14 अक्टूबर 2026
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जुबीन गर्ग मौत मामला: आरोपी सिंगर अमृतप्रभा महंत फास्ट-ट्रैक कोर्ट में पेश, हाईकोर्ट से मिली थी जमानत

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जुबीन गर्ग मौत मामला: आरोपी सिंगर अमृतप्रभा महंत फास्ट-ट्रैक कोर्ट में पेश, हाईकोर्ट से मिली थी जमानत

सारांश

जुबीन गर्ग की सिंगापुर में मौत के एक साल से अधिक समय बाद यह मुकदमा निर्णायक मोड़ पर है — मुख्य आरोपी अमृतप्रभा महंत की जमानत और फास्ट-ट्रैक कोर्ट में पेशी के साथ सुनवाई आगे बढ़ी है। असम में 60 से अधिक एफआईआर और एसआईटी जाँच के बाद अब न्यायालय का फैसला ही आखिरी सच्चाई तय करेगा।

मुख्य बातें

आरोपी सिंगर अमृतप्रभा महंत 14 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी की फास्ट-ट्रैक कोर्ट में पेश हुईं।
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने 9 अक्टूबर को ₹50,000 के मुचलके पर जमानत दी; वे जुबीन गर्ग मामले में जमानत पाने वाली पहली आरोपी हैं।
सिंगर जुबीन गर्ग की मौत 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर के लाजरस आइलैंड के पास डूबने से हुई थी।
सिंगापुर स्टेट कोरोनर ने 25 मार्च 2026 को इसे दुर्घटनावश डूबने का मामला बताया; साजिश का कोई सबूत नहीं मिला।
असम एसआईटी की चार्जशीट में 7 आरोपी , जिनमें से 4 पर हत्या का आरोप; मई 2026 में फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने सभी पर आरोप तय किए।

गुवाहाटी में 14 अक्टूबर 2026 को असम के दिवंगत सिंगर जुबीन गर्ग की मौत से जुड़े मुकदमे में आरोपी सिंगर अमृतप्रभा महंत फास्ट-ट्रैक कोर्ट के समक्ष पेश हुईं। गुवाहाटी हाईकोर्ट से जमानत मिलने के एक दिन बाद, मंगलवार 13 अक्टूबर को उन्हें हाफलोंग सब-जेल से रिहा किया गया था, और रिहाई की शर्तों के तहत उन्हें अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था।

हाईकोर्ट का जमानत आदेश

गुवाहाटी हाईकोर्ट के जस्टिस प्रांजल दास ने 9 अक्टूबर 2026 को ₹50,000 के मुचलके और उतनी ही राशि की दो ज़मानतों पर अमृतप्रभा महंत को जमानत प्रदान की। स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर जियाउल कमर के अनुसार, अदालत ने कई दिनों तक दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था और फिर जमानत की अनुमति दी।

इस मामले में अभी तक मुख्य अभियोग से जमानत पाने वाली अमृतप्रभा पहली आरोपी हैं। वे इस मामले के एक अन्य आरोपी और जुबीन के पूर्व बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी के साथ हाफलोंग सब-जेल में न्यायिक हिरासत में थीं।

जुबीन गर्ग की मौत — मुख्य घटनाक्रम

असम के प्रसिद्ध लोक-पॉप गायक जुबीन गर्ग की 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में मृत्यु हो गई थी। वे नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में प्रस्तुति देने के लिए वहाँ गए थे और लाजरस आइलैंड के निकट समुद्र में तैरते समय डूब गए। रिपोर्टों के अनुसार, उस समय वे नशे की अवस्था में थे।

सिंगापुर के स्टेट कोरोनर ने 25 मार्च 2026 को अपनी जाँच में इसे दुर्घटनावश डूबने का मामला करार दिया और किसी साजिश या जबरदस्ती से पानी में धकेले जाने का कोई प्रमाण नहीं पाया।

असम में एसआईटी गठन और चार्जशीट

गौरतलब है कि असम में जुबीन के प्रशंसकों और आम नागरिकों की ओर से गहन जाँच की माँग उठने लगी और राज्य में 60 से अधिक एफआईआर दर्ज हुईं। इसके बाद असम सरकार ने पुलिस के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) के अंतर्गत एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया।

