद से पश्चिम गारो हिल्स में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है।

झड़पों से संबंधित कई व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है और आगे की अशांति को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।

कर्फ्यू के साथ-साथ निषेधाज्ञा भी लागू है, जिसके अनुसार बिना पूर्व अनुमति के सार्वजनिक सभाओं, रैलियों और जुलूसों पर प्रतिबंध है।

प्रशासन ने पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने, बिना अनुमति के लाउडस्पीकर का उपयोग करने और हथियार या हिंसा भड़काने वाली किसी भी वस्तु को ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ये प्रतिबंध खुफिया जानकारी के आधार पर लगाए गए हैं और जिले में सामान्य स्थिति बहाल करने और शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं।

Point of View

प्रशासन ने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। कर्फ्यू और निषेधाज्ञा के माध्यम से शांति और व्यवस्था को बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। हाल की घटनाएं नागरिकों के लिए चिंता का विषय हैं और प्रशासन को इस स्थिति को संभालने में सतर्क रहना होगा।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

कर्फ्यू कब तक लागू रहेगा?
कर्फ्यू 19 मार्च को शाम 6 बजे से 20 मार्च को सुबह 6 बजे तक लागू रहेगा।
क्या कर्फ्यू के दौरान कोई छूट है?
हां, सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक 12 घंटे की छूट दी गई है।
हिंसा के कारण क्या हैं?
हिंसा मुख्यतः गैर-आदिवासी व्यक्तियों के चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने पर प्रतिबंध के खिलाफ प्रदर्शनों के कारण भड़की।
अधिकारियों ने सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं?
अधिकारियों ने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया है।
कर्फ्यू के उल्लंघन पर क्या कार्रवाई की जाएगी?
उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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