29 जून 2026
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विंबलडन 2026: क्वालीफायर सावांगकाव ने 20वीं सीड चवालिनस्का को 2-6, 7-5, 6-2 से हराया, थाईलैंड की पहली ग्रैंड स्लैम जीत

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विंबलडन 2026: क्वालीफायर सावांगकाव ने 20वीं सीड चवालिनस्का को 2-6, 7-5, 6-2 से हराया, थाईलैंड की पहली ग्रैंड स्लैम जीत

सारांश

विंबलडन 2026 का पहला बड़ा उलटफेर थाईलैंड की मनानचाया सावांगकाव ने रचा — एक मैच प्वाइंट बचाकर, चोटिल 20वीं सीड चवालिनस्का को 2 घंटे 41 मिनट में पलटकर हराया। यह ग्रैंड स्लैम मुख्य ड्रॉ में उनकी पहली जीत है और 2018 के बाद ऑल इंग्लैंड क्लब में थाईलैंड की पहली महिला सिंगल्स जीत।

मुख्य बातें

मनानचाया सावांगकाव ने 29 जून 2026 को विंबलडन के पहले दौर में 20वीं सीड माजा चवालिनस्का को 2-6, 7-5, 6-2 से हराया।
यह सावांगकाव की ग्रैंड स्लैम मुख्य ड्रॉ में पहली जीत है, जो 2 घंटे 41 मिनट में हासिल हुई।
सावांगकाव 2018 में लुक्सिका कुमखुम के बाद ऑल इंग्लैंड क्लब में महिला सिंगल्स जीतने वाली थाईलैंड की पहली खिलाड़ी बनीं।
चवालिनस्का दूसरे सेट में 5-2 आगे थीं और उनके पास एक मैच प्वाइंट भी था, लेकिन बेसलाइन पर फिसलने से दाहिने पैर में चोट आई।
हमवतन लनलाना तरारुदी की जीत की स्थिति में पहली बार दो थाई महिलाएँ एक ही ग्रैंड स्लैम के दूसरे दौर में पहुँचेंगी।

क्वालीफायर मनानचाया सावांगकाव ने 29 जून 2026 को विंबलडन के पहले दौर में 20वीं सीड पोलिश खिलाड़ी माजा चवालिनस्का को 2-6, 7-5, 6-2 से हराकर ग्रैंड स्लैम मुख्य ड्रॉ में अपनी पहली जीत दर्ज की। 2 घंटे 41 मिनट तक चले इस रोमांचक मुकाबले में सावांगकाव ने एक मैच प्वाइंट बचाया और हार की कगार से वापसी करते हुए यह ऐतिहासिक उलटफेर किया।

मैच का मुख्य घटनाक्रम

रोलैंड गैरोस की फाइनलिस्ट चवालिनस्का पहले सेट में 6-2 से जीतने के बाद दूसरे सेट में 5-2 की बढ़त और एक मैच प्वाइंट के साथ जीत के करीब थीं। हालांकि, एक गेंद का पीछा करते हुए वह बेसलाइन के पीछे फिसल गईं और उनके दाहिने पैर में चोट आ गई। सावांगकाव ने उस महत्वपूर्ण क्षण में वॉली विनर के साथ प्वाइंट जीता और मैच में वापसी की शुरुआत की।

चोट के बाद चवालिनस्का को मेडिकल टाइमआउट लेना पड़ा। 23 वर्षीय थाई खिलाड़ी ने इस अवसर का पूरा फायदा उठाया — दो तनावपूर्ण 'ड्यूस' गेम जीतते हुए स्कोर 5-5 से बराबर किया और अंततः दूसरा सेट 7-5 से अपने नाम किया।

निर्णायक सेट में सावांगकाव का दबदबा

तीसरे सेट की शुरुआत में चवालिनस्का ने ब्रेक लेकर 2-0 की बढ़त बनाई, लेकिन चोटिल दाहिने पैर के कारण सर्विस और रिटर्न दोनों में उन्हें स्पष्ट परेशानी हो रही थी। सावांगकाव ने इसके बाद मैच के शेष छह गेम लगातार जीते और 6-2 से निर्णायक सेट अपने नाम करते हुए करियर की सबसे बड़ी जीत हासिल की।