एसआईटी ने सिंगापुर का दौरा किया, कई गवाहों से पूछताछ की और दिसंबर 2025 में गुवाहाटी की एक अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इसमें सात लोगों को आरोपी बनाया गया, जिनमें से चार पर हत्या का आरोप लगाया गया। ये आरोप अभियोजन पक्ष की ओर से हैं और अंतिम निर्णय अदालत का होगा।

सात आरोपी और उन पर लगे आरोप

एसआईटी के अनुसार, आरोपियों में फेस्टिवल आयोजक श्यामकानु महंत, जुबीन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, पूर्व बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी, सिंगर अमृतप्रभा महंत, असम पुलिस के अधिकारी एवं जुबीन के रिश्तेदार संदीपन गर्ग, तथा उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर नंदेश्वर बोरा और प्रबीन बैश्य शामिल हैं।

एसआईटी ने श्यामकानु महंत, सिद्धार्थ शर्मा, शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृतप्रभा महंत पर हत्या का आरोप लगाया है। संदीपन गर्ग पर गैर-इरादतन हत्या का आरोप है, जबकि बोरा और बैश्य पर कथित लापरवाही और सुरक्षा कर्तव्यों में चूक के आरोप लगाए गए हैं।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट की सुनवाई

इस वर्ष मई 2026 में स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने सभी सातों आरोपियों के विरुद्ध आरोप तय किए थे। सभी ने खुद को निर्दोष बताया था। अब अमृतप्रभा महंत के जमानत पर रिहा होकर अदालत में पेश होने के बाद यह मुकदमा अगले चरण में प्रवेश कर चुका है। जुबीन गर्ग के प्रशंसक और असम के लोग अदालती कार्यवाही पर निरंतर नज़र बनाए हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

दो बिल्कुल अलग निष्कर्ष। आलोचकों का कहना है कि असम में 60 से अधिक एफआईआर दर्ज होना जाँच की मजबूरी से अधिक सार्वजनिक भावना के दबाव का परिणाम था। अब फास्ट-ट्रैक कोर्ट की भूमिका केवल सज़ा तय करने की नहीं, बल्कि यह तय करने की है कि क्या अभियोजन पक्ष का 'हत्या' का आख्यान साक्ष्य की कसौटी पर खरा उतरता है।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमृतप्रभा महंत को जमानत क्यों मिली?
गुवाहाटी हाईकोर्ट के जस्टिस प्रांजल दास ने 9 अक्टूबर 2026 को ₹50,000 के मुचलके और उतनी ही राशि की दो ज़मानतों पर अमृतप्रभा महंत को जमानत दी। कोर्ट ने कई दिनों तक दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया।
जुबीन गर्ग की मौत कैसे हुई थी?
जुबीन गर्ग की 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर के लाजरस आइलैंड के पास समुद्र में डूबने से मौत हुई थी। वे नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में प्रस्तुति देने के लिए सिंगापुर गए थे।
सिंगापुर की जाँच का क्या निष्कर्ष रहा?
सिंगापुर के स्टेट कोरोनर ने 25 मार्च 2026 को जुबीन गर्ग की मौत को दुर्घटनावश डूबने का मामला बताया। जाँच में किसी साजिश या जबरदस्ती से धकेले जाने का कोई सबूत नहीं मिला।
इस मामले में कितने आरोपी हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
एसआईटी की चार्जशीट में कुल 7 आरोपी हैं, जिनमें फेस्टिवल आयोजक श्यामकानु महंत, मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, पूर्व बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी और सिंगर अमृतप्रभा महंत पर हत्या का आरोप है। संदीपन गर्ग पर गैर-इरादतन हत्या, और नंदेश्वर बोरा तथा प्रबीन बैश्य पर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं।
असम में इतनी एफआईआर क्यों दर्ज हुईं?
जुबीन गर्ग असम के अत्यंत लोकप्रिय गायक थे और उनकी मौत की खबर से पूरे राज्य में शोक की लहर फैल गई। प्रशंसकों और आम नागरिकों की माँग पर गहरी जाँच के लिए राज्य में 60 से अधिक एफआईआर दर्ज हुईं, जिसके बाद असम सरकार ने सीआईडी के तहत एसआईटी का गठन किया।
राष्ट्र प्रेस
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