थाईलैंड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

इस जीत के साथ सावांगकाव 2018 में लुक्सिका कुमखुम के दूसरे दौर में पहुँचने के बाद ऑल इंग्लैंड क्लब में महिला सिंगल्स मैच जीतने वाली थाईलैंड की पहली खिलाड़ी बन गई हैं। गौरतलब है कि सावांगकाव इस साल के मेन ड्रॉ में शामिल दो थाई महिलाओं में से एक हैं, जिससे देश का 'ओपन एरा' रिकॉर्ड बराबर हो गया है।

यदि उनकी हमवतन लनलाना तरारुदी अपने पहले दौर के मैच में लिली टैगर को हराने में सफल होती हैं, तो यह पहली बार होगा जब दो थाई महिलाएँ एक ही ग्रैंड स्लैम के दूसरे दौर में एक साथ पहुँचेंगी।

चवालिनस्का का प्रदर्शन

चोट से पहले चवालिनस्का ने अपने क्ले-कोर्ट खेल को ग्रास-कोर्ट के अनुरूप ढालने में अच्छा प्रदर्शन किया था। पोलिश खिलाड़ी ने तेज स्लाइस, हल्के ड्रॉप शॉट और आत्मविश्वास भरे नेट प्ले का सहारा लेते हुए दूसरे सेट में 5-2 की मजबूत बढ़त बनाई थी और तीन ब्रेक प्वाइंट भी बचाए थे। यह उनके इस सीजन का पहला ग्रास-कोर्ट मैच था।

आगे क्या

सावांगकाव अब विंबलडन 2026 के दूसरे दौर में पहुँच गई हैं, जहाँ वह टॉप-30 खिलाड़ी को हराने के आत्मविश्वास के साथ उतरेंगी। थाई टेनिस के लिए यह एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर ग्रास-कोर्ट पर जहाँ ऐतिहासिक रूप से यूरोपीय खिलाड़ियों का दबदबा रहा है। चवालिनस्का की चोट ने निश्चित रूप से परिणाम को प्रभावित किया, लेकिन मैच प्वाइंट बचाकर दबाव में खेलने की सावांगकाव की मानसिक दृढ़ता को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। थाईलैंड के लिए यह संकेत है कि उनका टेनिस ढाँचा धीरे-धीरे ग्रैंड स्लैम स्तर के खिलाड़ी तैयार करने में सक्षम हो रहा है।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनानचाया सावांगकाव ने विंबलडन 2026 में किसे और कैसे हराया?
सावांगकाव ने 29 जून 2026 को विंबलडन के पहले दौर में 20वीं सीड माजा चवालिनस्का को 2-6, 7-5, 6-2 से हराया। यह मैच 2 घंटे 41 मिनट तक चला और सावांगकाव ने एक मैच प्वाइंट बचाकर यह जीत हासिल की।
चवालिनस्का को विंबलडन मैच में चोट कैसे लगी?
दूसरे सेट में 5-2 की बढ़त के दौरान चवालिनस्का एक गेंद का पीछा करते हुए बेसलाइन के पीछे फिसल गईं, जिससे उनके दाहिने पैर में चोट आई। उन्हें मेडिकल टाइमआउट लेना पड़ा और इसके बाद उनके खेल पर स्पष्ट असर दिखा।
सावांगकाव की यह जीत थाईलैंड के लिए क्यों ऐतिहासिक है?
सावांगकाव 2018 में लुक्सिका कुमखुम के बाद ऑल इंग्लैंड क्लब में महिला सिंगल्स मैच जीतने वाली थाईलैंड की पहली खिलाड़ी बनी हैं। यह ग्रैंड स्लैम मुख्य ड्रॉ में भी उनकी पहली जीत है।
लनलाना तरारुदी और थाईलैंड के दोहरे दूसरे दौर की क्या संभावना है?
यदि लनलाना तरारुदी अपने पहले दौर के मैच में लिली टैगर को हराती हैं, तो यह पहली बार होगा जब दो थाई महिलाएँ एक ही ग्रैंड स्लैम के दूसरे दौर में एक साथ पहुँचेंगी। इससे थाईलैंड का 'ओपन एरा' रिकॉर्ड भी बेहतर होगा।
विंबलडन 2026 से पहले चवालिनस्का का प्रदर्शन कैसा था?
माजा चवालिनस्का रोलैंड गैरोस 2026 की फाइनलिस्ट रही थीं और विंबलडन में 20वीं वरीयता के साथ उतरी थीं। यह उनका इस सीजन का पहला ग्रास-कोर्ट मैच था और चोट से पहले उन्होंने क्ले-कोर्ट से ग्रास-कोर्ट में अनुकूलन का अच्छा प्रदर्शन किया था।
राष्ट्र प्रेस
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